तालिबान को पूरा विश्व क्यों नहीं रोक पाया ? अब भारत को क्या करना चाहिए ? : संपादकीय व्यंग्य Taliban Afganistan Issue

PRAGYA KA PANNA

What is Taliban Afganistan Issue : अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी..देश छोड़कर भाग चुके हैं..तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है..अमेरिका एक तरीके से तालिबान से हार चुका है..अफगानिस्तान के नए राष्ट्रपति अब मुल्ला अब्दुल गनी बरादर हो सकते हैं..दुनिया ने मौन तरीके से तालिबान को ही अफगानिस्तान का भविष्य मान लिया है..ये तालिबान कौन है..कहां से आया..देश कब्जाने की ताकत इसके पास कहां से आई..तालिबान को कुछ देश चरमपंथी संगठन कहते हैं..कुछ देश आंदोलनकारी कहते हैं..तालिबान का सपोर्ट कौन कर रहा है..

और अमेरिका जैसे देश को तालिबान ने कैसे हरा दिया..क्या भारत को तालिबान से डरने की जरूरत है..तालिबान ने भारत को धमकी दी है कि वो अफगानिस्तान में अपनी सेना ना भेजे वर्ना ठीक नहीं होगा..और क्या अफगानिस्तान ने कभी भारत पर आक्रमण किया है..तालिबान पर आगे भारत का क्या स्टैंड रहने वाला है..आज इसी पर बात करेंगे..

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दोस्तों 60 से ज्यादा देश तालिबान को चरमपंथी संगठन कहते हैं..कुछ आतंकी संगठन कहते हैं..लेकिन तालिबान को पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने मान्यता दी..वो इसे आंदोलन कहते हैं..अफगानिस्तान पर तालिबान पर कब्जे के बारे में समझने से पहले आपको ये समझना होगा कि तालिबान है क्या..पैदा कहां से हुआ.दोस्तों पश्तो जुबान में छात्रों को तालिबान कहा जाता है..अब आप कहेंगे ये पश्तों क्या है…

दोस्तों पाकिस्तान और अफगानिस्तान का जो इलाका आप मैप पर हरे रंग का देख रहे हैं..इस इलाके में पठान मुस्लिमों की ज्यादा आबादी रहती है..यहां पश्तो भाषा बोली जाती है..अंग्रेज जब भारत पर शासन कर रहे थे तब उन्होंने इस इलाके को पख्तूनिस्तान कहा था..तब से इसे पख्तूनिस्तान कहते हैं..जैसे यूपी में बुंदेलखंड…जिसका कुछ हिस्सा यूपी में कुछ एमपी में है..लेकिन यहां के नागरिकों को बुंदेलखंडी कहते हैं..

Islamic Republic of Afghanistan
Ashraf Ghani
Hamid Karzai

Mohammad Rabbani
Islamic State of Afghanistan
Taliban
Mullah Abdul Ghani Biradar

Abdul Gani Baradar Kaun Hai
Who Is Taliban Commander

हम आज पर वापस आएंगे लेकिन आज को जानने के लिए आपको इतिहास जानना जरूरी है…आप ऊपर ऊपर से अफगानिस्तान का इतिहास जान लीजिए..देखिए अफगानिस्तान पर दुर्रानी उसके बेटे..और पोते ने लंबं समय तक राज किया..लेकिन हर राजा की कहानी की तरह इस कहानी में था कि बाप बेटे और पोतों तक पहुंचते पहुंचते दुर्रानी शासन कमजोर हो गया..बादशाह कमजोर हुए तो शासन खत्म भी हो गया..

1933 से लेकर 1973 तक अफ़ग़ानिस्तान पर ज़ाहिर शाह का शासन रहा.. इसके बाद..सोवियत संघ ने आक्रमण कर दिया..अफगानिस्तान पर कम्यूनिस्ट राज रहा..फिर मुजाहिदों ने सोवियत शासन की नाक में दम कर दिया..अमेरिका के साथ मिलकर सोवियत संघ को भगा दिया..90 के दशक में सोवियत संघ अफगानिस्तान से पैकअप कर रहा था..दूसरी तरफ 1996 में ये वही समय था जब तालिबान (TALIBAN) का जन्म पाकिस्तान और अफगानिस्तान (AFGANISTAN) के इलाके पख्तूनिश्तान में हो रहा था..

