चुनावी ‘आचार संहिता’ लागू, जानें- क्या हैं इसके नियम और क़ायदे-कानून, जेल भी हो सकती है-

इंतज़ार की घड़ी समाप्त कर चुनाव आयोग ने रविवार को लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का एलान का दिया है. चुनाव आयोग की टीम के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉफ्रेंन्स में ये एलान किया हैं. और तारीखों की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है.

lok sabha elections 2019 model code of conduct
lok sabha elections 2019 model code of conduct

देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के बनाए गए नियमों को ही आचार संहिता कहते हैं. आचार संहिता लागू होते ही शासन और प्रशासन में कई अहम बदलाव हो जाते हैं. इस दौरान राजनेताओं को गाइडलाइन जारी किए जाते हैं कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उन्हें क्या करना है और क्या नहीं करना है. इन नियमों का पालन चुनावी उम्मीदवारों को ना सिर्फ अपने भाषणों में करना होता है बल्कि सभी प्रकार के चुनावी प्रचार और यहां तक कि उनके घोषणापत्रों में भी करना होता है.

इसका असर रविवार को ही रक्षा मंत्री और बीजेपी नेता निर्मला सीतारमण पर देखने को मिला गया. निर्मला सीतारमण को विशेष विमान से चेन्नई से दिल्ली आना था. मगर इसी बीच लोकसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा हो गई. और साथ ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है. जिस वजह से उन्हें विशेष विमान के बजाए व्यावसायिक उड़ान से दिल्ली आना पड़ा. ऐसा क्यों हुआ आइये जानते हैं-

सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगला का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है. आचार संहिता लगने के बाद सभी तरह की सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास या भूमिपूजन के कार्यक्रम नहीं किए जा सकते हैं. इस दौरान अगर कोई नेता या चुनावी उम्मीदवार मतदाताओं को रिश्वत देते हुए या किसी तरह की अनैतिक कार्य करते हुए पकड़े जाते हैं तो उनके खिलाफ चुनाव आयोग कार्रवाई कर सकता है.

राजनीतिक पार्टियों को अपने विरोधी पार्टियों की उनके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए ही आलोचना करनी होगी. झूठी जानकारी पर आलोचना करने पर कार्यवाही की जा सकती है. वोटरों को लुभाने के लिए जाति और सांप्रदायिक मुद्दों को कोई पार्टी नहीं उठा सकती. सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को एक पहचान पत्र रखना होगा. इसमें किसी पार्टी का नाम नहीं होगा ना ही चुनाव चिन्ह और ना ही किसी चुनावी उम्मीदवार का नाम होगा.

किसी भी पार्टी, प्रत्याशी या समर्थकों को रैली या जुलूस निकालने या चुनावी सभा करने के पहले पुलिस से अनुमति लेना अनिवार्य होता है. राजनीतिक कार्यक्रमों पर नज़र रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक भी नियुक्त करता है. यदि कोई प्रत्याशी या राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो चुनाव आयोग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है. उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है. ज़रूरी होने पर आपराधिक मुक़दमा भी दर्ज कराया जा सकता है. आचार संहिता के उल्लंघन में जेल जाने तक के प्रावधान भी हैं.

चुनाव आयोग ने ज़ारी किये सख्त आदेश-
  1. मतदाता सूची एक बार प्रकाशित होने के बाद उसमें से नाम वापस नहीं लिया जा सकेगा.
  2. 1950 नंबर डायल करके आप वोटर लिस्ट संबंधित जानकारी ले सकेंगे.
  3. पहचान पत्र के लिए 11 विकल्प रखे गए हैं.
  4. 10 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे.
  5. हर मतदान केंद्र पर ईवीएम के साथ वीवीपैट का भी इस्तेमाल होगा.
  6. ईवीएम की जीपीएस ट्रैकिंग होगी.
  7. रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा.
  8. मतदान से 48 घंटे पहले लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
  9. इस बार ईवीएम पर उम्मीदवार की तस्वीर होगी.
  10. वोटर स्लिप मतदान से 5 दिन पहले मिल सकेगी.
  11. दिव्यांगों के लिए विशेष एप की सुविधा.
  12. कम्यूनिटी रेडियो के जरिए जागरुकता फैलाई जाएगी.
  13. चुनाव में मीडिया की सकारात्मक भूमिका. पेड न्यूज पर होगी सख्त कार्रवाई.
  14. संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ की तैनाती होगी.
  15. फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब पर राजनीतिक विज्ञापन की जानकारी रखी जाएगी.

चुनाव कार्यक्रम की सरणी-

पहला चरण-          11 अप्रैल      20 राज्य      91 सीट
दूसरा चरण-           18 अप्रैल     13 राज्य       97 सीट
तीसरा चरण-         23 अप्रैल     14 राज्य       115 सीट
चौथा चरण-          29 अप्रैल      9 राज्य        71 सीट
पांचवां चरण-          6 मई          7 राज्य        51 सीट
छठा चरण-             12 मई        7 राज्य        59 सीट
सातवां चरण-          19 मई         8 राज्य्       59 सीट

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