भारत में कंगना का अकाउंट और IPL दोनों सस्पेंड..

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से कंगना रनौत के ट्वीट ने काफी बवाल मचा रखा था और अब तो ट्विटर ने उनका अकाउंट ही सस्पेंड कर दिया है. जिसके बाद मीम्स की बाढ़ आ गई है.

प्रोफाइल पर आ रहा अकाउंट सस्पेंड

दरअसल कंगना ने बंगाल हिंसा पर कई ट्वीट्स किए थे साथ ही वीडियोज और तस्वीरें शेयर की थीं. ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करने की वजह से उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है. अब टि्वटर पर उनका नाम सर्च करने पर प्रोफाइल नहीं खुल रही थी, साफ लिखा था कि टि्वटर अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है. ये भी लिखा था कि जो लोग टि्वटर के नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया जाता है.

कंगना ने ऐसा क्या कह दिया था ?

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के बाद एक्ट्रेस कुछ ज्यादा ही भड़की हुई थीं और बंगाल में जीतने वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर लगातार हमलावर थीं. टीएमसी की जीत के बाद राज्य के कई हिस्सों में हिंसा और आगजनी की खबरें सामने आईं जिसके बाद एक्ट्रेस ने ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा और उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘ये भयानक है, इस गुंडई को खत्म करने के लिए हमें इससे भी बड़े लेवल पर गुंडई दिखाने की ज़रूरत है. वो (ममता) एक दानव की तरह हैं जिसे खुला छोड़ दिया गया है. मोदी जी, उन्हें काबू करने के लिए कृपया अपना 2000 के दशक की शुरुआत वाला विराट रूप दिखाइए’.. कंगना ने अपने ट्वीट्स में बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठाई थी.

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2000 के दशक में ऐसा क्या हुआ था ?

साल 2000 के दशक वाला मोदी जी का विराट रूप कौन सा था क्या आप जानते हैं ? हम आपको बतादें कि कंगना साल 2002 के गुजरात दंगों की बात कर रही थीं. जिसमें PM मोदी को पहले ही क्लीन चिट मिल चुकी है. ये वो दंगा था जहां सैकेड़ों लोगों की जान चली गई थी. जिसके बाद बहुत सारे राजनीतिक समीकरण बदल गए थे. मोदी जी की छवि बदल गई थी. अटल बिहारी वाजपेयी तक को मोदी जी से राजधर्म का पालन करने के बारे में कहना पड़ गया था. कंगना इतना उग्र हो गई थीं कि बेवकूफी में उन्होंने मोदी जी से 2002 वाला गुजरात दंगों वाला समय रिपीट करने को कह रही थीं. इसे ट्विटर ने अपनी गाइडलाइन का उल्लंघन माना और कंगना का अकाउंट सस्पेंड कर दिया.

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क्या हैं Twitter के नियम-कानून ?

Twitter का उद्देश्य सार्वजनिक बातचीत दिखाना है. हिंसा, उत्पीड़न और इसी तरह के अन्य व्यवहार लोगों को खुद को व्यक्त करने से हतोत्साहित करते हैं और आख़िरकार वैश्विक सार्वजनिक बातचीत के मूल्य को कम कर देते हैं. हमारे नियम ये सुनिश्चित करने के लिए हैं कि सभी लोग सार्वजनिक बातचीत में स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से भाग ले सकें.

Twitter का साफ़ कहना है कि आप किसी भी व्यक्ति या समूह को हिंसात्मक धमकी नहीं दे सकते. हम हिंसा के महिमामंडन पर भी रोक लगाते हैं. आप धमकी अथवा आतंकवाद या हिंसक उग्रवाद को बढ़ावा नहीं दे सकते. हम Twitter पर बाल यौन शोषण को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करते हैं. आप किसी व्यक्ति विशेष का लक्षित उत्पीड़न नहीं कर सकते, और ना ही अन्य लोगों को ऐसा करने के लिए उकसा सकते हैं. आप जाति, जातीयता, राष्ट्रीय मूल, वर्ण, यौन अभिविन्यास, लिंग, लैंगिक पहचान, धार्मिक संबद्धता, आयु, विकलांगता या गंभीर बीमारी के आधार पर अन्य लोगों के खिलाफ़ हिंसा भड़काने, धमकाने या उत्पीड़न करने जैसा व्यवहार नहीं कर सकते. ऐसे ही Twitter के कई नियम हैं.

अब नहीं होगा आईपीएल ?

वहीं दूसरी तरफ देश में चल रहे IPL मैच से भी बड़ी खबर सामने आ रही है. कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्‍नई सुपर किंग्‍स और सनराइजर्स हैदराबाद के कैंप में कोरोना फैलने के बाद आईपीएल 2021 को स्थगित कर दिया गया है. पिछले कुछ दिनों से आईपीएल की कई टीमों में कोरोना के केस सामने आए थे. टीम के खिलाड़ियों ओर सदस्यों के लगातार पॉजिटिव होने के बाद यह फैसला लिया गया. बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इसकी पुष्टि की.

अनिश्चितकाल के लिए निलंबित

लीग के चेयरमैन बृजेश पटेल ने कहा कि, टूर्नामेंट को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया है. हम अगले उपलब्ध समय में इस प्रतियोगिता का आयोजन करने की कोशिश करेंगे, लेकिन इस महीने ऐसी संभावना नहीं है. हम देखेंगे कि क्या साल के दौरान बाद में हमें आईपीएल आयोजन के लिए कोई उपयुक्त समय मिल सकता है. यह सितंबर हो सकता है, लेकिन अभी यह केवल कयास होंगे. अभी की स्थिति यह है कि हम टूर्नामेंट का आयोजन नहीं कर रहे हैं.

क्या पहले कोरोना नहीं था ?

जब देश में इतनी बुरी तरह से कोरोना फैला हुआ है तो क्या ये आईपीएल मैच कराना जरुरी था ? पहले ही रद्द नहीं कर सकते थे ? फ्रेंचाइजी कंपनियों को सिर्फ पैसे ही कमाने हैं खिलाड़ियों के जान की कोई परवाह नहीं है क्या ? ऑस्ट्रेलिया के तीन खिलाड़ी आईपीएल-14 से पहले ही हट चुके थे. इसमें एडम जाम्पा, केन रिचर्डसन और एंड्रयू टाई हैं. जाम्पा ने इसकी वजह बायो-बबल को बताया था. उन्होंने कहा था कि भारत में बायो-बबल छोड़ने के बाद उतना सुरक्षित महसूस नहीं होता, जितना यूएई में आईपीएल 2020 के दौरान लगता था.

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