जो RAM नाम की दलाली खाएगा चैन से नहीं रह पाएगा : संपादकीय व्यंग्य

Pragya Ka Panna Editorial
Pragya Ka Panna Editorial

RAM मंदिर के नाम पर..पहले 2 करोड़ की जमीन..साढे 18 करोड़ में खरीदी..फिर उसी के बगल में उससे थोड़ी ही कम जमीन 8 करोड़ में खरीद ली..ऐसा नहीं है कि एक जमीन सोना उगल रही थी दूसरी बंजर थी..दोनों जमीनों में बाग लगे हैं..क्या महंगी जमीन खरीदकर चंदे के पैसों की कैसे चोरी हुई है..और अगर हुई है तो वो कैसे हुई है..ये आज मैं आपको बताऊंगी..दोस्तों अगर आप 10 हजार का भी मोबाइल खरीदने निकलते हैं..तो 10 दुकानों में रेट लेते हैं..10 बार रेट मिलाते हैं..मिलाते हैं ना…ऑनलाइन खरीदते होंगे तो भी 10 कंपनियों से कम्पेयर जरूर करते होंगे..

मैं बहुत सरल भाषा में आपको बताऊंगी..जमीन के महंगे दामों पर खरीदने के पीछे क्या वजह थी..दोस्तों एक बात और सीता जी पर तो राज्य के धोबी ने उंगली उठाई थी तो भगवान श्रीराम ने अग्निपरीक्षा ले ली थी..यहां तो कागज लेकर विपक्ष..राम मंदिर ट्रस्ट के लोगों पर..चंपत राय पर..डंके की चोट पर..छाती पर चढ़कर आरोप लगा रहा है..लेकिन चंपत जी का कहना है आरोप लोग लगाते रहते हैं..ये लोग नहीं चाहते कि मंदिर बने..

चंपत जी सुप्रीम कोर्ट मंदिर बनवा रहा है..मंदिर बनकर रहेगा..भगवान राम के नाम पर जो भी दलाली खाएगा..चैन से नहीं रह पाएगा..मेरे प्रभु के चंदे में जो चोरी करेगा उसकी पीढ़ियां कोढ़ी पैदा होंगी..मैं ब्राह्मण कन्या प्रज्ञा मिश्रा बद्दुआ देती हूं.. अगर चंदा चोरी के आरोप गलत हैं और आरोपी दूध की तरह धुले हैं. तो दीजिए अग्निपरीक्षा कहिए सरकार से कि जांच करा लो…CID, ED,ID, CBCID, LIU, NIA, CBI, पुलिस, मिलिट्री, CRPF, PAC, होमगार्ड. हवलदार, सिपाही..चाहे जिससे जांच करा लो..हम नहीं डरते..जब कर नहीं तो डर नहीं..लेकिन जिस देश में इतने बड़े भ्रष्टाचार के आरोप के बाद एक FIR तक दर्ज नहीं हुई..वहां जांच करने की किसकी हिम्मत है.

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खैर दोस्तों अयोध्या में बीजेपी के मेयर हैं ऋषिकेश उपाध्याय..उपाध्याय जी को राम मंदिर ट्रस्ट का दोस्त मानकर चलिए..तो बात समझने में आसानी होगी..दोस्तों जब जमीन 2 करोड़ की बिका थी..तब भी बीजेपी के मेयर ऋषिकेश जी गवाह थे..और जब उसी जमीन को राम मंदिर के नाम 18 करोड़ में बेचा गया तब भी ये ही गवाह थे..ये राम मंदिर को 8 करोड़ की दूसरी जमीन दिलवाने में भी गवाह थे..मतलब ऋषिकेश उपाध्याय को सब कुछ मालूम था..बीजेपी के मेयर साहब आज दूध पीते बुउवा बन रहे हैं..कि उनको कुछ नहीं मालूम था..

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मेरे भाईयों..अगर आपका दोस्त ये जानता है..कि जो दुकानदार आपको 10 हजार का मोबाइल चिपका रहा है वो मोबाइल कल उसने किसी और को 5 हजार में बेचा था..आपका दोस्त आपको मोबाइल दिलाने जाए..और उसे मालूम हो कि आप ठगे जा रहे हैं.. और आपका दोस्त कुछ ना बोले..आपको जानबूझकर ठगने दे..तो इसके दो मतलब हैं..पहला ये कि आपका दोस्त दुकानदार से कमीशन खा गया है..दूसरा ये कि वो आपका दोस्त नहीं है..गद्दार है..

यही राम मंदिर जमीन खरीद में भी हुआ..अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय कहते हैं कि वो केवल गवाह थे..बेचने वाले और खरीदने वाले से उनका कोई मतलब नहीं था..लेकिन दोस्तों सोचकर देखिए भारत जैसे देश में..जब आप एक नई घड़ी भी लेकर आते हैं..तो घरवाले पहला सवाल यही पूछते हैं कि कितने की मिली..बीजेपी के मेयर साहब कितने भोले होंगे कि उनको कुछ नहीं मालूम होगा..और ना मालूम किया..बीजेपी के मेयर साहब आंख पर पट्टी और कान में रूई ठूंसकर जमीन खरीद की गवाही में शामिल हुए होंगे..ऐसा तो नहीं होगा..

2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में भगवान श्री राम के नाम पर चिपका दी गई और अयोध्या में बीजेपी के मेयर साहब के मुंह से थूक तक नहीं निकला..उसके बगल की जमीन 8 करोड़ में खरादी गई तब भी नहीं पूछा कि गुरू जमीन तो लगभग बराबर है..अभी बगल वाली 8 करोड़ की खऱीदी है..तुम 18 करोड़ मांग रहे हो..ठीक रेट ले लो..दोस्तों जितना पैसा जमीन वाले ने मांगा भाईयों ने दे दिया..पैसा आपके चंदे का था..भगवान श्रीराम का था..कौन सा इनकी जेब से जा रहा था..इनका बस नहीं चला होगा नहीं तो ये 18 सौ करोड़ में खरीद लेते..दोस्तों ये तो हुई लॉजिकल बात..अब बात फैक्चुअल कर लेते हैं..

जो जमीन साढ़े 18 करोड़ की खरीदी थी वो ..12 हजार 80 वर्गमीटर थी..जी जमीन 8 करोड़ की खरीदी वो 10 हजार 3 सौ 70 वर्गमीटर थी..जमीन के क्षेत्रफल में अंतर केवल 2 हजार वर्गमीटर है लेकिन पैसों का अंतर साढ़े 10 करोड़ है…क्या अगल बगल की ही जमीनों के रेट में इतना अंतर हो सकता है..मतलब साफ है कि जमीन खरीद में पारदर्शिता नहीं बरती गई..राम नाम की लूट की गई..और राम का नाम बदनाम किया गया..

डिस्क्लेमर- लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. भाषा में व्यंग्य है. लेखक का मक्सद किसी पार्टी किसी व्यक्ति किसी सरकार किसी धर्म जाति किसी मानव किसी जीव या फिर किसी संवैधानिक पद का अपमान करना या उनके सम्मान को छति पहुंचाने का नहीं है.. इसलिए व्य्ग्य को व्यंग्य की तरह लें..लेख में सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. भाषा में स्थानीय या यूपी की रीजनल भाषा को सरल करके प्रस्तुत किया गया है. समझाने के लिए बात घुमाकर कही गई है.

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15 thoughts on “जो RAM नाम की दलाली खाएगा चैन से नहीं रह पाएगा : संपादकीय व्यंग्य

  • June 19, 2021 at 4:51 pm
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    कल को उसी ज़मीन पर हेलीपेड या रनवे बनाने का प्रस्ताव यदि पारित होता है तो टेन्डर चाराने-आठाने के भाव अडानी की गोद मे जा गिरेगा!!! राम के नाम पर भीख और चंदा तो सुना था, ठगी पहली बार देख रहे है, सिर्फ बीजेपी-आरएसएस का कथन सत्य है बाकी जनता का तो राम नाम सत्य है…

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    • June 19, 2021 at 5:38 pm
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      आपने समय निकालकर अपने विचारों को हमारे साथ साझा किया उसके लिए धन्यवाद..

