crossorigin="anonymous"> क्या होते हैं ड्रॉपलेट और एयरोसोल ? जिससे 10 मीटर तक हवा में फैलता है कोरोना - Ulta Chasma Uc

क्या होते हैं ड्रॉपलेट और एयरोसोल ? जिससे 10 मीटर तक हवा में फैलता है कोरोना

सरकार ने मान लिया है की कोरोना वायरस हवा में भी फ़ैल सकता है और अब सरकार ने इसके लिए नई एडवाइजरी जारी कर दी है. इसमें बताया गया है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति के एयरोसोल 10 मीटर की दूरी तक फैल सकते हैं.

कोरोना वायरस फैलने का कारण एयरोसोल Aerosols और ड्रॉपलेट्स Droplets

सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के अनुसार एयरोसोल और ड्रॉपलेट्स कोरोना वायरस फैलने के प्रमुख कारण हैं. कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स हवा में दो मीटर तक जा सकते हैं, लेकिन एयरोसोल उन ड्रॉपलेट्स को 10 मीटर तक आगे बढ़ा सकता है और संक्रमण का खतरा पैदा कर सकता है. यहां तक कि एक संक्रमित व्यक्ति जिसमें कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं, वो ‘वायरल लोड’ बनाने लायक पर्याप्त ड्रॉपलेट्स छोड़ सकता है जो कई अन्य लोगों को संक्रमित कर सकता है.

क्या होते हैं एयरोसोल और ड्रॉपलेट्स ? what is Droplets and Aerosols ?

अब आप सोच रहे होंगे की ये ड्रॉपलेट्स और एयरोसोल क्या होते हैं तो हम आपको बता दें कि वैज्ञानिक लोग पांच माइक्रोन से कम आकार के ड्रॉपलेट्स को एयरोसोल कहते हैं. इसे ऐसे समझें कि रेड ब्लड सेल का एक सेल का डायमीटर पांच माइक्रोन होता है, जबकि इंसान के एक बाल की चौड़ाई 50 माइक्रोन होती है. एयरोसोल ड्रॉपलेट्स होते हैं और ड्रॉपलेट्स एयरोसोल होते हैं. दोनों में आकार के सिवाय कोई फर्क नहीं होता है.

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कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें

जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नजर नहीं आते, वे भी संक्रमण फैला सकते हैं. इसलिए लोग कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें. जिन जगहों पर वेंटिलेशन की अच्छी सुविधा है वहां पर किसी संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है. इसके साथ ही खिड़की-दरवाजे बंद रखकर AC चलाने से कमरे के अंदर संक्रमित हवा इकट्ठी हो जाती है और दूसरे लोगों को संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.

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रखें ये सावधानियां

सरकार ने ये भी कहा है कि लोगों को डबल लेयर या फिर N95 मास्क पहनने चाहिए. ये ज्यादा से ज्यादा बचाव करते हैं. अगर डबल मास्क पहन रहे हैं तो पहले सर्जिकल मास्क पहनें, फिर इसके ऊपर टाइट फिटिंग वाला कपड़े का मास्क पहनें. किसी के पास सर्जिकल मास्क नहीं है तो वे कॉटन के 2 मास्क पहन सकते हैं. संक्रमित व्यक्ति के सांस छोड़ने, बोलने, गाने, हंसने, खांसने और छींकने से लार और नाक से निकलने वाले स्राव में वायरस निकलता है, जो दूसरों को भी संक्रमित कर सकता है. इसलिए संक्रमण के इस चेन को तोड़ने के लिए कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करना बहुत ही जरूरी है.

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