Twitter fake news FIR : आप करें तो रास लीला..वो करें तो कैरेक्टर ढीला : संपादकीय व्यंग्य

Pragya Ka Panna Editorial
Pragya Ka Panna Editorial

FIR on Twitter regarding fake news in India : आज की तारीख में देश की सबसे बड़ी समस्या Twitter है..कोरोना उसके आगे कुछ भी नहीं है..बेरोजगारी उसके आगे कुछ भी नहीं है..गरीबी उसके आगे कुछ भी नहीं है..महंगाई उसके आगे कुछ भी नहीं है..दो कौड़ी का घटिया स्वास्थ्य सिस्टम उसके आगे कुछ भी नहीं है..ट्विटर बहुत बड़ी महामारी है..पूरी बीजेपी सरकार मिलकर ट्विटर के खिलाफ लड़ रही है. भारत में ट्विटर के खिलाफ फेक वीडियो के आरोप में गाजियाबाद में fir हो चुकी है…

सरकार ट्विटर के लिए इतनी सीरियस है कि उसके पैरलर KOO app लॉन्च कराया गया है..सारे बीजेपी के नेता कू पर कूं कूं कर रहे हैं..कहते हैं सरकार फेक न्यूज खत्म करना चाहती है..और ट्विटर फेक न्यूज फैलाता है..फेसबुक पर भी फेक न्यूज फैलती है लेकिन ट्विटर पर पूरी दुनिया के बड़े लोग एक साथ जुड़े हैं..सरकार को सीधे गालियां खानी पड़ती हैं..इसलिए ट्विटर के लिए सरकार ज्यादा सीरियस है..सरकार ट्विटर के पीछे क्यों पड़ी है उसके पीछे..

बहुत सिंपल और सरल लॉजिक है सुनते जाईये..आपको सब समझ में आ जाएगा..जिस ट्विटर के खिलाफ रविशंकर प्रसाद मुहिम छेड़े हुए हैं..इस ट्विटर पर जब इनकी वाहवाही होती थी तो यही ट्विटर बोलने की आजादी का सबसे अच्छा माध्यम था..देखिए ना ये यही IT मंत्री हैं..उन्होंने खुद ही ट्विटर पर लिखा था..तब ट्वटर दूध का धुला था..गंगा की तरह पवित्र था लेकिन जब इसी ट्विटर पर सरकार की बुराईयां होने लगीं..तो ट्विटर दो टके का विदेशी app हो गया..

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दोस्तों फेक न्यूज का क्या मतलब है..गलत सूचना..गलत सूचना बिल्कुल नहीं फैलानी चाहिए..फेक न्यूज का समर्थन कोई भी सभ्य मानव नहीं करेगा..ठीक है..लेकिन सरकार के लिए फेक न्यूज क्या है..मैं बताती हूं..सरकार के लिए फेक न्यूज वो है जिससे सरकार की भद्द पिटती हो..जिससे सरकार की बदनामी होती हो..जिससे देश के चौकीदार पर सवाल खड़े हो रहे हों..जिससे सरकार की इमेज खराब होती हो..चाहे वो रोड के किनारे वैक्सीन विदेश क्यों भेज दिया वाले पोस्टर ही क्यों ना हों..बेशक सरकारी फाइलों में फेकन्यूज की परिभाषा सही सही ही लिखी होगी..लेकिन मैं बात सरकार के अब तक व्यहवार पर कर रही हूं..मैं ये क्यों और किस आधार पर कह रही हूं वो भी आपको बताऊंगी..

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भारत की सरकार ने उस फेक न्यूज पर कभी चिंता जहिर नहीं कि जो उनके फेवर में फैलाई जाती है..बंगाल में तमाम फेक वीडियो के जरिए बताया गया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं..क्या सरकार ने उस फेक न्यूज पर कोई एक्शन लिया नहीं..बंगल हिंसा में ही बीजेपी की ही आईटी सेल ने इंडिया टुडे के पत्रकार को मानिक मोइत्रो बताकर ये फैलाया कि इसकी जान बंगाल चुनाव के बाद हिंसा में चली गई पत्रकार ने कहा ये मेरी फोटो हैं मैं जिंदा हूं भईया..क्या बीजेपी सरकार ने इस पर कोई एक्शन लिया नहीं..नरेंद्र दामोदर दास मोदी बचपन में मगरमच्छ पकड़कर घर ले आए थे..

