शवों पर राजनीति दीदी की पुरानी आदत, दीदी की आंखों पर अहंकार का पर्दा चढ़ा है: PM मोदी

पश्चिम बंगाल में पांचवें चरण का मतदान हो रहा है और अगले चरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैली कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘दीदी, आप वोट बैंक के लिए कितनी दूर जाएंगी? सच्चाई ये है कि दीदी ने उन मौतों के माध्यम से अपने राजनीतिक लाभ के बारे में सोचा.

West Bengal Assembly Election pm modi rally in asansol

लाशों पर राजनीति करना दीदी की पुरानी आदत

लाशों पर राजनीति करना दीदी की पुरानी आदत है. विधानसभा चुनाव के चार चरणों के बाद तृणमूल कांग्रेस टूट गई है, ‘दीदी’ और ‘भतीजा’ पश्चिम बंगाल चुनाव के अंत तक परास्त हो जाएंगे. दीदी पश्चिम बंगाल के लोगों और केंद्रीय कल्याण योजनाओं के बीच दीवार बनकर खड़ी रहीं और उन्हें लाभों से वंचित रखा.

पहले लोग यहां काम करने आते थे, अब पलायन कर रहे

पीएम मोदी बंगाल के आसनसोल को मिनी इंडिया बताते हुए कहा कि साइकिल से लेकर रेल, कागज से लेकर स्टील और एल्यूमिनियम से लेकर कांच तक पूरे भारत के लोग ऐसी फैक्टरियों में काम करने के लिए यहां आते हैं. पहले लोग यहां काम करने आते थे लेकिन अब यहां से पलायन कर रहे हैं. मां, माटी और मानुष की बात करने वाले दीदी ने यहां माफिया राज फैला दिया है. शरणार्थियों की मदद के लिए केंद्र ने कानून बनाए, उन्होंने इसका भी विरोध किया.

दीदी की आंखों पर अहंकार का पर्दा

पीएम मोदी ने कहा कि दीदी की आंखों पर अहंकार का पर्दा चढ़ा हुआ है. दीदी की राजनीति सिर्फ विरोध और गतिरोध तक सीमित नहीं है बल्कि दीदी की राजनीति प्रतिशोध की खतरनाक सीमा को भी पार कर गई है. कोरोना पर पिछली दो बैठकों में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं. नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं. मां गंगा की सफाई के लिए देश में इतना बड़ा अभियान शुरू हुआ लेकिन दीदी उससे संबंधित बैठक में भी नहीं आईं. इस चुनाव में आपका एक वोट सिर्फ टीएमसी को साफ नहीं करेगा बल्कि आपका एक वोट यहां से माफिया राज को भी साफ करेगा.