चाणक्य ने जासूसी के बल पर तख्तापलट किया था..अब चचा चाणक्य लोग जासूसी से तख्त बचाते हैं ? : संपादकीय व्यंग्य : पेगसस जासूसी कांड Pegaus spyware

Pragya Ka Panna Editorial

चाणक्य ने अपने दुश्मनों की चाल पता करवाने के लिए..दुश्मनों से सावधान रहने के लिए..देश में जासूसी (spyware) की शुरुआत की थी..आज के चचा चाणक्य लोगों ने जासूसी (spyware) को नया मकाम दिया है..चाणक्य के दुश्मन पड़ोसी राज्य होते थे..आज के चाणक्यों के दुश्मन अपने ही देश के पत्रकार हैं..अपने ही देश के जज हैं..आज के चाणक्य अपने ही देश के पत्रकारों से डरे हुए हैं..आज के चाणक्य अपने ही देश के जजों से डरे हुए हैं..चाणक्यों को अपने ही देश के नागरिकों से अपने ही देश के लेखकों से डर लगता है..पहले अइयार हुआ करते थे..गुप्तचर हुआ करते थे..अब गुप्तचरों की जगह पेगसस स्पाईवेयर (Pegaus spyware) ने ले ली है..ये आपके वाट्सअप के जरिए आपके फोन में घुस जाता है..और आपकी हर बात को निकाल लेता है..आपकी बातचीत को दुनिया के किसी कोने में बैठकर सुना जा सकता है..आपके मैसेजेज को पढ़ा जा सकता है..पेगसस (Pegaus) कौन की बला है आज उसके बारे में भी बताऊंगी..जासूसी (spyware) को डीटेल में समझाऊंगी..चैनल को सब्सक्राइब करते चलिए..पेगसस (Pegaus) मामू पान भंडार पर नहीं मिलता है..ना ही आप इसको लखनऊ की नाजा इलेक्ट्रॉनिक मार्केट से खरीद सकते हैं..इजराइल इसे सरकारों को ही बेचता है..

 भारत की सरकार कहती है कि हम लोगों की निजता का ध्यान रखते हैं..हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं...इसलिए हम इस तरह की हरकत नहीं करते..सरकार ने इससे अपने आपको अलग किया है...इतिहास गवाह है जब जब फोन टैपिंग हुई है..जब जब जासूसी हुई सरकारों ने अपनेआप को बिल्कुल अलग कर लिया है. सारकारें साधु बन जाती हैं..कोई बताने वाला नहीं बचता कि टैपिंग या फोन रिकॉर्डिंग कैसे और किसने की..लोकतंत्र में बिना परमीशन फोन टैपिंग और जासूसी गुनाह है..अब सवाल ये भी है कि अगर देश के भीतर इस तरह की जासूसी (spyware) चल रही है..सरकारों को नहीं पता है..तो ये और ज्यादा गंभीर बात है..इसका पता सरकार को लगाना चाहिए कि इजराईली कंपनी को सरकार से कड़े सवाल करने वाले पत्रकारों की फोन पर हुई बातचीत सुनने में क्या मजा आता है..भारत देश के जज का फोन टैप करना उनके मैसेजेज पढ़ना ये भारत की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है..

     दोस्तों  जिन पत्रकारों के फोन में ये पेगसस (Pegaus)  नाम के सॉफ्टवेयर से जासूसी(spyware) कराई गई है..उनमें से ज्यादातर वो पत्रकार हैं..जिन्होंने सरकार विरोधी स्टोरियां की हैं..वो नाम हैं...जो रक्षा डिफेंस या सेना से जुड़ी स्टोरियां करते आए हैं..तो दोस्तों इजराइली कंपनी पेगसस में भारत के पत्रकारों का फूफा तो बैठा नहीं है..जो भारतीय पत्रकारों का काम काज मॉनिटर कर रहा हो..भारत के पत्रकारों से डरने वाले लोग भारत में ही होंगे..रोहिणी सिंह जैसी पत्रकार जिन्होंने अमितशाह के बेट जय शाह की स्टोरी की उनसे इजराइल को क्या खतरा होगा..वो रोहिणी सिंह का फोन क्यों टेप करेगा..

