फिलस्तीन और इजराइल का झगड़ा समझिए, दोनों में अच्छा देश कौन सा है ?

    दोस्तों फिलिस्तीन ने इजराइल पर 2-3 सौ रॉकेट दाग दिए…इजराइल ने भी फिलिस्तीन पर हमला कर दिया..सैकड़ों लोग मारे गए…ये इजराइल फिलिस्तीन आपस में इतना मिसाइल बाजी क्यों करते हैं..सब लोग कह रह हैं कि हमास ने मिसाइल दागी हैं..तो ये हमास कौन है…फिलिस्तीन और इजराइल में से हीरो कौन है और विलेन कौन है..और बदमाशी कौन सा देश कर रहा है..नक्शे में कैसे दिखाई देते हैं..चलिए जान लेते हैं..

       फिलिस्तीन और इजराइल दोनों के नक्शे देख लीजीए.. ये औरेंज कलर वाला इलाका पूरा इजराइल है..और पीले कलर वाला हिस्सा फिलिस्तीनियों के पास है..डेड सी के बगल में जो पीला भाग है..उसे वेस्ट बैंक कहते हैं…यही फिलस्तीन है.अभी का फिलस्तीन दो हिस्सों में बंटा है.. नीचे गाजा पट्टी और ऊपर वेस्ट बैंक…गाजापट्टी पर हमास का कब्जा है..जहां से उसने इजराइल के तेल अवीव जैसे बड़े शहरों पर दिवाली के रॉकेट की तरह दो तीन सौ रॉकेट छोड़ दिए..

ये आज का नक्शा है लेकिन..जिसे आज आप इजराइल कह रहे हैं पहले ये पूरा अखंड फिलस्तीन हुआ करता था..1948 में अंग्रेजों ने जब फिल्सतीन को आजाद किया तो दो देश बना दिए इजराइल और फिलस्तीन..इजराइल ने पढ़लिखकर टेक्निकली खुद को मजबूत कर लिया..फिलस्तीनी रह गया पीछे..उसके बाद इजराइल और फिलस्तीन आपस में लड़ते रहे..फिलस्तीन ने इजराइल पर जितनी बार हमले किए उतनी बार इजराइल ने फिलस्तीन से उसकी जमीन छीन ली..

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धीरे धीरे आज हालत ये है कि फिलस्तीन बिल्कुल छोटा सा बचा है..इजराइल की खासियत ये है कि इजराइल उकासात है पहले कभी हमला नहीं करता है.. जब फिलस्तीनी कोई हमला करते हैं तो इजराइल इतना बड़ा हमला करता है कि फिलस्तीन को इसका खामियाजा जमीन गंवाकर चुकाना पड़ता है..इस बार भी यही होगा..

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   अभी जो आफत मची है जो जोरूशलम को लेकर मची है..जॉर्डन की तरफ वेस्ट बैंक के ठीक बगल में जेरूशलम है..मौजूदा समय में यहां हुकुम इजराइल का चलता है..यहां फिलिस्तीनी भी रहते हैं…और फिलिस्तीनी कहते हैं कि जेरुशलम हमारी राजधानी है..और इजराइलियों ने इसे अपनी राजधानी घोषित कर रखा है..अब एक जगह को दो लोग अपनी राजधानी बता रहे हैं..और दोनों कट्टा बंदूक रॉकेट वाले हैं तो लड़ाई तो होगी ही..

            दोस्तों फिलस्तीन और इजराइल दो धार्मिक देश हैं..फिलस्तीन मुस्लिम कंट्री है..और इजराइल यहूदियों के बहुत बड़ा देश है..अभी दोनों के बीच जो रॉकेटबाजी हुई है..वो इस जेरूशलम को लेकर हुई है.. जेरूसलम अरब रीजन का ऐसा शहर है..जहां इस्लाम, ईसाई और यहूदियों इन तीनों धर्म का मस्जिद और मंदिर जो भी समझिए वो सब है..और सब कुछ एक दूसरे से सटा हुआ है..यहां मक्का मदीना के बाद सबसे पवित्र मस्जिद अल-अक्शा है..जेरुसलम ईसाईयों का भी पवित्र स्थान है..

  जीसस को इसी जगह पर सूली पर चढ़ाया गया था..और यहीं वो फिर से जिंदा भी हुए थे. यहूदी कहते हैं कि यहां की वेस्टर्न वॉल है ये उनका पवित्र स्थान है.. वेस्टर्न वाल का मतलब यहूदियों की दीवार से है..दीवार इसलिए क्योंकि उनके मंदिर को रोमन्स ने तोड़ दिया था..वेस्ट में एक दीवार बच गई थी..उसी वाल की तरफ मुंह करके पूजा करते हैं उसी को वेस्टर्न वाल कहते हैं..यहूदी इसी में पत्थरों के बीच में चिट रखकर अपनी मुराद मांगते हैं..

 जेरूसलम और पूरा इजराइल पहले फिलिस्तीन का ही था..लेकिन अब जिसकी लाठी है उसकी की भैंस कही जाएगी..इजराइल ने पढ़लिखकर तरक्की की..और अपनी काबिलियत के दम पर फिलिस्तीन को पीटता गया और जमीन छीनता गया..फिलिस्तीन के पास कुछ नहीं है ना फौज है ना गोलाबारूद है..फिर भी इजराइल को आंख दिखाता रहता है और अपनी जमीन गंवाता रहता है..

