कोरोना में तमीज से मरो तभी मुआवजा मिलेगा.. सरकार ने मरना रिजेक्ट किया : संपादकीय व्यंग्य

यूपी के शिक्षक संघ वाले कह रहे हैं जी अब तक हमारे 16 सौ शिक्षक कोरोना से मर गए हैं..चुनाव में ड्यूटी करने गए थे..और कोरोना से उनकी जान चली गई..किसी का बच्चा अनाथ है किसी की पत्नी विधवा है..किसी के बूढे मां बाप हैं..मना करने पर भी तुमने चुनाव में ड्यूटी करवाई और मार दिया..यूपी सरकार निकालो मुआवजा..सरकार ने पूछा तुम्हारा कित्ते ..शिक्षक संघ ने कहा 16 सौ..फिर सरकार बोली हमसे झूठ ना बोलो तुम्हारे पूरे तीन आदमी चुनाव की ड्यूटी के दौरान मरे हैं..

यूपी में शिक्षक संगठन कह रहा हैं कि 16 सौ शिक्षकों शिक्षामित्रों और दूसरे विभागीय कर्मचारियों की कोरोना से मौत हुई है..एक एक आदमी को एक एक करोड़ रूपए दिए जाएं…अब मरे हुए शिक्षक…बिकने के लिए खड़े विधायक तो हैं नहीं कि एक-एक करोड़ दे दिए जाएं..पूरे 16 सौ करोड़ लगेंगे..पैसे पेड़ पर तो उगता नहीं है..इसलिए यूपी के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि हम हैं शिक्षा मंत्री..कितने शिक्षक चुनाव की ड्यूटी के दौरान मरे ये हमको ज्यादा पता होगा कि तुमको..आखिरी बार हर रहे हैं..सिर्फ तीन मरे हैं..शिक्षक संगठन ने पूछा माई बाप 16 सौ को तीन कर दिया ये कैसे किया..बताईये…

तो सदीश द्विवेदी ने बताया गुरू देखो..हम तब से काउंट करेंगे जब से टीचर चुनाव में ड्यूटी करने के लिए घर की देहरी से बाहर पैर रखा..और फिर लौटकर अपने घर की घंटी बजाई..घर से निकलने और घर दोबारा पहुंचने के तक 3 के अलावा कोई मरा हो तो बताओ..चुनाव ड्यूटी में कोरोना हो जाना और बाद में मर जाना..और ड्यूटी के दौरान कुर्सी पर बैठे बैठे मर जाना..दोनों भौतिक विज्ञान और अंग्रेजी की तरह..अलग-अलग विषय हैं..

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ड्यूटी पर केवल तीन मरे है..बाकी का मरना मरना नहीं माना जाएगा..हम उनके मरने को रिजेक्ट करते हैं…मुआवजे के लिए मरना है तो तमीज से मरना पड़ेगा..मरने के भी मैनर्स होते हैं..शिक्षक होकर गंवारों जैसा काम करके गए हैं..जो बन पड़ेगा हम सिर्फ तीन को दे पाएंगे..बताओ सबको चस्का लगा था कि कोरोना में कैसे मारा जाता है.. लाव एक बार मरकर देख लें..

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यूपी सरकार आपसे खेल सकती है आप नहीं..सरकार ने अप्रैल महीने में कहा था..कोई माई का लाल अस्पताल कोरोना मरीजों को लौटाएगा नहीं प्राइवेट अस्पताल वाले भी इलाज करें पइसा हम देंगे..हजारों लोग प्राइवेट में इलाज कराने के लिए पहले लाखों रुपए पूंजे उसके बाद मर गए..अब रोज सीएमओ को खोजते हैं..लेकिन पइसा देने वाला कोई नहीं..कहते हैं पोर्टल पर नाम चढेगा..

9 मई को कहा..कोविड ड्यूटी पर मरने वालों के घरवालों को 50 लाख देंगे..कितना 50 लाख..लेकिन शर्त ये है कि कोरोना का संक्रमण ड्यूटी के दौरान ही हुआ हो..समझ गए अगर आपने साबित कर दिया कि आपको कोरोना कोविड ड्यूटी पर ही हुआ है..तो 50 लाख आपके..जिस देश में सरकारें ये नहीं बता पा रही हैं..कि प्लाजमा थैरेपी से कोरोना ठीक होता है कि नहीं..एन 95 मास्क कोरोना से बचाता है कि..रेमडीसिविर जान बचाएगी कि नहीं.आइवर मैक्टीन कोरोना में खाना है कि नहीं..वहां आप ये आसानी से साबित कर सकते हैं कि आप ड्यूटी के दौरान ही संक्रमित हुए थे..