फिर मां के कहने पर दोबारा तालाब में छोड़ आए थे…जवाहरलाल नेहरू की गोद में अर्धनग्न लड़कियों की फोटो बीजेपी समर्थक ही ट्विटर पर डालते हैं..फोटो फेक है..क्या उनपर कोई कार्रवाई हुई..महात्मा गांधी की भी ऐसी ही तमाम फोटो चलती हैं क्या सरकार ने कभी को fir दर्ज कराई है..यूपी की सरकार ने उन लड़कों को भी रोजगार देने का झूठा दावा किया जिनको उनकी सरकार में रोजगार मिला ही नहीं..क्या उस पर कोई fir हुई..नहीं..और ये सब ट्विटर पर ही हुआ है..ये मैंने आपको वो उदाहरण बताए हैं जो मुझे याद हैं..ऐसी दर्जनों फेक न्यूज हैं..जो बीजेपी की ही आटीसेल फैलाती है.. इससे बीजेपी को फायदा मिलता है..मजा आता है..इसलिए ये फेक न्यूज ठीक हैं..

लेकन जो समाचार सरकार के खिलाफ होते हैं…उनमें जरा भी शंका की गुंजाइश हो..सरकार उस पर तिलमिला जाती है..फिर कहती हूं फेक न्यूज फैलाना गलत बात है..लेकिन इसकी शुरुआत किसने की सोचिएगा..सरकार जो कहे वही सच है और उसके इतर सब फेक है..ऐसा कैसे हो सकता है..गाजियाबाद में जिस मुस्लिम बुजुर्ग को कहा गया कि जय श्रीराम कहलवाने के लिए उसे मारा पीटा गया उसकी दाढ़ी काटी गई..वो विडियो फेक है..सरकार कहती है वो ताबीज बनाता था..

वीडियो में ताबीज के लिए झगड़ा हो रहा है..ठीक है सरकार इसकी जांच करे..फेक न्यूज नहीं फैलाना चाहिए..लेकिन उस बुजुर्ग के घरवाले कह रहे हैं कि बुजुर्ग ताबीज बनाता ही नहीं था..दो तरह की बातें चल रही हैं..लेकिन हम वही मानते हैं जो सरकार कहती है..क्योंकि हम सब एक लोकतंत्र में भरोसा करने वाले लोग हैं…कोरोना में मारे गए लोगों के आंकड़े सरकार ने छिपाए..ये एक शास्वत सत्य है..क्यों सरकार ने गलत आंकड़े देश को बताए..क्या ये सरकारी फेक न्यूज नहीं है..पूरे देश की सरकारों के खिलाफ और भारत सरकार के खिलाफ भी fir दर्ज होनी चाहिए..

दोस्तों ये ट्विटर तब तक बीजेपी सरकार के लिए अच्छा था जब तक इस पर बीजेपी सरकार की बुराई करने वाले लोग नहीं थे..ट्विटर तब तक अच्छा था जब तक वहां सरकार से सवाल पूछने वाला कोई नहीं था.. ट्विटर तब तक अच्छा था जब तक लोग वहां कांग्रेस के भ्रष्टाचार की बातें करते थे..तब यही मंत्री जी ट्वविट को अभिव्यक्ति की आजादी का दूत बताते थे..सच का देवता बताते थे..लेकिन जैसे ही इस ट्विटर पर इकनी नाकामियों के पहाड़ दिखाई देने लगे..

