अखिलेश को छोड़ शिवपाल के सेकुलर मोर्चा में शामिल हुए सपा के वीरपाल सिंह

आगामी चुनाव में अपनी जीत दर्ज कराने के लिए सभी पार्टियों ने अपना जोर लगा रखा है. कुछ नेता ऐसे भी हैं जो अपनी पार्टी से परेशान हैं और दूसरी पार्टी का दामन थाम रहे हैं. जिसमें सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल सिंह यादव ने अखिलेश यादव का साथ छोड़कर अपने समर्थकों के साथ शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेकुलर मोर्चा में शामिल हो गए.

वीरपाल यादव ने बताया कारण

अखिलेश को छोड़ शिवपाल के सेकुलर मोर्चा
वीरपाल सिंह अपने समर्थकों के साथ शिवपाल के समाजवादी सेकुलर मोर्चा में शामिल

हालही में वीरपाल सिंह ने पार्टी नेताओं द्वारा सहयोग न मिलने से परेशान होकर सपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था. इस्तीफा देने के बाद वीरपाल यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर सपा छोड़ने का ऐलान कर दिया था. प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि, सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव ने जिन सिद्धांतों को लेकर समाजवादी पार्टी का गठन किया था अब उन सिद्धांतो पर पार्टी नहीं चल रही है. उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में इतनी महनत की कितना पसीना बहाया आज उसी समाजवादी पार्टी को छोड़ते हुए बहुत दुख हो रहा है. वीरपाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी में बुजुर्गों का सम्मान बिलकुल भी नहीं रह गया है. जबकि अनुशासनहीनता चरम पर पहुंच गई है. वीरपाल सिंह यादव, मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी मानें जाते हैं. वीरपाल सिंह यादव को शिवपाल यादव ने खुद लखनऊ में ही समाजवादी सेकुलर मोर्चा की सदस्यता ग्रहण कराई.

नेताओं को मिला नया प्लेटफॉर्म

वीरपाल सिंह ने कहा, हम पिछले 20 महीनों से बीजेपी की षडयंत्रकारी नीतियों का खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं. वीरपाल के इस्तीफे के साथ-साथ पूर्व डिप्टी मेयर, बिजनौर के प्रभारी, भूमि विकास बैंक के चेयरमैन, प्रधान बीडीसी सदस्य सहित 50 लोगों ने सपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था. शिवपाल सिंह यादव ने 29 अगस्त को अपनी नई पार्टी समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का ऐलान किया था. जिसके बाद से ही अखिलेश यादव की नीतियों से नाराज चल रहे सपा के कुछ नेताओं को एक नया राजनीतिक प्लेटफॉर्म दिखा.