 जेरुसलम के पूर्वी हिस्से पर इजराइल का कब्जा है… जेरूशलम को इजराइल अपनी राजधानी बताता है..और फिलिस्तीन कहता है ये हमारी राजधानी है.. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जेरूशलम इजराइल की राजधानी आज भी नहीं है..इसीलिए इजराइल की दो राजधानियां हैं एक है जेरूशलम और दूसरी पॉलिटिकल राजधानी है तेल अवीव जहां दूसरे देशों के दूतावास वगैरह हैं..उसी तरह फिलिस्तीन की भी दूसरी राजधानी रमल्ला है..

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  फिलिस्तीनी का कहना है इजराइल कब्जेबाज है..वो 1967 से पहले वाली सीमाओं पर वापस जाए..जितना हमारा था वो हमको वापस दे..और इसकी लड़ाई लड़ रहा है..एक संगठन हमास..हमास को अमेरिका ने अतंकी ग्रुप घोषित कर रखा है..लेकिन हमास फिलिस्तीन में चुनाव भी लड़ता है.और हमास मुस्लिम देशों में बहुत मजबूत पकड़ रखता है..

एक तरह से आप हमास को फिलीस्तीन की अनअथॉराज सेना का हिस्सा कह सकते हैं…इजराइल ने जब जेरूसलम पर कब्जा किया तो कई नियम कानून लागू कर दिए..जैसे यहां पैदा होने वाले यहूदी लोगों को इजरायली नागरिक माना जाता है, लेकिन इसी इलाके में पैदा हुए फिलस्तीनी लोगों को कई शर्तों के साथ यहां रहने की इजाजत दी जाती है..

     अब तक आपने पिछला हिसाब किताब समझ लिया अब ये रॉकेटबाजी क्यों हुई ये समझिए..हुआ ये कि इजरायली सुप्रीम कोर्ट ने पूर्वी जेरुसलम से कुछ फिलिस्तीनी परिवारों को निकालने का आदेश दिया..जिसके बाद बवाल हो गया..

 बवाल मस्जिद तक पहुंच गया..वहां भी तीन चार दिन तक गोला बारूद चला..मस्जिद में हैंड ग्रेनेड फैंके जाने से हालात बेकाबू हो गए..देखिए अब ये सवाल उठता है कि इन दोनों देशों मे सही कौन है और गलत कौन है..तो दोनों अपने आप को सही कहते हैं..कोई खुद को कभी गलत कहता नहीं है..लेकिन फिर भी इजराइल मौजूदा स्थिती में पावरफुल देश है..उसके साथ अमेरिका है..रूस है उसने वेस्टबैंक के भी हिस्से पर भी कब्जा कर रखा है..जिसे फिलस्तीन कहते हैं..

एक समय ऐसा आएगा कि इजराइल फिलिस्तीन को जड़ से खत्म कर देगा…जैसे चीन ने तिब्बत को कर दिया है..अगर आप पूछेंगे कि दोनों देशों में सही कौन सा देश है तो..मैं कहूंगी इजराइल चालू देश है..और फिलिस्तीन बेवकूफ है..फिलस्तीन बिना ताकत के इजराइल से उलझ उलझकर अपना ही नुकसान कराता है..भारत अरब देशों की वजह से फिलिस्तीन का समर्थन बहुत समय से करता आया है.. 2019 में भारत समेत 165 देश वेस्ट बैंक में इजराइल के कब्जे का विरोध कर चुके हैं..वोटिंग भी कर चुके हैं..भारत 2015 में इजराइल के मानवाधिकार हनन मामले में यूएन से गैर हाजिर रहकर भारत इजराइल का साथ भी दे चुका है..इजराइल ने भी भारत को हथियार सप्लाई किए हैं..भारत…इजराइल और फिलिस्तीन दोनों के सही में साथ रहा है..

      इजराइल अगर समझदारी से काम ले तो शांति कायम की जा सकती है..लेकिन इजराइल विस्तार वाद की नीति पर आगे बढ़ रहा है..फिलीस्तीन को भी ऐसी बमबारी से बचना चाहिए..हमास जैसे संगठनों को कंट्रोल करना चाहिए..तमाम मुस्लिम देश फिलीस्तीन के साथ हैं..लेकिन जिस इच्छाशक्ति से अमेरिका इजराइल का सपोर्ट करता है उस इच्छाशक्ति के साथ मुस्लिम देश या यूं कहें कि अरब देश फिलिस्तीन की वैसी मदद नहीं करते जैसी करनी चाहिए..इसका एक कारण ये भी है अरब देश इजराइल की ताकत पहचानते हैं..ये वही इजराइल है जिसने 1967 में 6 दिन में अरब देशों को धूल चटा दी थी…इस वीडियों में इतना ही..राम राम दुआ सलाम..जय हिंद..

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2 thoughts on “फिलस्तीन और इजराइल का झगड़ा समझिए, दोनों में अच्छा देश कौन सा है ?

  • May 16, 2021 at 6:24 pm
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    Awesome information, thanks for your appreciation

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    • May 21, 2021 at 9:35 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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