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जैसे ही ट्विटर पर इनकी कथनी और करनी में अंतर दिखाई देने लगे..वैसे ही ट्विटर फेक न्यूज का अड्डा बन गया..फिर कहती हूं..पक्ष हो या विपक्ष फेक न्यूज फैलाना अपराध है..लेकिन इनका फेक न्यूज अच्छा है..और उनका फेकन्यूज खराब है ये नहीं चलेगा..झूठ झूठ होता है…चलते हैं राम राम दुआ सलाम जय हिंद..मेरी वेबसाइट ultachasmauc.com पर मेरे सच्चे आर्टिकल जरूर पढ़िए..कमेंट करिए मैं वहां आपको जवाब जरूर दूंगी..ट्विटर पर आप लोग मुझ फॉलो नहीं रहे हैं…आप मुझे जब तक ट्विटर पर फॉलो नहीं करेंगे..मैं गोदी मीडिया के झूठ में आंख में आंख डालकर बात कैसे कर पाऊंगी.

डिस्क्लेमर- लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. भाषा में व्यंग्य है. लेखक का मक्सद किसी पार्टी किसी व्यक्ति किसी सरकार किसी धर्म जाति किसी मानव किसी जीव या फिर किसी संवैधानिक पद का अपमान करना या उनके सम्मान को छति पहुंचाने का नहीं है.. इसलिए व्य्ग्य को व्यंग्य की तरह लें..लेख में सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. भाषा में स्थानीय या यूपी की रीजनल भाषा को सरल करके प्रस्तुत किया गया है. समझाने के लिए बात घुमाकर कही गई है.

12 thoughts on “Twitter fake news FIR : आप करें तो रास लीला..वो करें तो कैरेक्टर ढीला : संपादकीय व्यंग्य

  • June 17, 2021 at 8:58 pm
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    Pragya di
    Madrasa aadhunikikaran teachers jo ki UP me 25000 hai
    mHRD ki SPQEM yojna me niyukt kiye gaye the
    4 saal se vetan nahi mila hai kayi teacher heart attack aur suisite se mar gaye hai
    Arthik haalat ati dainiye hai
    Aap hamari awaaz baniye

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  • June 17, 2021 at 9:00 pm
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    आईना दिखाते रहिये।

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    • June 18, 2021 at 4:06 pm
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      शारीरिक व मानसिक तौर पर स्वस्थ व्यक्ति अच्छे को बुरा कह स सकता है? पल्ले नहीं पड़ता! ऐसों को कांके रांची जल्दी
      भेजना चाहिए।बहनजी , ऐसे जज्बे को सलाम! प्रभु आपको स्वस्थ रक्खे ।

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      • June 18, 2021 at 7:06 pm
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        धन्यवाद

        Reply
  • June 17, 2021 at 9:58 pm
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    आप जैसे पत्रकार को सलाम। आपने बहुत बेहतरीन तरीके से समझाने की कोशिश की है। अब जनता का काम है नेताओं से करे । स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार मंहगाई पर सरकार मौन क्यों है

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  • June 18, 2021 at 10:44 am
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    बहुत सही लिखा आपने

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  • June 18, 2021 at 12:41 pm
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    मेंम,,BJP सरकार की नियत साफ़ दिखाई दे रहा है,,,,सारेTV चैनल उसके ईसारे पर चलता है,उसी प्रकार
    सोशल मीडिया TWITTERR को भी अपने ईसारे पर चलाना चाहता था,सफल नहीं हुए तो,,, फर्जीवाड़ा में फंसा रहा है

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  • June 18, 2021 at 2:27 pm
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    Perfect analysis…m

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  • June 19, 2021 at 11:14 am
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    Bjp ki sarkar 1 no ki chor sarkar hai. Ye desh ko barbad karne ke pichhe pari hai. Inhone har product ko bechne ka beera uthaya hai. Kamjarf inko nahi samajhta ki desh kis mahamari se jujh raha hai.

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    • June 19, 2021 at 5:38 pm
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      आपने समय निकालकर अपने विचारों को हमारे साथ साझा किया उसके लिए धन्यवाद..

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  • June 20, 2021 at 11:13 pm
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    मैम आप 69000 शिक्षक भर्ती आरक्षण घोटाले पर लिख -बोल दीजिये प्लीज

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    • June 21, 2021 at 12:48 pm
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      जरूर

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