देश में खतरनाक हो रहा कोरोना, केंद्र ने दी चेतावनी- लापरवाही छोड़कर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

देश के 15 से ज्यादा जिलों में कोरोना की दूसरी लहर भयानक रूप ले चुकी है. इन जिलों में नए मरीजों के आंकड़े में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, यानी अभी पीक नहीं आया है.

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हालात ये हैं कि महाराष्ट्र के कुछ जिलों में नए मरीजों का ग्राफ सितंबर 2020 में बने पीक से दो-तीन गुना ज्यादा ऊंचा हो गया है. वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि सभी राज्यों को महाराष्ट्र की मौजूदा स्थिति से सबक लेना चाहिए. केंद्र सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर को लेकर सभी राज्यों को चेतावनी दी है. केंद्र ने कहा कि देश में कोरोना के हालात बद से बदतर हो रहे हैं. खासतौर पर कुछ राज्यों के लिए ये बहुत बड़ी परेशानी वाली बात है. पूरा देश जोखिम में है, ऐसे में किसी को भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए.

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कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 में से 8 जिले महाराष्ट्र से हैं और दिल्ली भी एक जिले के रूप में इस सूची में शामिल है. हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने बताया कि जिन 10 जिलों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं, उनमें पुणे (59,475), मुंबई (46,248), नागपुर (45,322), ठाणे (35,264), नासिक (26,553), औरंगाबाद (21,282), बेंगलुरु नगरीय (16,259), नांदेड़ (15,171), दिल्ली (8,032) और अहमदनगर (7,952) शामिल हैं.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने घोषणा की है कि देश में अब तक कोरोना वायरस का एक भी ऐसा वैरिएंट नहीं पाया गया है जिसमें भारतीय संस्करण मिला हो. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कोवैक्सीन और कोविशिल्ड वैक्सीन ने यूके और ब्राजील के वेरिएंट के खिलाफ अपना असर दिखाया है. जबकि दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट की वैक्सीन पर अभी भी काम चल रहा है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत में कोरोना वायरस के एक नए ‘डबल म्यूटेंट’ वेरिएंट का पता चला है. कई ‘वेरिएन्ट्स ऑफ कंसर्न्स’ देश के 18 राज्यों में पाए गए हैं. इसका मतलब हुआ कि कोरोना वायरस के विभिन्न प्रकार का अलग-अलग जगहों पर पता चला है जो स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डाल सकते हैं. डबल म्यूटेंट वेरिएन्ट खतरनाक है क्योंकि ये न सिर्फ शरीर के इम्यून सिस्टम से बच सकता है बल्कि शरीर में तेजी से संक्रमण को फैला भी सकता है.