CM योगी आज 200 अतिथियों को कराएँगे रात्रि भोज, कल आएंगे गृह मंत्री अमित शाह

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और नरेंद्र मोदी सरकार के गृह मंत्री अमित शाह कल रविवार को लखनऊ आ रहे हैं. इस दौरान अमित शाह उत्तर प्रदेश में 65 हजार करोड़ के निवेश की नींव रखेंगे.

ground breaking ceremony bjp president amit shah
ground breaking ceremony bjp president amit shah

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 60 हजार करोड़ की याजेनाओं की नींव रखी थी. 60 हजार करोड़ की 81 परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते वर्ष 29 जुलाई को किया था. और इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में ये दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी होगी. इन प्रोजेक्ट के पूरे होने पर ढाई लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

-----

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कल दिन में 11 बजे से 292 परियोजनाओं का भूमिपूजन होगा. इसके गवाह देश के तमाम उद्यमी और औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधि बनेंगे. रविवार को उद्घाटन समारोह के अलावा विभिन्न उद्योगों से संबंधित छह सत्र होंगे, जिनकी अध्यक्षता विभागीय मंत्री करेंगे. इसी दौरान सरकार ई-व्हीकल नीति भी लांच करेगी.

इस शिलान्यास समारोह को गृह मंत्री शाह के साथ दिग्गज उद्योगपति अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, एचसीएल ग्रुप के चेयरमैन शिव नाडर, पेप्सिको इंडिया होल्डिंग के सीईओ एंड प्रेसीडेंट अहमद-अल-शेख, सैमसंग इंडिया के प्रेसीडेंट एंड सीईओ एचसी हांग, आईटीसी के सीएमडी संजीव पुरी व मेदांता एंड हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिलके चेयरमैन नरेश त्रेहन विशेष रूप से संबोधित करेंगे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपने सरकारी आवास, पांच कालीदास मार्ग पर 200 अतिथियों को रात्रि भोज देंगे. इनमें रविवार को कार्यक्रम में शामिल होने वाले देश के कई शीर्ष उद्योगपति और औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं.

अब अगर सरकार कुछ करे और विपक्ष शांत बैठा रहे क्या ऐसा हो सकता है ? जी बिलकुल नहीं, ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी को लेकर विपक्षियों ने शुक्रवार को ही तंज कस दिया था. विपक्ष का कहना है कि प्रदेश सरकार जनता के बीच अपना चेहरा चमकाने के लिए कार्यक्रम कर रही है. जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं देता.

तभी विपक्ष को जवाब देने के लिए औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के मोर्चा संभाला और कहा कि पिछली सरकारों की सोच ही उद्योगों के विकास की नहीं रही. यहां उद्यमियों को लूटा जाता था, इसलिए वो निवेश के लिए आते नहीं थे. अब योगी आदित्यनाथ सरकार ने सकारात्मक माहौल बनाया तो उद्योगपति यहां आने को तैयार हो गए हैं.