Assam-Mizoram Border Dispute आसान भाषा में प्रज्ञा जी से समझिए..

Pragya Ka Panna Editorial
Pragya Ka Panna Editorial

लोग कहने लगे कि भारत के भीतर दो राज्य आपस में बम चला रहे हैं..दो राज्यों की सरकारें ऐसे लड़ रही हैं..जैसे भारत पाकिस्तान का युद्ध कुछ ने तो यहां तक कह दिया कि हिंदुस्तान में गृह युद्ध शुरू हो चुका है..असम और मिजोरम भारत देश के दो राज्य हैं..लेकिन दोनों के बीच भारत पाकिस्तान की तरह दुश्मनी है..दोनों के बीच भारत और चीन जैसा जमीन विवाद है..दोनों भारत के राज्य हैं..लेकिन दोनों दो देशों की तरह लड़ाई लड़ रहे हैं..26 जुलाई को हुए युद्ध में 6 पुलिसवाले शहीद हो गए…असम के मुख्यमंत्री कहते हैं एक इंच भी जमीन मिजोरम को नहीं देंगे..और मिजोरम कहता है..हमारी जमीन पर असम कब्जा करता है..दोनों मुख्यमंत्री ऐसे बात करते हैं जैसी बातचीत भारत पाकिस्तान के बीच भी नहीं होती होगी…आज इसी को समझेंगे कि भारत के दो राज्य दो देशों की तरह क्यों लड़ते हैं..क्यों दोनों राज्यों की पुलिस युद्ध करती है..क्यों लोगों की जान जाती है..और क्यों भारत की सरकार के होते हुए दो राज्य युद्ध लड़ते हैं..तो चलिए शुरू से शुरु करते हैं….

दोस्तों आसम और मिजोरम को नक्शे पर देखिए..दोनों पूर्वोत्तर के दो राज्य हैं..दोनों की सीमाएं आपस में मिलती हैं…बकायदा दोनों राज्यों का नक्शा भी है..लेकिन बंटवारा दो बार हुआ..इसी दो बार के बंटवारे की पूरी लड़ाई है..बंटवारा कैसे और किसने दो बार किया वो आगे समझाएंगे लेकिन अभी की कहानी को आसान भाषा में समझते चलिए..तब आगे समझने में आसानी होगी..दोस्तों दोनों राज्या की लड़ाई तब से चली आ रही है जब से दोनों राज्य बने..ऐसा नहीं है कि दोनों राज्यों की सीमा का बंटावारा नहीं है..बंटवारा है लेकन नक्शा जमीन पर कहां है..किसी को नहीं मालूम..असम का कहना है कि मिजोरम उनकी 6 किमी सीमा के भीतर घुस आया है..मिजोरम कहता है नक्शा यहीं से है..

अभी जब 26 जुलाई को तालिबान जैसी फायरिंग के बाद 6 पुलिसवाले मारे गए..तो असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि वो असम की एक इंच जमीन भी किसी को नहीं लेने देंगे. सरमा ने कहा, “ये कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है. ये दो राज्यों के बीच सीमा विवाद है. ये लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद है. उस समय भी विवाद हुआ था जब दोनों तरफ कांग्रेस की सरकार थी..अभी असम में 126 में से 60 सीटें जीतने वाली बीजेपी की सरकार है..और मिजोरम में 40 में से 28 सीटें जीतने वाली मिजो नेशनल फ्रंट से जोरामथंगा मुख्यमंत्री हैं..

असम के मुख्यमंत्री बिस्वा कहते हैं.. “जब गोलीबारी हो रही थी मैंने मिजोरम के मुख्यमंत्री को छह बार फोन किया. उन्होंने ‘सॉरी’ कहा और मुझे आइजोल में बातचीत के लिए आने को कहा…हमारी जमीन का एक इंच भी कोई नहीं ले सकता. हम अपने क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सीमा पर पुलिस तैनात है.”

असम
असम

हिमंता बिस्वा सरमा, असम के मुख्यमंत्री

मिजोरम असम पुलिस पर आरोप लगाता है कि असम पुलिस ने वैरेंगटे ऑटो-रिक्शा स्टैंड पर CRPF की पोस्ट को जबरन पार किया और मिजोरम पुलिस की एक चौकी को पलट दिया. और असम पुलिस ने मिजोरम पुलिस पर आंसू गैस के गोले दागे, और मिजोरम पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की…जवाबी कार्रवाई कैसी थी दोस्तों..आवाज सुनिए..कोई नहीं कहेगा कि दो राज्यों की लड़ाई है..लगता है जैसे गृह युद्ध छिड़ गया है..दोनों तरफ की पुलिस कहती है ये फायरिंग जनता की तरफ से की गई है..और अगर ऐसा है कि तो सवाल ये भी है असम मिजोरम बॉर्डर में जनता के पास ऐसे स्वचलिथ हथियार कहां से आए..

अब ये समझिए कि ये जमीन के लिए गोलियां चलती क्यों है..

देखिए असम के तीन जिले कछार, हैलाकांडी और करीमगंज..मिजोरम के तीन जिलों के साथ 164 किमी लंबी सीमा साझा करते हैं…दोनों राज्य एक-दूसरे की जमीन पर घुसपैठ के आरोप लगाते रहते हैं…और ये सिलसिला शुरू हुआ 1875 के सीमा बंटवारे से 1857 की एक अधिसूचना में लुशाई पहाड़ियों को कछार के मैदानी इलाकों से अलग किया गया.. मिजोरम का मानना है कि सीमा का सही बंटवारा 1875 वाली अधिसूचना के आधार पर किया जाना चाहिए..जो बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन एक्ट, 1873 से लिया गया है…असम सरकार 1933 के सीमा बंटवारे को मानती है..और यही लड़ाई का सबसे बड़ा मुद्दा है..जमीन सरकारों से ज्यादा लोगों को प्यारी है..इसलिए लड़ाई पहले लोगों से शुरू होती है..और सरकारों तक पहुंच जाती है..हालांकि दोनों राज्यों के बीच समझौता है..कि सीमा पर दोनों राज्य नो मैन्स लैंड पर यथास्थिति बनाए रखें लेकिन जिस देश में लड़ाईयां जर जोरू और जमीन के लिए ही होती हैं..यथास्थिति को मानता कौन है..दोस्तों इस वीडियो में इतना ही वीडियो कैसा लगा कमेंट में बताईये..आगे किस विषय पर लेख चाहते हैं वो भी बताईये..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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