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      • June 19, 2021 at 6:52 pm
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        सुन👳🏻‍♂️ *बाबाजी* तुम्हरेलीये

        भक्त 👨‍🦰*कशीदे* लीख देगा

        तुम्ह कहो तो *रंगेबहार* लिखे

        तुम्ह कहो तो *लतीफे* लिख देगा

        अगर

        हम भी *दरबारी* हो गये तो?

        *गुरबत* का फसाना कोन लिखेगा?

        हमरे पाव के निचे *धरती* है…
        *बाबा* तुम्हारा उपकार नही।

        हमसे क्या *आझादी* छिनो गे
        हम तुम्हरे *मनसबदार* नही।

        हमको क्या खरीदेगा
        * हाकीम*
        हाम *छपे हुये आखबार* नही

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        • June 19, 2021 at 6:53 pm
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          आपकी अमूल्य राय के लिए शुक्रिया

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  • June 19, 2021 at 6:26 pm
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    Yeh sab Bacbaas hey sp aap Congress bsp mandir ka Norman rokbaana chatey hey ager sp aa gayi to mandir ka nirman rok jaiga yeh sirf Muslim ki party hey kabhi rhogiya ke baare me ek bhi bar charcha Ni karti aap aap khud sp ki tarf hey

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    • June 19, 2021 at 6:54 pm
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      आपकी अमूल्य राय के लिए शुक्रिया..सर पत्रकारों का धर्म सत्ता पक्ष से सवाल करना है..जो सत्ता में आएगा उससे सवाल होंगे ही..आपनी राय का हम तहे दिल से स्वागत करते हैं

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      • June 22, 2021 at 4:30 pm
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        Thanks for giving us nice information keep it. Grow it jai Hind.

        Reply
  • June 21, 2021 at 2:01 pm
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    Pragya ji Aap Ek bebak reporter hain. Lekin Aapki bhasa hamesha sarkaar virodhi hoti hain. Mera aapse salaah hai ki aap BBC News ke jaise bhasha ka use karein. Wo bhi nispaksh media hai lekin santulit khabar deta hai, naki Aap ke jaise ugra ruup mein. Dhanyavaad

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    • June 22, 2021 at 3:33 pm
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      आपकी सलाह का स्वागत है..

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  • June 21, 2021 at 3:56 pm
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    काश हमारे मध्यप्रदेश में भी कोई प्रज्ञा होती !!

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    • June 22, 2021 at 3:32 pm
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      हमेें बुलाईये सभी मध्यप्रदेश

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  • June 21, 2021 at 10:14 pm
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    tum deshdrohi gang ki malai khate-khate gajwaye hind kr dogi. tumko sari burai modi yogi me hi dikhti hai.tum kabhi apne under bhi jhanko ki des ke prati tumhara koi duty hai ki nhi.

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  • June 22, 2021 at 1:30 pm
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    वर्तमान में BJP का नाम ही बदल गया है मेम
    B- भारतीय
    J- जालसाज़
    P- पार्टी
    कहना कोई ग़लत नहीं होगा

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  • June 23, 2021 at 5:52 pm
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    Kay ji kabhi to achi baat kar diya karo aap ko to modi aur yogi she hi sari taklif hai aur baki sab paak saaf hai aap kay Sanjay singh jo bola hai wahi sach hai batana aap

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    • June 23, 2021 at 6:36 pm
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      जो कागज बता रहे हैं वही बताया है सर संजय सिंह ने भी वही बताया है..योगी मोदी जी की सरकार है तो सरकार से ही सवाल होगा..कांग्रेस की सरकार बनवा दीजिए उनसे सवाल होने लगेंगे..योगी मोदी को भूल जाएंगे..जिसके पास शक्ति है उसी से सवाल होंगे..विचार रखने के लिए आपका धन्यवाद

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