फोन जासूसी कांड की अखिलेश तक पहुंची आंच, क्या मोबाइल जासूस पैगसस (Spyware) से बीजेपी जीतती थी चुनाव ?

अखिलेश यादव

इजराइली पेगासेस जासूसी (Pegasus Spyware) स्पाईवेयर से कई विपक्षी नेताओं के फोन की जासूसी कराने के मामले में विपक्ष ने बीजेपी सरकार को घेर लिया है..अब तक राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं..और 40 पत्रकारों के नाम सामने आ चुके हैं…अखिलेश यादव तक ये आंच कैसे पहंची है वो आगे बताएंगे लेकिन पहले पेगासस से नेताओं के मोबाइल की जासूसी (Spyware) कराने से किसी पार्टी को क्या फायदे हो सकते हैं वो समझ लीजिए..पेगासेस एक ऐसी जासूसी (Spyware) तकनीक है जो बिना आपके परमीशन के आपके मोबाइल में आ जाती है..और आप क्या बात कर रहे हैं..किससे बात कर रहे हैं..सब कोई तीसरा आदमी सुन या पढ़ सकता है..एंड्रॉड और एप्पल कोई भी फोन इससे बच नहीं सकता..बीजेपी पर जासूसी (Spyware) कराने के आरोप लग रहे हैं..ऐसे में चुनाव लड़ना कितना आसान हो जाता है..सोचिए दूसरी पार्टी को घर बैठे पता चल जाता होगा कि आप किसको टिकट देने वाले हैं..आप किससे गठबंधन करने वाले हैं..आपके कल भाषण में क्या कहने वाले हैं ? किस सीट से किसे टिकट देने वाले हैं..राहुल गांधी और किसी नेता के बीच क्या बात हुई..

पत्रकारों जजों और विपक्ष के नेताओं के फोन की जासूसी (Spyware) कराने के मामले पर अखिलेश यादव ने कहा किसी की पर्सनल बातों को सुनना अधिकारों का उल्लंघन है, पेगासस (Pegasus) सॅाफ्टवेयर से कई पत्रकारों और फेमस हस्तियों के फोन टैपिंग की बात बहुत तेजी से उठ रही है.जो भी हो रहा है अगर ये भाजपा सरकार करवा रही है तो ये बहुत ही गलत बात है..और अगर बीजेपी सरकार ये कहती है कि इस बात की जानकारी उसको नहीं है तो राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर ये भाजपा सरकार की नाकामी है.

वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा ने कहा कि ये साफ है कि पेगासस व्यापारिक कंपनी है जो पैसा लेकर ठेके पर काम करती है..तो सवाल है कि इस कंपनी को भारत में जासूसी (Spyware) करने का पैसा किसने दिया?अगर सरकार ने नहीं दिया तो फिर मोदी सरकार की जिम्मेदारी है कि वो बताये कि पेगसस को पेमेंट किसने किया ?

पेगासेस (Pegasus) एक ऐसा स्पाईवेयर (Spyware) है जो आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है..इस इजराईली सॉफ्टवेयर को केवल देश की सरकारें ही खरीद सकती हैं..बाकी किसी को ये बेचा नहीं जा सकता..कांग्रेस कहती है कि राहुल गांधी के फोन की जासूसी कराकर बीजेपी कौन सा आतंकवाद रोक रही है..अपने ही मंत्रियों की जासूसी (Spyware) करवाकर कौन सा आतंकवाद रोका जा रहा था..दोस्तों किसी की पर्सनल बातें सुनकर किसी की रणनीति जानकर कोई भी चुनावी फायदा बहुत आसानी से ले सकता है..कई लोग ये आशंका जता रहे हैं कि कहीं बीजेपी ऐसी ही जासूसी (Spyware) की मदद से इतने दिनों से भारत के भीतर चाणक्य बनी तो नहीं फिर रही है.

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फोन जासूसी (Spyware) मामले पर मायावती ने कहा है कि जासूसी (Spyware) का गंदा खेल व ब्लैकमेल आदि कोई नई बात नहीं किन्तु काफी महंगे उपकरणों से निजता भंग करके मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, अफसरों व पत्रकारों आदि की सुक्षम जासूसी (Spyware) करना अति-गंभीर व खतरनाक मामला जिसका भण्डाफोड़ हो जाने से यहाँ देश में भी खलबली व सनसनी फैली हुई है।
इसके सम्बंध में केन्द्र की बार-बार अनेकों प्रकार की सफाई, खण्डन व तर्क लोगों के गले के नीचे नहीं उतर पा रहे हैं। सरकार व देश की भी भलाई इसी में है कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर इसकी पूरी स्वतंत्र व निापक्ष जाँच यथाशीघ्र कराई जाए ताकि आगे जिम्मेदारी तय की जा सके..

कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम ने मौज लेते हुए कहा है कि कांग्रेस “सरकार” आयेगी तो “भाजपा” को “पेगसस” पुरस्कार दिया जायेगा.

कांग्रेस का कहना है कि भारत में फोन की जासूसी (Spyware) हो रही थी और देश के गृह मंत्री अमितशाह को खबर तक नहीं है..अमितशाह को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए..और नरेंद्र मोदी जी की जांच होनी चाहिए.. कांग्रेस ने कहा हमारे सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की भी जासूसी (Spyware) गई है..पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और कई मीडिया समूहों की भी जासूसी (Spyware) कराई गई..क्या किसी सरकार ने इस तरह का कुकृत्य किया होगा..भाजपा अब ‘भारतीय जासूस पार्टी’ बन गई है..

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