अफगानिस्तान से सोवियत संघ को भगाने के बाद 1989 में मुजाहिदीन ने राज करना शुरू किया..अफगानिस्‍तान के राष्ट्रपति बने बुरहानुद्दीन रब्बानी..सोवियत सैनिकों के जाने के बाद अफग़ानिस्तान के आम लोग मुजाहिदीन की ज्यादतियों और आपसी संघर्ष से ऊब गए थे..इसलिए लोगो ने धार्मिक आंदोलन से राजनीतिक आंदोलन में उतर चुके तालिबान का स्वागत किया गया..1996 में तालिबान ने अफगानिस्तान को अपने कंट्रोल में कर लिया..

मुजाहिदीन के पश्तून आदिवासी समुदाय से आने वाले मुल्ला मोहम्मद उमर ने तालिबान की स्थापना की…तालिबान ने सोवियत को भगाने वाले रब्बानी को सत्ता से हटा दिया..भ्रष्टाचार पर अंकुश, अराजकता की स्थिति में सुधार, सड़कों का निर्माण और नियंत्रण वाले इलाक़े में कारोबारी ढांचा और सुविधाएं मुहैया कराना-इन कामों के चलते शुरुआत में तालिबानी लोकप्रिय भी हुए..

शुरुआत में अफगानिस्तान में तालिबान का स्वागत और समर्थन किया गया.. ये माना गया कि तालिबान अफगानिस्तान में मौजूद भ्रष्‍टाचार और पटरी से उतर चुकी अर्थव्‍यवस्‍था को ठीक कर देंगे..इसके लिए तालिबान ने धीरे-धीरे कड़े इस्लामिक नियम लागू किए..चोरी से लेकर हत्या तक के दोषियों को सरेआम मौत की सजा दी जाने लगी..समय के साथ रुढ़िवादी कट्टरपंथी नियम थोपे जाने लगे..

टीवी और म्यूजिक को बैन कर दिया गया..लड़कियों को स्कूल जाने से मना कर दिया गया..महिलाओं पर बुर्का पहनने का दबाव बनने लगा..सजा देने के तरीके और क्रूरता ने तालिबान से लोग डरने लगे..तालिबान शब्द से लोग खौफ खाने लगे..धीरे धीरे तालिबान लोगों के दिलों से उतार दिया..

और फिर तभी आ गया साल 2001 जब अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमला हो गया…तालिबान फिर से सुर्खिोयों में आ गया..अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को अमेरिका खोजने लगा..तालिबान ने ओसामा को पनाह दी थी..

अमेरिका ने तालिबान से लादेन को सौंपने के लिए कहा था..लेकिन तालिबान ने इन्‍कार कर दिया.. इसके बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान में घुसकर मुल्ला ओमार की सरकार को गिरा दिया..ओमार और बाकी तालिबानी नेता पाकिस्तान भाग गए..हामिद करजई को अफगानिस्तान का राष्ट्रपति बनाया गया..2004 में हामिद करजई अफगानिस्तान के चुने हुए राष्ट्रपति बने..2014 में अशरफ गनी अफगानिस्तान के राष्ट्रपति बने तब से वही अफगानिस्तान के राष्ट्रपति थे..तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया तो अशरफ गनी अपनी टीम के साथ अमेरिका भाग गए..

अब तालिबान चाहता है कि कोई भी दूसरा देश अफगानिस्तान में अपनी सेना उतारकर तालिबान को चुनौती ना दे..इसीलिए उसने भारत को भी धमकी दी है कि अगर भारत ने तालिबान में सेना भेजी तो अंजाम ठीक नहीं होगा. कहते हैं तालिबानी संगठन में 85 हजार लड़ाके हैं..करीब 20 साल से तालिबान के साथ चल रही जंग अमेरिका हारकर लौट चुका है..

मुल्ला शिरीन अफगानिस्तान के गवर्नर बन चुके हैं..बिरादर राष्ट्रपति बन सकते हैं..अफगानिस्तान से भागने के लिए लोग फ्लाइट्स में लटककर उड़ान भर रहे हैं..एक तस्वीर ऐसी भी आई कि लोग फ्लाइट के टायरों में लटककर उड़ गए आसमान में पहुंचकर नीचे गिर गए..तालिबान के गवर्नर का कहना है कि अफगानिस्तान में शांति बनाई जाएगी..दोस्तों इस वीडियो में इतना ही..चलते है राम राम दुआ सलाम जय हिंद..ट्विटर पर मुझे @PRAGYALIVE नाम से खोजकर फॉलो जरूर करें..

Disclamer- उपर्योक्त लेक लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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