पहली बार लखनऊ से बाहर कुंभ में होगी कैबिनेट बैठक, इन फैसलों पर सबकी नज़र-

उत्तर प्रदेश में जब से योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी है, तबसे नए नए कारनामे देखने को मिल रहे हैं. वहीँ अब योगी सरकार एक और नया इतिहास बनाने जा रही है. यूपी में कोई भी सीएम रहा हो लेकिन उसकी कैबिनेट बैठक लखनऊ में ही होती है. मगर सीएम योगी आदित्यनाथ की टीम इस इतिहास को बदलने जा रही है.

yogi adityanath cabinet meeting on 29th in kumbhnagar
yogi adityanath cabinet meeting on 29th in kumbhnagar

सीएम योगी ने ये तय किया है की इस बार 29 जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक कुंभ नगरी प्रयागराज में होगी. कैबिनेट की बैठक संगम तट पर बसे टेंट सिटी में होगी. और बैठक से पहले कैबिनेट के सभी मंत्री पहले संगम में स्नान करेंगे उसके बाद बैठक का हिस्सा बनेंगे. प्रयागराज कुंभ के आकर्षण ने इस बहुप्रतीक्षित बैठक की राह आसान की है. ये पहला मौका होगा जब कैबिनेट की बैठक राजधानी से बाहर होगी.

भगवान में आस्था रखने वालों के लिए सरकार कैबिनेट की बैठक वहां करेगी। इस बैठक से पूरी दुनिया में एक धार्मिक संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की बैठक कुंभ में किए जाने को लेकर फैसला पिछले कैबिनेट बैठक में ही ले लिया गया था। 29 जनवरी को गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती संगम के पावन तट पर होने वाली यह कैबिनेट की बैठक वास्तव में इतिहास दर्ज करेगी।

सभी लोगों की नज़र सिर्फ इस बात पर टिकी है कि सीएम योगी के साथ लगभग चार दर्जन मंत्रियों का जमावड़ा, कई बड़े अधिकारियों की फौज और उनकी सुरक्षा में लगे सुरक्षाबलों की टीम संगम तट बने टेंट सिटी में ऐसे कौन से फैसले लेगी जो इतिहास में दर्ज हो जाएंगे. सूत्रों का मानना है कि इस बैठक में धर्म और कुंभ से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है.

इससे पहले 1962 में नैनीताल में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी. कैबिनेट की बैठक अमूमन लखनऊ में मंगलवार को होती है. मगर इस बार मंगलवार को मकर संक्रांति पर्व होने और मुख्यमंत्री योगी के गोरखपुर में होने की वजह से पिछली कैबिनेट की बैठक स्थगित कर दी गई थी. कुंभ में कैबिनेट की बैठक में लिये गये फैसलों पर पूरे देश-दुनिया की नजर रहेगी. सरकार ऐसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव तैयार कर रही है, जिसका प्रभाव दूरगामी हो और लंबे समय तक चर्चा बनी रहे.