लीक हुई लिस्ट में हिंदुस्तान टाइम्स, इंडिया टुडे, नेटवर्क 18, द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस के टॉप पत्रकार शामिल हैं. इनमें हिंदुस्तान टाइम्स के शिशिर गुप्ता, द वायर के फाउंडिंग एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन और एमके वेणु, द वायर के लिए लगातार लिखने वालीं रोहिणी सिंह का नाम है… फ्रांस की संस्था और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मिलकर खुलासा किया है कि इजरायली कंपनी NSO के स्पाइवेयर (spyware) पेगासस के जरिए दुनिया भर की सरकारें पत्रकारों, कानूनविदों, नेताओं और यहां तक कि नेताओं के रिश्तेदारों की जासूसी (spyware) करा रही हैं. इस जांच को ‘पेगासस प्रोजेक्ट’ नाम दिया गया है. निगरानी वाली लिस्ट में 50 हजार लोगों के नाम हैं. जो पहली लिस्ट पत्रकारों की निकली है जिसमें 40 भारतीय नाम हैं.

इतनी रामायण सुनने के बाद आपको पेगसास के बारे में भी जान लेना चाहिए..वीडियो देख रहे हैं..जानकारी भी लेकर जाईये..जरूरी है आपके काम आएगी..तो पेगासस (Pegaus) को इजरायल की साइबर इंटेलिजेंस और सिक्‍योरिटी फर्म NSO ग्रुप ने डिवेलप किया है.. इसे Q Suite और Trident जैसे नामों से भी जाना जाता है..ये दुनिया का सबसे बेहतरीन स्‍पाईवेयर (spyware) यानी जासूसी (spyware) तामझाम है..इसके लिए एप्‍पल के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्‍टम iOS और एंड्रॉयड डिवाइसेज में सेंध लगाई जा सकती है..NSO ग्रुप की वेबसाइट के मुताबिक कंपनी ऐसी तकनीकें बनाती है जिनसे ‘सरकारी एजेंसियों की मदद’ हो सके..ताकि दुनियाभर में आतंकवाद और अपराध से हजारों जिंदगियां बचाई जा सकें..ये केवल सरकारों को बेचा जाता है..लेकिन क्या करें ये दुनिया है साहब यहां एक चीज के अनेक इस्तेमाल होते हैं..

भारत में जासूसी नया नहीं है..गुजरात में जब नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे एक आर्किटेक्ट महिला की जासूसी (spyware) का कांड स्नूपगेट नाम से उछला था..उसमें किसी साहब का जिक्र था..एक बाद 1991 में भारत की सरकार तक गिर गई थी..तब हुआ ये था कि हरियाणा के दो पुलिसवाले विपक्षी नेता राजीव गांधी के घर के बाहर चाय पीते हुए दिखाई दिए थे कहा गया चंद्र शेखर की सरकार राजीव गांधी की जासूसी (spyware) करा रही थी..जबकि सरकार कांग्रेस के ही समर्थन से बनी थी..जासूसी (spyware) की बात पर ही कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया था..और चंद्रशेखर सरकार गिर गई थी..दोस्तों इस वीडियो में इतना ही..लेकिन वीडियो खत्म करने से पहले एक बात और सुनते जाईये..जिन भारतीय पत्रकार रोहिणी सिंह के फोन में कथित तौर पर जासूसी (spyware) की गई है उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दफ्तर पीएमओ से अपने फोन में सेव की गई मौसी की बताई हुई कबाब की रेसिपी वापस मांगी है..दोस्तों चलते हैं राम राम दुआ सलाम जय हिंद…

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Disclamer- उपर्योक्त लेक लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

One thought on “चाणक्य ने जासूसी के बल पर तख्तापलट किया था..अब चचा चाणक्य लोग जासूसी से तख्त बचाते हैं ? : संपादकीय व्यंग्य : पेगसस जासूसी कांड Pegaus spyware

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