योगी के कैमरा जीवी वीडियो का सच क्या है ? : संपादकीय व्यंग्य Yogi Arti On camera

Yogi Arti On camera : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कैमरे की तरफ घूमकर आरती क्यों कर रहे हैं..क्या देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की तरह यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Aditaynath) का भी कैमरा मोह इतना बढ़ गया है..क्या योगी आदित्यनाथ ये दिखाना चाहते हैं कि वो पूजा पाठ वाले बहुत बड़े हिंदू हैं..या फिर जिस एएनआई के कैमरामैन को पिछली बार उन्होंने गाली दी थी..इस बार उसकी आरती उतारकर प्रायश्ति कर रहे हैं..जितने मुंह उतनी बातें..किसी ने योगी आदित्यनाथ की इस तरह आरती उताने को कैमरा जीवी होना बताया..किसी ने कहा बाबा भगवान पीछे हैं..

किसी ने कहा भगवान किधर हैं, मुंह किधर, बाबा या तो आरती कर लो या वीडियो ही बनवा लो.. किसी ने कहा कैमरामैन की आरती उतारी जा रही है या भगवान की..खुद कैमरा लेकर योगी जी वीडियो बना रहे हैं?.. किसी ने कहा कैमराजीवी कैमरामैन की आरती उतारते हुए ..किसी ने लिखा ये आरती कैमरे की उतारी जा रही है..ट्विटर पर पूरा दिन योगी आदित्यनाथ ट्रोल होते रहे..आरती कैमरे की तरफ मुंह करके उतारने तक तो ठीक था..फिर किसी भाई साहब ने कहा गिरजाघर या चर्च की तरह योगी जी मोमबत्ती से आरती क्यों कर रहे हैं..ये तो और खतरनाक एंगल है

हां तो दोस्तों योगी आदित्यनाथ ( Yogi Aditaynath) का ये वीडियो दशहरे वाले दिन का है..दशहरे वाले दिन असत्य पर सत्य की विजय और रावण के मारे जाने की खुशी में योगी जी गोरखपुर के गोरक्षनाथ धाम में गुरू गोरखनाथ का आरती कर रहे थे..अभी ये बात ध्यान रखिए गोरखनाथ की पदवी गुरू की है..उनको देवी देवताओं की पदवी नहीं है..तो योगी आदित्यनाथ जब योगी आदित्यनाथ कैमरे की तरफ घूमकर आरती करने करने लगे..

तो वहीं से उनको ट्रोल किया जाने लगा..कहा जाने लगा योगी जी अपनी वीडियो बनवाने के लिए फोटो खिचनावाने के लिए कैमरों की तरफ घूमकर आरती कर रहे थे..लोगों ने क्या क्या कहा उसके सभ्य और परिवार के साथ बैठकर पढ़े जाने वाले कुछ उदाहरण आपको ऊपर दिखाए हैं..लेकिन अब सवाल ये है कि क्या सच में योगी आदित्यनाथ कैमरा जीवी हैं..क्या वो टीवी पर दिखाई देने के लिए कैमरे की आरती कर रहे थे..तो इसका जवाब है नहीं..योगी आदित्यनाथ कैमरे पर दिखने के लिए कैमरे की तरफ घूमकर आरती नहीं कर रहे थे..अब आप पूछेंगे तो क्या कैमरे की आरती कर रहे थे..तो चलिए कैमरा पूजा की इस विधि को समझा देते हैं..

देखिए आपने गंगा आरती देखी होगी.जब गंगा आरती होती है तो आरती करने वाले आचार्य लोग गंगा की तरफ आरती करने के बाद दूसरी दिशा में घूमकर भी आरती करते हैं..फिर आप रिषिकेश आ जाईये तो यहां तो भी गंगा आरती के समय ही आरती करने वाले शिष्य पब्लिक की तरफ घूमकर आरती करते हैं.हमने पता किया तो पता चला कि नाथ संप्रदाय में चौखंभा आरती की मान्यता है..

गुरू की आरती में चारों तरफ घूमकर आरती करने की प्रथा है..तो योगी आदित्यनाथ फोटो खिचाने के लिए कैमरे की तरफ घूमकर आरती कर रहे थे ये पूरी तरह से गलत है.मैं ब्रह्म्मण कुल में जन्मी हूं..बनारस मेरा ननिहाल है तो इस बारे में मैंने और डीपली पता किया किया तो पता चला..घूम घूमकर आरती करने की विधाएं..अलग अलग पूजा विधियों में मान्य हैं..हिंदू धर्म में जिनको देवी देवता की उपाधि मिली है उनकी आरती के समय उन देवी देवताओं को पीठ नहीं दिखाई जा सकती..

देखिए सरकार को जिस बात पर टोकने वाला होगा..जिस बात पर सरकार को चेताने की..सरकार को जगाने की जरूरत होगी..वहां प्रज्ञा मिश्रा आपको जरूर खड़ी मिलेगी..मैं हमेशा सच के साथ हूं..अब एक भाई साहब ने कहा खुद को गिरजाघर का पादरी समझ कर मंदिर में मोमबतियों से कैमरामैन की आरती करते हुए योगी आदित्यनाथ..

तो मोमबत्ती से पूजा करने के रिवाह हिंदू धर्म में किसी भी पीठ में नहीं है..योगी आदित्यनाथ के हाथ में जो मोमबत्ती जैसी खड़ी हुई जलती हुई आकृति दिख रही है..ये कपूर की स्लाइड्स हैं..इनके भीतर कपूर भरा है..जो जल रहा है…इसलिए योगी आदित्यनाथ ( Yogi Aditaynath) को पूजा विधि को लेकर ट्रोल किया जाना पूरी तरह से गलत है. Yogi Arti On camera

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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