एक और आदेश में सरकार ने कहा था कि कोरोना से मरने वालों को मुफ्त जलाया जाएगा..गांवों में जलाने के लिए 5000 रूपए दिए जाएंगे..जिनको मिले हों या मिलने वाले हों कमेंट करके जरूर बताएं..जो गंगा में लाशें दबा आए हैं..वो भी बताएं..जिन्होंने हा दी हैं वो भी बताएं.

शिक्षक संघ 16 सौ शिक्षकों की मौत वाली मांग के पहले 700 के आंकड़े पर था..मतगणना के बाद अब मरने वालों का आंकड़ा 16 सौ पहुंच गया..अमर उजाला कहता है कोर्ट में यूपी की सरकार ने इससे पहले 135 शिक्षकों की असमय मृत्यु को मानकर उन सबको कुल 30 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही थी..मिला कि नहीं भगवान जानें क्योंकि तब तो 135 माने भी थे अब तो 3 पर आ गए हैं…

     शिक्षक संघ अपने 1600 टीचरों के नाम लेकर घूम रहा है.जिनकी ड्यूटी चुनाव में लगी..चुनाव में ड्यूटी करने के कारण उनको कोरोना हुआ और वो मर गए..जाहिर है चुनाव में ड्यूटी करने गए होंगे तो कागजों में नाम होगा..लेकिन सरकार कह रही है 16 सौ नहीं 3 मरे हैं..मुआवजे के लिए मरना आसान बात है क्या..ये तो 1600 की बात है सरकार ने अस्पताल में फ्री कोरोना इलाज की बात कही थी..वो फ्री हुआ क्या..

     फ्री में जलाने की बात कही थी फ्री जले क्या..फ्री रेमडीसिविर देने को कहा था सबको फ्री दिया क्या..और तो और जब ऑक्सीजन कहीं नहीं थी तब भी सरकार ने कहा था ऑक्सीजन भरी पड़ी है..कोई ले ही नहीं पा रहा है..सरकारी पॉलिसी में इलिजिबल होने के लिए..चुनाव में ड्यूटी करके मरने वालों को दोबारा जन्म लेना पड़ेगा..इतना आसान थोड़ी है कि मर जाओ और सरकार पैसे दे दे..तीन का मुआवजा पकड़ो और निकल लो..क्योंकि चुनाव आयोग की पॉलिसी यही कहती है कि ड्यूटी पर मरना चाहिए..बाकी हमारे कोई उसूल नहीं है..उसूलों पर वो जीते हैं जिनके इज्जत शर्म होती है.. चलते हैं राम राम दुआ सलाम..जय हिंद..

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DISCLAMER- लेख में प्रस्तुत तथ्य/विचार लेखक के अपने हैं. किसी तथ्य के लिए ULTA CHASMA UC उत्तरदायी नहीं है. लेखक एक रिपोर्टर हैं. लेख में अपने समाजिक अनुभव से सीखे गए व्यहवार और लोक भाषा का इस्तेमाल किया है. लेखक का मक्सद किसी व्यक्ति समाज धर्म या सरकार की धवि को धूमिल करना नहीं है. लेख के माध्यम से समाज में सुधार और पारदर्शिता लाना है.

25 thoughts on “कोरोना में तमीज से मरो तभी मुआवजा मिलेगा.. सरकार ने मरना रिजेक्ट किया : संपादकीय व्यंग्य

  • May 19, 2021 at 10:16 pm
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    Apane to sarkar ki faad ke rakh diya
    Yeah nikkami sarkar hai….
    En kamino ko Jan se mar Dena chahiye
    Mujhe agar bjp ka Koi MIL Gaya to chappal se marunga…
    Mai apaki Sabhi videos dekhata hoo
    Par subscribe nahi kiye

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    • May 21, 2021 at 9:35 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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  • May 19, 2021 at 10:19 pm
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    बहुत ही तार्किक,बेवाक,साहसी, उदात्त और निशब्द करने वाली विचारअभिव्यक्ति,शानदार व्यंग्य के माध्यम से सम्प्रति राजनीतिक अवलोकन का तरीका क़ाबिले तारीफ।आपकी जितनी प्रशंसा की जाय कम है।इसी तरह की जिजीविषा वाली पत्रकारिता की वर्तमान में आवश्यकता है।ताकि इन्हें कोई आईना दिखा सके।

    Reply
    • May 21, 2021 at 9:35 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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    • May 21, 2021 at 9:35 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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  • May 20, 2021 at 1:53 am
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    बहुत अच्छी आलोचना है पर हिंदुत्व का जमाना है, आईटी सेल भक्तों को पूरी सामग्री उपलब्ध करवाता है। जब घर का कोई बिमारी से ग्रसित हुआ तो कुत्ता की तरह छुछुआया चलेगा। ठीक हुआ तो भी और मर गया तब भी भक्तों की भक्ति जाती नहीं।

