PoK में उठी आज़ादी की मांग, 22 लोग गिरफ्तार, इमरान के नेता ने भारत से मांगी शरण, पहुंचे पंजाब

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं. कभी विदेश जा कर बेज्जती करवाते हैं तो कभी अपने ही मुल्क में बदनाम होते हैं. मगर अब तो pok के लोग भी पाकिस्तान से आज़ादी मांगने लगे हैं.

pro independence kashmir rally in pok
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गुलाम कश्मीर (POK) में उठी आजादी की मांग ने इमरान सरकार के सिरदर्द को और बढ़ा दिया है. आजादी को लेकर यहां के लोगों की आवाज लगातार बुलंद हो रही है. इन लोगों के साथ पाकिस्तान बड़े ही बर्बरता से पेश आया है. पुलिस ने यहां आजादी की मांग कर रहे 22 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी मिली है कि उसने इन लोगों पर आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया है.

झड़प शनिवार को मुजफ्फराबाद में नियंत्रण रेखा के करीब देखने को मिली जो सोमवार को भी जारी रहा. जिला पुलिस प्रमुख ताहिर महमूद कुरैशी ने बताया कि प्रदर्शनकारी लगातार एलओसी की ओर बढ़ रहे थे उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो कुछ लोग पहाड़ियों पर चढ़ गए और पुलिस पर पत्थर फेंके ऐसे में पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. विरोध स्थल पर मौजूद जेकेएलएफ के एक वरिष्ठ नेता तौकिर गिलानी ने कहा कि जेकेएलएफ के 40 से अधिक सदस्यों को रातोंरात गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे अपना विरोध खत्म करें.

वहीं पाकिस्तान के अत्याचारों से परेशान पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने भी भारत से शरण मांगी है. हैरानी की बात तो ये है कि बलदेव खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता हैं. वे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बारीकोट आरक्षित सीट से विधायक भी रह चुके हैं. बलदेव ने मीडिया से बताया कि ना केवल अल्पसंख्यक बल्कि वहां (पाकिस्तान) तो मुस्लिम भी सुरक्षित नहीं हैं.

बलदेव कुमार ने कहा कि हम पाकिस्तान में कई सारी परेशानियों के बीच रहे हैं. मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि मुझे यहां शरण दें। मैं वापस नहीं जाऊंगा. बतादें कि बलदेव अपनी और अपने परिवार की जान बचाकर भारत आए हैं. फिलहाल वे पंजाब राज्य के खन्ना में हैं.