कैसी होगी नई फिल्म सिटी, योगी सरकार के पास कितना समय बचा, क्या होगी इसकी ख़ासियत, पढ़ें-

उत्तर प्रदेश को फिल्म निर्माण का केंद्र बनाने के लिए सीएम योगी ने फिल्म सिटी बनाने का ऐलान किया है. ये फिल्म सिटी आगरा, मथुरा और नोएडा में प्रस्तावित लॉजिस्टिक हब से काफी करीब पड़ेगा.

yogi adityanath film city built in noida of uttar pradesh
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बीते 30 सालों में चार बार फिल्म सिटी बनाने की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है. लेकिन सीएम योगी ने महज 4 दिन में ही फिल्म सिटी बनाने की पटकथा लिख डाली. जब वे मेरठ मंडल की समीक्षा अपने आवास पर कर रहे थे, इसके बाद 4 दिनों में बॉलीवुड की नामचीन हस्तियों के साथ उन्होंने बैठक भी कर ली. इस दौरान सीएम योगी ने अपनी मंशा जाहिर की और सुझाव भी लिए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में फिल्म सिटी बनाए जाने की घोषणा के बाद इसे लेकर अपना प्लान भी साझा कर दिया है. उन्होंने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा गौतम बुद्ध नगर में 1000 एकड़ की जमीन चिह्नित कर ली गई है जिस पर इनफोटेनमेंट जोन तैयार किया जाएगा. सरकार फिल्म सिटी की स्थापना में जमीन उपलब्ध कराकर मदद करेगी. साथ ही सही इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में मदद करेगी. फिल्म सिटी में इसका खुद का पुलिस स्टेशन और एक अलग विंग बनाया जाएगा जो फिल्म सिटी की सुरक्षा इनश्योर करेगा. इसका खुद का फायर स्टेशन भी होगा.

योगी सरकार के पास महज डेढ़ साल का कार्यकाल बचा है. ऐसे में क्या वे नोएडा में फिल्म सिटी खड़ी कर पाएंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे विश्व की बेहतर फिल्म सिटी बनाने का दावा किया है. फिल्म सिटी में विश्व स्तरीय फिल्म म्यूजियम बनाया जाएगा. जिसमें बेहतरीन फिल्म का संग्रह होगा, निर्माण प्रक्रिया और फेमस स्टूडियो के बारे में बताया जाएगा. इसके साथ ही एक फिल्म विश्वविद्यालय बनाने का भी प्रस्ताव है. इसमें निर्देशन, स्क्रिप्ट राइटिंग, सिनेमैटोग्राफी, एनीमेशन, साउंड रिकॉर्डिंग जैसे पाठ्यक्रम रखे जाएंगे. और 5 स्टार और 3 स्टार और कम बजट के होटल भी बनाया जाना प्रस्तावित है.

बतादें कि फिल्म सिटी 2023 तक तैयार होएगी. लोकेशन फिल्म इंडस्ट्री के द्वारा फाइनल कर दी गई है.एक्सप्रेसवे, सेक्टर 29 में ये करीब 1000 एकड़ की जमीन है. इंडस्ट्रियल एरिया जिसमें स्टूडियो और सेट शामिल होंगे करीब 780 एकड़ में फैला होगा और बाकी का 220 एकड़ कॉमर्शियल पर्पस से इस्तेमाल किया जाएगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आत्मविश्वास जताया है कि ये फिल्म सिटी उनकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी. भारतीय सिनेमा को अब एक नया मंच मिल रहा है. ये आज के समय की जरूरत है. इंडस्ट्री को उत्तर प्रदेश में आकर फिल्में बनाने के लिए आमंत्रित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी भारतीय संस्कृति के लिहाज से मध्य बिंदु है और सरकार कनेक्टिविटी को बेहतर किया है.

अब जानते हैं की क्या है यूपी की फिल्म नीति-
  • यूपी में रीजनल भाषा (अवधी, ब्रज, बुंदेली, भोजपुरी) में फिल्म बनाने वाले को उसकी लागत का अधिकतम 50% अनुदान.
  • हिंदी, अंग्रेजी और देश की अन्य भाषा में फिल्म बनाने पर लागत का अधिकतम 25% की सब्सिडी.
  • यदि फिल्म की आधी शूटिंग यूपी में की जाती है तो 1 करोड़ तक का अनुदान मिलेगा.
  • दो तिहाई शूटिंग करते हैं तो 2 करोड़ रुपए तक अनुदान.
  • यदि दूसरी फिल्म यूपी में बनाते हैं और उसकी आधी शूटिंग यहां करते हैं तो उसके लिए 1.25 करोड़ की सब्सिडी.
  • यदि दूसरी फिल्म की दो तिहाई शूटिंग करते हैं तो उसके लिए 2.25 करोड़ रुपए सब्सिडी मिलती है.
  • तीसरी फिल्म की आधी शूटिंग पर 1.50 करोड़ और दो तिहाई शूटिंग करने पर 2.50 करोड़ की सब्सिडी मिलती है.
  • अगर किसी फिल्म के पांच मुख्य कलाकार यूपी के है तो सरकार उनको पारिश्रमिक के रूप में दिए जाने वाली धनराशि या फिर 25 लाख रुपए की सब्सिडी भी देती है.

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