UP: अब कोरोना मरीजों को CMO के रेफरल लेटर की जरूरत नहीं, सीधे भर्ती कर सकेंगे अस्पताल

उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों को भर्ती होने के लिए CMO के रेफरल लेटर की जरूरत होती थी तब कहीं मरीज को भर्ती लिया जाता था जिससे काफी मरीजों और अस्पतालों को भी दिक्कत होती थी. अब इससे बड़ी राहत मिल गई है.

अस्पताल अब कोरोना मरीजों को सीधे भर्ती करेंगे

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लखनऊ समेत पूरे राज्य को बड़ी राहत मिली है. योगी सरकार ने सर्कुलर जारी किया है जिसके मुताबिक, अब उत्तर प्रदेश में निजी अस्पताल सीधे कोविड-19 मरीजों को एडमिट कर सकेंगे सिर्फ सरकारी अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज में सीएमओ सिस्टम चलेगा. यानी निजी अस्पताल अब कोरोना मरीजों को सीधे भर्ती कर सकेंगे.

लखनऊ में 5239 नए केस

इससे पहले राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी मरीजों की भर्ती के लिए जरूरी सीएमओ के रेफरल लेटर की जरूरत को समाप्त कर सीधे अस्पतालों को भर्ती करने को कहा था. बतादें कि उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे के अंदर एक साथ 34,379 कोरोना मरीज मिले हैं जबकि 195 संक्रमित मरीजों ने दम तोड़ दिया है. लखनऊ में 5239 नए केस मिले और राहत की बात ये है कि, 6207 मरीज ठीक हुए हैं. 19 मरीजों की मौत हुई अब 54,967 मरीज़ सक्रिय हैं.

लखनऊ प्रभारी जिला अधिकारी डॉ रोशन जैकब ने लेटर जारी करते हुए लिखा कि-

लेवल-1 संक्रमित रोगियों के लिए आइसोलेशन वार्ड ऑक्सीजन सुधार सहित बेड 10,000 प्रति दिवस पीपी की 12,000 मिलाकर ए श्रेणी में देना होगा. इसके अलावा इस श्रेणी के महानगर लखनऊ में नॉन NEBH हॉस्पिटल में 8000 प्रति दिवस और 1200 रुपए पीपी कीट के शुल्क देने होंगे.

लेवल-2 संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन सुविधा सहित 15000 प्रति दिवस 2000 किट अलग से दे होगा. नॉन NEBH में 13000 के साथ ए श्रेणी में 2000 रुपए किट की के साथ देना होगा.

लेवल 3 संक्रमित मरीजों के लिए ₹18000 प्रति दिवस के अलावा 2000 पीपीकीट और नॉन NEBH में 15,000 इसके 2000 अतिरिक्त पीपी किट के देने होंगे.