समय पर होंगें चुनाव, चुनाव आयोग ने किया ऐलान,नहीं टलेंगें चुनाव..

चुनाव आयोग ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेस की..और चुनाव आयोग की इस प्रेस कांफ्रेस में अगले साल उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनावों पर बात की गई..चुनाव आयोग ने बताया कि यूपी के सभी दलों ने उनसे समय पर ही चुनाव करवाने की मांग कि है..इसका मतलब ये है कि जो कोरोना का नया वेरिएंट आया है ओमिक्रॅान उसकी वजह से शायद ही चुनाव (Voters) अब टाला जाए..और इस कांफ्रेस में ये बात भी साफ हो गई है कि चुनाव की तारीखों का ऐलान 5 जनवरी के बाद होगा..

चुनाव आयोग ने ये भी बताया है कि बुजुर्गों को, दिव्यांगों को और कोरोना संक्रमितों को घर से ही वोट देने लिए सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी..और पोलिंग बूथ और वोटिंग (Voters) के टाइम को भी बढ़ाया जाएगा..

2022 की शुरुआत में 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं..इन पांच राज राज्यों के नाम हैं..

-उत्तर प्रदेश
-पंजाब
-गोवा
-उत्तराखंड
-मणिपुर

सभी राजनीतिक दलों ने जो सुझाव दिए हैं उसे लेकर चुनाव आयोग ने कुछ बदलाव किए हैं..इसके बारे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने जानकारी दी..

चुनाव आयोग ने इन सुधारों का ऐलान किया..

-80 साल से अधिक उम्र के वोटर, दिव्यांग वोटर (Voters) , कोविड संक्रमित वोटर के लिए घर से ही वोट डालने की सुविधा दी जाएगी..
-किसी और आईडी कार्ड से भी डालने की सुविधा दी जाएगी..
-वोटिंग का समय भी बढ़ाया जाएगा..
-सभी बूथों पर EVM लगाई जाएगी..
-400 मॅाडल पोलिंग बूथ बनाए जाएंगें..हर क्षेत्र में आदर्श पोलिंग बूथ बनाए जाएंगें..
-उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए पोलिंग बूथ बनाए जाएंगें..

चुनाव आयोग ने बताया कि कोरोना संकट को ध्यान रखते हुए..उत्तर प्रदेश में पोलिंग बूथ की संख्या को 11000 तक बढ़ाया जाएगा..पूरे उत्तर प्रदेश में 1 लाख, 74 हजार 391 बूथ बनाए जाएंगें..पहले एक बूथ पर 1500 वोट दिए जाते थे..लेकिन अब इनकी संख्या को घटाकर 1200 कर दिया गया है..

और राज्य में 4 हजार 30 मॅाडल पोलिंग बूथ होंगें..और हर विधानसभा क्षेत्र में 10 मॅाडल बूथ होंगें.. सभी बूथों पर EVP यानी (Electors Verification Programme)में VVPAT यानी (Voter Verified Paper Audit Trail) लगाई जाएगी..

सभी राजनीतिक पार्टियों से मिले सुझाव-

-कोरोना प्रोटोकॅाल का सही इस्तेमाल करते हुए समय पर चुनाव हों..सभी राजनीतिक पार्टियों की मांग है..
-रैलियों की संख्या और रैलियों में भीड़ की संख्या को सीमित किया जाए..
-80 साल के बुर्जुग और दिव्यांग वोटर्स (Voters) को घर से ही वोटिंग करने की सुविधा दी जाए..
-रैलियों में हो रही भीड़ और नफरती भाषणों को लेकर भी कुछ पार्टियों ने चिंता जताई है..
-एक सीमित संख्या में महिला बूथकर्मी की मांग की गई है..

बढ़ गई महिला मतदाता-

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्र ने बताया कि 18-19 साल के नए मतदाताओं की संख्या पिछले चुनाव से तीन गुना ज्यादा है..और इनमें से 1000 पुरुष से वोटर में 839 महिलाओं का जो अनुपात था..वो बढ़कर अब 868 हो गया है..मतलब ये कि पांच लाख महिला वोटर्स बढ़ गईं हैं..अब तक राज्य में वोटर्स (Voters) की टोटल संख्या 15 करोड़ से ज्यादा है..और अब तक 52.8 लाख नए मतदातों को सम्मिलित किया गया है..जिसमें 23.92 लाख पुरुष और 28.86 लाख महिला वोटर्स हैं..और 18-19 साल के 19.89 लाख वोटर्स हैं..

चुनाव आयोग (Voters) का मकसद निष्पक्ष, स्वतंत्र, कालाधन मुक्त चुनाव कराना है..चुनाव आयोग ने कहा कि 5 जनवरी तक फाइनल वोटर्स की लिस्ट जारी कि जाएगी..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *