बीजेपी महिला नेत्रियां गाली खाकर चुप हैं : सम्पादकीय व्यंग्य

Yati Narsinghanand Saraswati : सुनो यति मैं ब्राह्ममण कन्या प्रज्ञा मिश्रा तुमसे कहती हूं..पवित्र भगवा चोले को मैला मत करो..भगवा पहनकर भारत की माताओं बहनों के बारे में ऐसी घटिया ऐसी नीच सोच सड़क पर खड़े होकर सीटी मारने वाले शोहदों की भी नहीं होती..ये निर्लज्ज हमारे पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को जेहादी कह रहा था..हमारे समाज के एक तबके ने चटखारे लेकर इसे संत कहा..मंदिर में पानी पीने पर दूसरे समुदाय के बच्चे को पीटा गया..

PRAGYA KA PANNA
PRAGYA KA PANNA


फिर भी समाज के एक तबके ने इसे हिंदु ह्रदय सम्राट कहा..लेकिन दोस्तों सांप को दूध कब तक पिलाया जा सकता है..सांप तो सांप है..उसकी फितरत में डसना है..और इस बार हमारे देश की जनता के द्वारा चुनी हुई बीजेपी की माननीय महिला मंत्रियों..महिला नेत्रियों को इस पापी ने गाली दी है..ऐसी वैसी गाली नहीं इस बत्तमीज बाबा की घिनौनी जुबान ने एक सेकेंड में हमारी बड़ी बड़ी महिला बीजेपी नेताओं को उनके सहकर्मी पुरुष नेताओं के बिस्तर तक पहुंचा दिया..इसके मुताबिक राजनीति में और खास तौर पर बीजेपी में महिलाएं जब तक एक नेता के पास से दूसरे नेता और दूसरे से तीसरे के पास नहीं जातीं वो आगे नहीं बढ़ सकतीं..

सांप कुत्ता नहीं है..कि पुचकारने पर पूछ हिलाएगा..सांप तो डसेगा ही..यति को दूध पिलाने वाले बीजेपी नेता अब पछता रहे हैं कि उन्होंने यति जैसे सड़कछाप सोहदे को बाबा समझकर दूध पिलाया..जिसकी भाषा जिसके विचार जिसकी महिलाओं के लिए सोच को देखकर और सुनकर सड़क छाप शोहदे भी उसे अपना माहगुरू मानने लगे हैं..अब आप कहेंगे अरे प्रज्ञा मिश्रा जब पावर में बैठी बीजेपी महिला मंत्रियों को कोई फर्क नहीं पड़ता तो तुमको क्या..

जिन बीजेपी की महिला नेताओं को इस नीच बाबा ने गाली दी..वो कुछ नहीं बोल रही हैं..और प्रज्ञा मिश्रा आप इतने कड़े शब्दों का प्रयोग कर रही हैं..दोस्तों देखिए बीजेपी में जितनी महिलाएं हैं सबका मौन व्रत चल रहा है..भगवा पहनकर चाहे उनको कोई कुछ भी कहकर चला जाए..देश में या प्रदेश में इनके ही पेशे की किसी भी महिला की साड़ी खींच ली जाए..उनको फर्क नहीं पड़ता है…

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फर्क पड़ता भी होता होगा..तो सत्ता के लालच में सम्मान को गिरवी रख दिया होगा.. दोस्तों यूपी में सांसद विधायक मंत्री..केंद्रीय महिला मंत्रियों को जोड़कर बीजेपी में 60 महिलाएं सत्ता का सुख भोग रही हैं..लेकिन एक भी महिला ने यति के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा..किसी महिला ने ये नहीं कहा कि हमारे संघर्षों पर पुरुषवादी मानसिकता का पत्थर रखने वाले दो कौड़ी के यति हम पर लांछन लगाने वाले बत्जलन बाबा..अपनी हद में रह..बात बात पर fir दर्ज करा देने वाले रजाई तानकर सो गए..

http://ultachasmauc.com/national-monetisation-pipeline-pragya-ka-panna/

लेकिन मैं प्रज्ञा मिश्रा यति से कहना चाहती हूं..महिलाएं बिस्तर पर चढ़कर उन्नति का आसमान देखती हैं..ऐसी गंदी मानसिकता रखने वाला हमारी सनातन संस्कृतिक का बाबा नहीं हो सकता है..इसके खिलाफ गाजियाबाद पुलिस को स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज करना चाहिए..मैं प्रज्ञा मिश्रा भारत देश के भीतर पब्लिक डोमेन में सामाजिक काम करने वाली…वर्किंग वुमेंस की तरफ से यति महाराज जैसे शोहदों को बाबा मानने से इंकार करते हुए..संत समाज से अपील करती हूं कि इसका बाबागिरी का अघोषित लाइसेंस रद्द किया जाए..इसके तन से हमारी महान संस्कृति के सूचक..उत्थान सम्मान और देश के अभिनान के प्रतीक पवित्र भगवा वस्त्रों को उतार लिया जाए..जिनको नहीं मालूम उनको बता दूं…ये निर्लज्ज बाबा गाजियाबाद के डासना के शिव शक्ति धाम मंदिर में पुजारी है..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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