UP के बांदा जेल पहुँचते ही बढ़ीं मुख्तार की मुश्किलें, इस केस में कोर्ट ने किया तलब

गैंगस्टर विधायक मुख्तार अंसारी Mukhtar Ansari बुधवार तड़के 4.30 बजे पंजाब के रोपड़ से UP के बांदा जेल पहुंच गया है. मुख्तार Mukhtar की मेडिकल जांच की गई. डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह से फिट बताया है. जिसके बाद उसे बैरक में दाखिल किया गया है.

Mukhtar
Mukhtar Ansari reached UP Banda Jail

मुख्तार को मिला बैरक नंबर 16-

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मुख्तार को बैरक नंबर 16 में रखा गया है. उसके साथ कोई अन्य कैदी नहीं हैं. बांदा जेल में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात है. जेल की हर दीवार पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है. वहीं मुख्तार के यहाँ पहुँचते ही उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने 21 साल पुराने एक मामले में मुख्तार अंसारी को तलब किया है. मामले में 12 अप्रैल की तारीख तय करते हुए मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपियों को तलब किया है.

बता दें कि 21 साल पहले मुख्तार अंसारी व उसके गुर्गे आलम, यूसुफ चिश्ती, लालजी यादव और कल्लू पंडित पर लखनऊ जेल के कारापाल और उप कारापाल से गाली-गलौज व जानमाल की धमकी देने, पथराव कर हमला करने का आरोप है. चिश्ती और आलम पहले से ही जेल में हैं, जबकि पंडित और यादव जमानत पर बाहर हैं. गैंगस्टर मुख्तार के खिलाफ 53 गंभीर मामले दर्ज हैं. उसके बांदा जेल में शिफ्ट होने पर जेल के बाहर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. यहां 30 जवान तैनात किए गए हैं.

मुख्तार के परिवार में कौन क्या था ?

मुख्तार अंसारी के दादा आजादी से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे. उनका नाम भी मुख्तार था. मुख़्तार के नाना ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान महावीर चक्र विजेता थे. आपको उप राष्ट्रपति रहे हामिद अंसारी तो याद ही होंगे वो मुख्तार के चाचा हैं. वहीं बड़े भाई अफजाल अंसारी ने 2019 के चुनाव में मोदी लहर के बावजूद केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को गाजीपुर से हराया था. खुद मुख्तार भी 5वीं बार विधायक है.

कब से शुरू हुई गैंगवार ?

मुख्तार अंसारी का जन्म उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में हुआ था. राजनीति मुख्तार अंसारी को विरासत में मिली है. उनके पिता एक कम्युनिस्ट नेता थे. 90 का दशक आते-आते मुख्तार ने जमीन कब्जाने के लिए अपना गैंग शुरू कर लिया. उनके सामने सबसे बड़े दुश्मन की तरह खड़े थे बृजेश सिंह. यहीं से मुख्तार और बृजेश के बीच गैंगवार शुरू हुई.

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