UP: चित्रकूट जेल में शूटआउट, मुख्तार गैंग के दो बदमाशों की हत्या, एक पुलिस एनकाउंटर में ढेर

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जेल से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहाँ कैदियों के बीच गोली चल गई है इसमें पश्चिमी UP के गैंगस्टर अंशु दीक्षित ने मेराज और मुकीम काला की गोली मारकर हत्या कर दी है.

तीनों अपराधी मारे गए

इस शूटआउट के बाद पहुंची पुलिस फोर्स ने अंशुल दीक्षित को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन वो फायरिंग करता रहा. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अंशु भी मारा गया. जेल के अंदर फायरिंग से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है. मेराज बनारस जेल से भेजा गया था, जबकि मुकीम काला सहारनपुर जेल से लाया गया था.

कौन था मुकीम काला ?

मुकीम काला पश्चिम उत्तर प्रदेश का बड़ा बदमाश था. मुकीम पर हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण, फिरौती जैसे 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे. मुकीम की गिनती हार्डकोर क्रिमिनल के रूप में होती थी. सपा सरकार में मुकीम काला का आतंक इतना था कि UP हरियाणा, पंजाब, राजस्थान की पुलिस उसकी तलाश में थी. मुकीम काला के दूसरे भाई वसीम काला को 2017 में STF मेरठ यूनिट ने मेरठ में मुठभेड़ में ढेर किया था.

-----

कौन था अंशुल दीक्षित ?

अंशुल दीक्षित को यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर जिले के गोरखनाथ थानाक्षेत्र से 2014 में गिरफ्तार किया था. तब एसटीएफ की पूछताछ में अंशू ने बताया था कि सीतापुर के एमएलसी भरत त्रिपाठी और उनके बेटे परीक्षित त्रिपाठी की हत्या के लिए साथियों की तलाश करने के लिए गोरखपुर आया था. अंशु दीक्षित पश्चिमी UP का कुख्यात अपराधी है. बताया जा रहा है कि उसने काला को मारने की सुपारी ली थी. इसे अंजाम देने के लिए उसने सेटिंग से चित्रकूट जेल में अपना ट्रांसफर करवाया था.

-----

अंशु दीक्षित लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र के रूप दाखिला लेने के बाद अपराधियों के संपर्क में आया था. अंशु दीक्षित को 2019 में दिसंबर में सुल्तानपुर जेल में वीडियो वायरल होने के बाद चित्रकूट जेल भेजा गया था. अंशु मुख्तार अंसारी का खास व शार्प शूटर था.

कौन था मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली ?

वहीं मृतक मेराज वाराणसी का रहने वाला था. वो पहले मुन्ना बजरंगी का खास था, फिर मुख्तार से जुड़ गया था. बनारस में उसे मेराज भाई नाम से जाना जाता था. मेराज की अंशु दीक्षित से तनातनी रहती थी. मेराज अपने गैंग के लिए हथियारों का इंतजाम करता था. मेराज को पिछले साल अक्टूबर में जैतपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

मुख्तार के बड़े भाई ने उठाये सवाल

इस शूटआउट की जांच और स्थिति का जायजा लेने हेतु प्रभारी उप महानिरीक्षक कारागार प्रयागराज रेंज पी एन पांडे चित्रकूट के लिए रवाना हो चुके हैं. जेल में तलाशी कराई जा रही है. जिलाधिकारी और एसपी मौके पर मौजूद हैं. इस घटना के बाद मुख्तार के बड़े भाई और गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि पहले गली मोहल्लों, चौराहों पर गैंगवार होती थी, अब जेलों में हो रही है. यही UP सरकार की व्यवस्था है. जब इस तरह की घटनाएं होने लगें तो चिंता बढ़ जाती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *