कैसे विजय शेखर शर्मा ने फ्लॉप धंधे को बना दिया देश की नंबर-1 PayTM कंपनी, पढ़ें पूरी रिसर्च रिपोर्ट-

डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम PayTM ने आईपीओ (PayTM IPO) लाने का ऐलान कर दिया है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं पेटीएम PayTM का फाउंडर कौन है ? पेटीएम PayTM की शुरुआत कैसे हुई ? किसने इतनी बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी की नीव रखी ? आज हम आपको पेटीएम PayTM से जुड़े सारे सवाल के जवाब बताएँगे.

कैसे विजय शेखर शर्मा ने फ्लॉप धंधे को बना दिया देश की नंबर-1 PayTM कंपनी, पढ़ें पूरी रिसर्च रिपोर्ट-
कैसे विजय शेखर शर्मा ने फ्लॉप धंधे को बना दिया देश की नंबर-1 PayTM कंपनी, पढ़ें पूरी रिसर्च रिपोर्ट-

सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म है पेटीएम

आज पेटीएम PayTM देश का सबसे बड़ा डिजिटल लेन-देन का प्लेटफॉर्म है. जिसको देखो जहाँ भी देखो हर किसी के मोबाईल में पेटीएम है. पेटीएम ने पैसों का लेन-देन कुछ भी खरीदना या बेचना इतना आसान कर दिया है की हर काम बस मिनटों में हो जाते हैं. पेटीएम कंपनी ने इतना ग्रोथ किया है कि 2021 के अंत तक ये कंपनी पब्लिक हो जाएगी. कंपनी अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में करीब 22 हजार करोड़ का IPO लॉन्च करने की तैयारी कर रही है.

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कौन हैं पेटीएम के फाउंडर ?

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पहले जानते हैं पेटीएम PayTM के फाउंडर के बारे में. विजय शेखर शर्मा पेटीएम के फाउंडर हैं और वे अलीगढ़ के रहने वाले हैं. विजय के पिता एक स्कूल टीचर थे. विजय ने 12वीं तक की पढ़ाई हिंदी मीडियम से की थी. उसके बाद वे ग्रेजुएशन करने के लिए दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग चले गए वहां से उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन की पढ़ाई की. ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान ही 1997 में उन्होंने एक वेबसाइट Indiasite.net लांच की और दो साल के बाद इस वेबसाइट को लाखों रुपए में बेच दी. फिर वहीँ से विजय शेखर शर्मा ने अपने एंटरप्रेन्योरशिप सफर की शुरुआत की.

बचत के पैसों से शुरू किया बिजनेस

ग्रेजुएशन करने के बाद विजय शेखर शर्मा आगे की पढ़ाई करने के लिए अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में गए. पढ़ाई ख़त्म करने के बाद वे भारत आये तब उन्हें ये पता चला कि भारत में स्टार्टअप के लिए कोई सपोर्ट नहीं था तो उन्होंने अपने बचत के पैसों से अपने बिजनेस की शुरुआत की. विजय ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके बिजनेस में कैश फ्लो नहीं था. वे जिस टेक्नोलॉजी, कॉल सेंटर, कंटेंट सर्विस के फील्ड में काम कर रहे थे वहां से कम समय में कैश मिलना बहुत मुश्किल था.

8 लाख रुपए का लोन लेना पड़ा

ऐसे में विजय के बचत के पैसे खत्म हो गए और फिर उन्होंने अपने दोस्तों और परिवार से मदद मांगी लेकिन कुछ दिन में वो भी पैसे खत्म हो गए. जब कहीं से कोई उम्मीद नहीं बची तो विजय ने एक जगह से 8 लाख रुपए का लोन 24% ब्याज पर लिया. उन्होंने हार नहीं मानी और आगे चलकर उन्हें एक सज्जन के रूप में समझो फरिश्ता मिल गए. उन्होंने विजय से कहा कि आप अगर मेरी घाटे वाली टेक्नोलॉजी कंपनी को फायदे में ला दो मैं आपकी कंपनी में निवेश कर सकता हूं.

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ऐसे चुकाया पूरा लोन

विजय ने उनकी बात को मान ली और अपनी कड़ी मेहनत से उनके कारोबार को मुनाफे में ला दिया. ये देख कर वो सज्जन भी काफी खुश हुए और उन्होंने विजय की कंपनी की 40% इक्विटी खरीद ली. इस रकम से विजय ने अपना पूरा लोन चुका दिया और उनकी गाड़ी भी धीरे धीरे पटरी पर आ गई. फिर 2011 में विजय शेखर शर्मा ने स्मार्टफोन से पेमेंट मॉडल पर काम करने का फैसला किया. पेटीएम का नाम मोबाइल से पेमेंट (Pay Through Mobile) का शॉर्ट फॉर्म ही Paytm बना.

