धरने पर यूपी बीजेपी के 200 विधायक बैठे थे और पलट गई उत्तराखंड की सरकार – व्यंग्य – प्रज्ञा चाची की चुगली

अपनी सरकार के खिलाफ धरने पर यूपी बीजेपी के 200 विधायक बैठे थे ..और पलट गई उत्तराखंड की बीजेपी सरकार..उत्तराखंड में बीजेपी के मुख्यमंत्री से बीजेपी के विधायकों ने कुर्सी छीन ली है..विधायक कहे तुम बहुत दिन बैठ लिए अब ई कुर्सी पर हम बैठेंगे..बिचारे तिरवेंदर 4 साल से जनता की जगह कुर्सी की सेवा कर रहे थे..

4 साल पूरे होए वाले थे..जश्न मनाए खातिर केक गुब्बारा बूंदी और बाल मिठाई सब खरीद के रखे थे..जब 4 तक मलाई काटने के जश्न का मौका आया..तब मोदी जी को पता चला कि तिरवेंदर तो कोई काबिलै नाहीं है..हम जीका मुख्यमंत्री बनाए थे ऊ उत्तराखंड का बना रहा है…

तो इस्तीफा दिला दिए..हम सच्चे सच्चे समाचारसुना ही रहे थे कि चिंटू की मम्मी कहीं. मोदी जी किसानों के लिए बड़ा कमिटमेंट वाले बनते हैं..और तिरवेंदर का नाहीं रोक पाए..खुदै बनाया खुदै हटाना पड़ गया..बिधायक लोग सब बहुत दबंग होत हैं..विधायकन के आगे मोदी जी का कमिटमेंटों नाहीं चला…

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चिंटू की मम्मी कहीं त्रिवेंद्र रावत उत्तराखंड के 11वें मुख्यमंत्री थे..सोच रहे थे 5 साल अकेले मलाई खाएंगे..और बुराश का जूस पीकर डकार जाएंगे लेकिन सब 18 विधायक मिलकै तख्ता पलट कर दिहिन..अब उत्तराखंड में 12वां मुख्यमंत्री चुना जाएगा..

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उत्तराखंड के 21 साल के इतिहास मा 6 बीजेपी के मुख्यमंत्री शपथ ले चुके हैं..शपथ में कहते हैं पूरी ईमानदारी वफादारी और निष्ठा से काम करूंगा..उ तो बाद में पता चलता है कि ईमानदारी और वफादारी की कसम मक्कारी करने के लिए खाते हैं..अब बीजेपी का 7तवां मुख्यमंत्री शपथ लेगा.फिर से ईमानदारी वफादारी और निष्ठा की कसम खाएगा लेकिन उससे कितना हो पाएगा ये वक्त बताएगा..

कांग्रेस भी 5 बार अपना मुख्यमंत्री बना चुके हैं..चिंटू की मम्मी कहीं हमारे पंचौरी मा केवल बातों के बतासे नाहीं बनते हैं ज्ञान की बातें भी होती हैं..


तो अब तक उत्तराखंड में कितने मुख्यमंत्री बने हैं उनके नामो जान लेव.. नित्यानंद स्वामी बीजेपी से उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री बने थे..स्वामी जी संघी थे त्रिवेंदर की तरह बीजेपी ने स्वामी जी को हटाकर भगत सिंह कोश्यारी का मुख्यमंत्री बना दिया था..फिर कांग्रेस का नंबर आया कांग्रेस ने रंगीले नारायण दत्त तिवारी को मुख्यमंत्री बनाया..

एकलौते तिवारी जी ही 5 साल उत्तराखंड की सरकार चलाए..उके बाद उत्तराखंड मा 5 साल सरकार चलाए वाला कोई मर्द पैदा नहीं हुआ..फिर बीजेपी ने भुवन चंद खंडूरी को मुख्यमंत्री बनाया..खंडूरी कुर्सी पर ठीक से तश्रीफ भी नहीं पाए कि बीजेपी ने खंडूरी से कुर्सी छीन कर बीजेपी के ही रमेश पोखरियाल निशंक का दे दी.. निशंकव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा..बीजेपी फिर निशंक का हटाए के खंडूरी को बिठा दिया..