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    • May 20, 2021 at 7:55 am
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      ये सरकार संवेदनशील नही है हो भी कैसे जो इंसान जिंदा रहते हुऐ भी खुद का और अपने परिवार का पिंडदान कर चुका हो उसे प्रदेश की जनता जिए या मरे कोई फर्क नही पड़ता,
      आप सभी के पास दिल दिमाग है समझ सकते है।
      जयहिन्द

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      • May 21, 2021 at 9:34 pm
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        आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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        • June 1, 2021 at 1:08 am
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          ये सरकार जनता का खून गटक गयी अच्छे दिनों वाली गाड़ी रस्ते में ही भटक गयी
          गोरखपुर का संत UP का CM है और जो अपनी बीबी का ना हो सका वो देश का PM है
          इस सरकार को गरीब घर में भूख से मर जाये लेकिन रास्ते में Tthela लेकर न निकले
          रोड बिलकुल खाली चाहिए भाई आखिर सरकार है तो हुकुम कौन देगा

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    • May 21, 2021 at 9:35 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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  • May 20, 2021 at 3:41 am
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    Kaam to ap bahot badiya aur bahot himmat ka kar rahi ho
    Lekin thoda sambhal kar raha kijiye
    Pahele apke bare me ek fake news chal chuki hai
    Apke jaise bahot kam patrkar hai

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    • May 21, 2021 at 9:34 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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  • May 20, 2021 at 6:40 am
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    Prgiya ji I very love you sab reporter aap ke jaise ho jaye to is desh ka beda garak na ho

    Reply
    • May 21, 2021 at 9:34 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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    • May 21, 2021 at 9:34 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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  • May 20, 2021 at 7:36 am
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    बीस हजार साल की कुरिती है। इसके अंदर शिक्षा का कोई स्थान नहीं है। इसीलिए हम आस्था के नाम पर मानसिक रुप से गुलाम है। गुलामी हमारे डी एन ए बन चुकी है। कोई भी हमें धर्म के नाम पर हमारी नसल् को गुलाम बना सकता है। इसी लिए सरकार कभी नही कहती की हम पड़े। सिर्फ राम राम करें और बीस हज़ार साल पुराने तरीके से जिये। सिर्फ राम के नाम हम कीड़े मकोरे की तरह रहें। सब स्वर्ग हमको अगले जन्म मै मिलेगा इस जन्म मै सिर्फ मौत की कामना करे।

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  • May 20, 2021 at 8:11 am
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    Mam bahut nhi khaunga pr aap ek sachi ptrakar hai…kyoki jo sach ki tapis dikhti hai naa wo apki khabro me hi dikhti hai . …..baki to kukurmutta or sas bani bahu me hi khush hai or apni pith khud hi thapthapa lete hai….
    Sorry agr koi glt shbd use kr diya hoto pr jo aaj ka mahaul hai na ve hme adr hi andr mare jaa rha hai ….

    Reply
    • May 21, 2021 at 9:34 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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  • May 20, 2021 at 5:42 pm
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    आपकी बेबाक लेखनी को सलाम । निश्चित रूप से आप देशभक्त हैं। लेकिन आज अंधभक्तों का बोलबाला है। लेकिन फिर भी
    करत करत अभ्यास में जगमति होता सुजान।
    रसरी आबत जात ये सिल पर पडत निशान ।

    Reply
    • May 21, 2021 at 9:34 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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  • May 21, 2021 at 6:25 am
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    Ye baat at Pati si lag rahi Hai Ki tamij se mare aise me Sarkar humaari Suraksha Karne me Puri tarah se naakaam Hai fir ye itne bade bade waade kyu Karti Hai kyu humse tax itna bhar bhar ke Leti Hai Aaj ke samay me Jo samaan 40 rs me mil raha Tha vahi ab 90 rs me mil raha Hai Ji haa Mai mustard oil Ki baat kar raha hun Kya Sarkar Sara kuchh isi me nichod legi ye hum garibo ko nichod rahi Hai unke Saath khilwaad kar rahi Hai humaare dwara tax me Diya Gaya punji vo Apne man maani tarike se kharch Karti Hai jaise Ki ye punji usi ki hi ho. Aur ant me yahi kehna chaahta hun Agar ye Kisi ko kuchh madad nhi kar Sakti to unhe jhuthi aasha BHI mat Diya kare saaf saaf Bol de Ki mere PaaS kuchh nhi Hai dene ke liye .

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  • May 30, 2021 at 12:49 am
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    Dear Ms.pragya
    Hope you are good
    I request you please make a vedio on corona donation v/s investment
    I personally feel that they had get a huge amount but as per facilities to the patients they had not invest that money to corona patients

    Thanks

    Reply
    • May 30, 2021 at 4:14 pm
      Permalink

      जी आपकी राय के लिए शुक्रिया

      Reply

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