नोटबंदी में पेटीएम को बड़ा मुनाफा

साल 2014 में विजय की पेटीएम PayTM ने अपना मोबाइल वॉलेट लॉन्च कर दिया. 2015 में कंपनी का रेवेन्यू 336 करोड़ रुपए था. शुरु के 6 सालों में पेटीएम PayTM के पास कुल 12.5 करोड़ कंज्यूमर थे. लेकिन पेटीएम PayTM को सबसे ज्यादा सुर्खियां नोटबंदी में मिली थी. एक रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के बाद एक साल के अंदर पेटीएम पर 435% ट्रैफिक बढ़ गया, वहीं एप के 200% डाउनलोड बढ़ गए. और पेटीएम के कुल ट्रांजैक्शन की बात करें तो वो 250% तक बढ़ गया था.

2017 में पेटीएम का रेवेन्यू 828.6 करोड़ रुपए पहुंचा

पेटीएम PayTM के सुर्खियों में आते ही निवेशकों की लाइन लग गई और नोटबंदी के छह महीने बाद चीनी निवेशकों अलीबाबा समूह और SAIF ने पेटीएम में करीब 1500 करोड़ रुपए का इनवेस्ट कर दिया. इससे पेटीएम को डबल से भी ज्यादा फायदा हुआ और कंपनी ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि मार्च 2017 में इसका रेवेन्यू 828.6 करोड़ रुपए हो गया. इसके बाद पेटीएम की ब्रांड इमेज तब और ज्यादा मजबूत हो गई जब पेटीएम ने इंडियन क्रिकेट टीम को स्पॉन्सरशिप किया.

कोरोना काल में 1 अरब डॉलर कमाएं

वहीं कोरोना काल में पेटीएम पहली बार 1 अरब डॉलर (करीब 7,313 करोड़) की कंपनी बन गई है. विजय शेखर शर्मा इस वक्त कंपनी के हेड हैं. बतादें कि पेटीएम अभी भी पेमेंट सेवाओं पर ही निर्भर है. हालांकि कंपनी क्रेडिट, बीमा और वेल्थ जैसे सेगमेंट में भी काम कर रही है. फाइनेंशियल सेक्टर में अपनी जमीन बना रही है. पेटीएम ने म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर और शेयर ब्रोकिंग बिजनेस भी पेटीएम मनी के तहत शुरू किया है. इसमें पेटीएम को कम समय में अच्छी सफलता मिली है.

जनरल बीमा कंपनियों को खरीदने की तैयारी

पेटीएम इस समय जनरल बीमा कंपनियों को भी खरीदने की योजना बना रही है. जनरल बीमा का मतलब गाड़ियों, स्वास्थ्य, घरों आदि का बीमा कराने से है. कंपनी का नॉन पेमेंट सेवाओं का बिजनेस 87% सालाना बढ़ा है. पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस है. इस पैरेंट कंपनी की 14 सब्सिडियरी कंपनी, 7 एसोसिएट और ज्वाइंट वेंचर में हैं. ये कंपनी डिजिटल से आगे बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, फाइनेंशियल सर्विसेज, वेल्थ मैनेजमेंट और डिजिटल वॉलेट की सेवाएं देती है. ये यूपीआई आधारित पेमेंट सेवा भी देती है.

विजय शेखर शर्मा की सोच कितनी आगे रहती थी ये उन्होंने 31 मई को एक ट्वीट में बताया. उन्होंने 10 साल पुराने एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, ’10 साल पहले, जब पेटीएम का ऐप भी नहीं आया था’ उस स्क्रीनशॉट में उन्होंने लिखा था- स्मार्टफोन कुछ भी कर सकता है. नया बिजनेस मॉडल भी तैयार कर सकता है.

पेटीएम ने घाटे में भी इतिहास बनाया

बतादें कि पेटीएम का सीधा मुकाबला फोन पे, गूगल पे, अमेजन पे और फेसबुक के वॉट्सऐप पे के साथ है. पेटीएम के पास 2 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट पार्टनर्स हैं. ट्रांजैक्शन की बात करें तो इसके ग्राहक महीने में 1.4 अरब ट्रांजैक्शन करते हैं. लेकिन पेटीएम के घाटे का भी इतिहास रहा है. वित्त वर्ष 2018-19 में रेवेन्यू ₹3391 करोड़ और नेट लॉस ₹3959 करोड़ रहा था. वित्त वर्ष 2019-20 में कंपनी का रेवेन्यू ₹3350 करोड़ जबकि नेट लॉस ₹2833 करोड़ रहा था. वित्त वर्ष 2020-21 के ऑडिटेड नतीजों की अब तक घोषणा नहीं की गई है.