अब साल होई चुका था 2012 कांग्रेस ने बहुगुणा का अपना मुख्यमंत्री बनाया..जब केदारनाथ मा आपदा आई तो इहे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे..कहिते हैं इ आपदा मा बहुते ज्यादा अवसर तलाश लिए..सब बिधायक लग कहिन अकेले अकेले मलाई काट रहा है..और बुराश के जूस से डकार रहा है ई नाहीं चलेगा..

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बहुगुणाा को हटाओ..कांग्रेस ने बहुगुणा ने हटा दिया..फिर कांग्रेस कही हरीश रावत तुम मुख्यमंत्री बन जाओ रावत कहे बन जाते हैं..हरीश रावत मुख्यमंत्री हो लिए..फिर कांग्रेसी विधायक कहने लगे ई तो अकेले सुराही मा भरकर सारस की तरह लंबी टोंट से मलाई निपटा रहा है हमको भी खानी है..फिर हरीश रावत हट गए..राष्ट्रपति शासन लग गवा..

हरीश रावत विधायकों से दही जलेबी वादा करके फिर मुख्य्मंत्री बन गए इ बाार कहे होंगे इ बार खुद भी खाएंगे तो तुमको भी खिलाएंगे..सब राजी खुशी हरीश रावत का कांग्रेस का दोबारा मुख्यमंत्री बना दिए..फिर से हरीश रावत बिधायकन का दही जलेबी नहीं खाने दिए..फिर से राष्ट्रपति शासन लग गया…

उके बाद फिर से हरीश रावत इ बार विधायकन का सफेद रसगुल्ला खिलाए का वादा किए..बिधायक समझे इ बार रसगुल्ले से पूरा रस निचोड़ लेंगे लेकिन अब आ गई बीजेपी सरकार..कांग्रेस के रावत हटे आ गए बीजेपी के त्रिवेंद्र रावत..

4 साल मजा किए..और 4 चौथेहे साल बीजेपी के बिधायक लोग सब फिर खड़े हो गए..बोले सब तो खाते थे ई तो खा भी रहा है और 4 साल हो गए डकार भी नाहीं लिया है..फिर क्या था सब बीजेपी के बिधायक लोग मिलकर बीजेपी के रावत का भी हटा दिए..21 साल मा 12 मुख्यमंत्री बिधायक लोग मिलकर सब बदल दिए हैं..बिधायक बड़ी चीज होत है..

चिंटू की मम्मी कहीं अब कोई संघी ही बीजेपी से नया मुख्यमंत्री बनेगा..अब फिर से 2017 की तरह गुड़ दिखा के ढेला मारा जाएगा..हम कहे..उत्तराखंड में बीजेपी का भसड़ पंचउरा चल रहा है और बीजेपी वाले बर्मा जी की दुल्हिन नाही दिखाई दे रही हैं..चिंटू की मम्मी कहीं..बीजेपी वाले बर्मा जी दुल्हिन पंचउरे मा नहीं आई हैं..

हम कहे काहे चिंटू की मम्मी कहीं बीजेपी वाले बर्मा अपनी टाटा सफारी सनरूफ वाले टाप माडल से त्रिवेंद्र के पास खनन का पट्टा लेने गए थे..लेकिन जब तक बीजेपी वाले बर्मा जी पहुंचे तब तक त्रिवेंदर रावत खुदै मोहनजोदड़ो होई गए ..खुदाई का ठेका नाहीं मिल पाया इ लिए बर्माइन कोप भवन मा बैठी हैं..कहीं कमाई का जब मौका आया तब मुख्यमंत्री बदल गया..

अरे तुम लोग कहां जात हो..बीजेपी वाले बर्मा जी की दुल्हिन का हम मना लेंगे..लेकिन उत्तराखंड की हम पहली वीडियो बनाए हैं..सब पहाड़ी और गैर पहाड़ी भाई बहिनिन मा शेय़र करो..और हमरे बारे मा जरूर बताओ..हमरा नाम प्रज्ञा मिश्रा है..काहे कि चर्चा होती रहनी चाहिए..जय राम जीकी..

नोट- यह सच्चाई के करीब अवधी भाषा में रचा गया एक व्यंग्य है. भाषा से अगर किसी को तकलीफ होती है. तो उसके लिए Ulta Chasma Uc जिम्मेदार नहीं है.