अब जानते हैं IPO के बारे में-

IPO के जरिए पेटीएम अपनी वैल्यूएशन करीब 2 लाख करोड़ लेकर जाना चाहती है. कंपनी ने 28 मई 2021 को हुई बैठक में इसकी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. पिछले 4 दिन में पेटीएम के शेयरों की कीमत 11,500 रुपये प्रति शेयर (Share Price) से बढ़कर 21,000 रुपये पर पहुंच गई है. हालत ऐसी हो गई है कि निवेशक पेटीएम के शेयरों के लिए प्रीमियम देने को तैयार हैं, लेकिन उन्‍हें कोई बेचने वाला नहीं मिल रहा है.

बतादें कि अब तक देश में कोल इंडिया का सबसे बड़ा IPO 2010 में रहा है जो 15 हजार करोड़ रुपए का था. और रिलायंस पॉवर ने 2008 में 11,700 करोड़ रुपए के IPO लॉन्च किए थे. लेकिन अब पेटीएम का IPO आने के बाद ये भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा.

आईपीओ IPO को इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (INITIAL PUBLIC OFFERING) कहते हैं. जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर पब्लिक को ऑफर करती है तो इसे आईपीओ IPO कहते हैं. ये प्राइमरी मार्केट के अंतर्गत होता है. मतलब की आईपीओ के जरिए कंपनी पब्लिक से फंड इकट्ठा करती है और उस फंड को कंपनी अपनी तरक्की में लगाती है. इसके बदले में आईपीओ खरीदने वाले लोगों को कंपनी में हिस्सेदारी मिल जाती है.

कंपनियां आईपीओ क्यों लाती हैं ?

अब आप ये भी सोच रहे होंगे की आखिर आईपीओ लाते ही क्यों हैं तो आपको आसान शब्दों में बतादें कि जब किसी कंपनी को लगता है कि वो लगातार आगे बढ़ रही है उसका मुनाफा बढ़ता ही जा रहा है और उसे अब ज्यादा विस्तार करने की जरूरत है मतलब अब कंपनी को दूसरे शहरों में भी विस्तार करना है और इसके लिए लोगों की भी जरूरत पड़ती है तो ऐसी स्थिति में कंपनी आईपीओ जारी करती हैं.

सवाल – पेटीएम क्या है ? Question – What is Paytm?
उत्तर – पेटीएम एक भारतीय ई-कॉमर्स शॉपिंग वेबसाइट है Answer – Paytm is an Indian e-commerce shopping website
सवाल – पेटीएम के फाउंडर कौन हैं ?Question – Who is the founder of Paytm?
उत्तर – पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा हैं Answer – Vijay Shekhar Sharma is the founder of Paytm
सवाल – क्या पेटीएम चीनी कंपनी है ? Question – Is Paytm a Chinese company?
उत्तर – पेटीएम भारतीय कंपनी है Answer – Paytm is an Indian company
सवाल – पेटीएम कैसे बनता है ? Question – How is Paytm made?
उत्तर – प्ले स्टोर से पेटीएम डाऊनलोड करके इसपर अपना अकाउंट बना सकते हैं Answer – You can download Paytm from play store and create your account on it.
सवाल – आईपीओ क्या है ? Question – What is IPO?
उत्तर – आईपीओ को इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग कहते हैं. Answer – IPO is called Initial Public Offering.

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2 thoughts on “कैसे विजय शेखर शर्मा ने फ्लॉप धंधे को बना दिया देश की नंबर-1 PayTM कंपनी, पढ़ें पूरी रिसर्च रिपोर्ट-

  • June 6, 2021 at 5:14 pm
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    Maim mai sant kabir nagar ka rahane wala hu ..ap job ka to Jo rara h vo to h hi aur bahot si chije h..
    Hmare area se sate jitane bhi gorakhpur ki border h waha se unaki sadake to ek dam ek number h chache Gaon ho ya sahar but unhi se sate hmare sahar ke sadako ka hal itana bura h ki pucho mt ..uspar na hamare sansad Praveen nishad ji nazar pad rahi nahi hamare koi dm sp. Etc

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    • June 6, 2021 at 6:45 pm
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      आप अपनी बात ठीक से कहें समझ में नहीं आ रहा है

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