2022 में जो आएगा बहुमत पाएगा : संपादकीय : Uttar Pradesh 2022 Election

Pragya Ka Panna Editorial
Pragya Ka Panna Editorial

Uttar Pradesh 2022 Election : दोस्तों उत्तर प्रदेश में चुनाव होने में भले अभी 6 महीने का वक्त बाकी हो..लेकिन माहौल ऐसा बना हुआ है कि चुनाव कल ही होने वाले हैं..आज हम बात यूपी की राजनीति पर करेंगे..कौन किधर जाएगा..और किसके किधर जाने से किसको फायदा होगा..और कौन लॉस उठाएगा..क्योंकि उत्तर प्रदेश भारत का वो राज्य है..जहां पूरे भारतवर्ष में सबसे ज्यादा 403 विधानसभा सीटें है..100 विधान परिषद की सीटें हैं..और 80 लोकसभा सीटें हैं..ये एकलौता ऐसा राज्य है जो ये तय करता है कि देश में किसकी सरकार बनेगी..

शुरुआत मायावती जी की बहुजन समाज पार्टी से करते हैं..बहुजन समाजपार्टी जो आसमान की बुलंदियों पर पहुंची..जिस पार्टी से मायावती जी उत्तर प्रदेश की 4 बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं..लेकिन बीएसपी का बर्ताव केवल दो विधानसभा चुनाव हारने से फिसड्डी पार्टी की तरह हो गया है..2022 के विधानसभा चुनाव में मायावती जी थर्ड पार्टी की तरह दिखाई दे रही हैं..अब आप पूछेंगे क्यों क्योंकि मायावती जीतने के लिए नहीं सपा को हराने के लिए चुनाव लड़ेंगी..मायावती राज्यसभा चुनाव से पहले ये बात कह भी चुकी हैं..

अब एक और ऐलान मायावती जी ने किया है कि उनकी पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेगी…क्योंकि मायावती के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ना वेस्ट ऑफ टाइम है..तो सवाल ये भी है कि पंयाचत चुनाव लड़ना मायावती जी के लिए वेस्ट ऑफ टाइम नहीं था..अब बिचारे बीएसपी के जीते प्रत्याशी अध्यक्ष बनने के लिए पर्चा खरीद चुके हैं..नामांकन कर चुके हैं..तब ये कह देना की अब चुनाव नहीं लड़ना है ये समय की बर्बादी है..

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अपना ध्यान 2022 के विधानसभा चुनाव पर लगाओ..अब सवाल उठने लगे हैं कि बीएसपी के पास लगभग 330 जिला पंचायत वोट हैं..वो कहां जाएंगे..सपा में या बीजेपी में..क्योंकि बीएसपी तो लड़ेगी ही नहीं..लेकिन वोट तो डालेगी ही..इस बात का जवाब मायावती जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं दिया है..लेकिन पंचायत सदस्यों तक पहुंचाया जा चुका है..यूपी की राजनीति को बारीकी से समझने वाले जानते हैं..कि मायावती जी सपा को रोकने के लिए बीजेपी का साथ दे सकती हैं..

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खैर ये तो बात छोटे चुनाव की है..लेकिन 2022 में क्या मायावती यूपी में किसी के साथ गठबंधन करेंगी..तो उसका जवाब है नहीं मायावती ने साफ कर दिया है कि 2022 में मायावती किसी के साथ गठबंधन नहीं करेंगी…ओवैसी से भी नहीं करेंगी..पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन कर लिया है..बिहार में ओवैसी के साथ गठबंधन कर लिया था लेकिन यूपी में किसी के साथ गंठबंधन नहीं होगा..मायावती जी अकेले लड़ेंगी..देश के वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा का कहना है कि..

सुना है मायावती किसी से गठबंधन नहीं करेंगी पर भाजपा को लाभ देने के लिये सौ से ज्यादा सीटों पर मुस्लिम और यादव उम्मीदवार खड़ा कर सकती हैं..यूं भी भाजपा और बसपा का अब एक ही लक्ष्य है,किसी तरह 2022 में अखिलेश को रोके रखना.. अच्छा अब सवाल ये भी है कि क्या ओवैसी अकेले लड़ेंगे..तो इसका जवाब है..जी बिल्कुल नहीं..ओवैसी यूपी में 100 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे..वो बीजेपी सरकार में मंत्री रह चुके सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ओमप्रकाश राजभर के जनभागीदारी मोर्चा के साथ चुनाव लड़ेंगे..यानी पिछड़ा और मुस्लिम गठजोड़ बनेगा..और ज्यादातर पूर्वांचल की सीटों पर ताल ठोकी जाएगी…

अब सवाल ये है कि तो फिर बीजेपी से कौन लड़ेगा..क्योंकि मायावती का रुख बीजेपी के लिए बेहद सॉफ्ट है..राजनीति की जानकारी रखने वालों को इसमें कोई डाउट नहीं है कि अगर सत्ता में आने का कोई समीकरण बनेगा और मायावती सत्ता की चाबी बन सकती होंगी तो उनको बीजेपी की मदद करने में कोई दिक्कत नहीं होगी..समाजवादी पार्टी कहती है कि यूपी में वो छोटे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी किसी बड़े दल के साथ वो भी गठबंधन नहीं करेगी..

कांग्रेस का भी यही स्टैंड है कि वो भी 2022 में किसी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी..यूपी में सपा और बीजेपी की सीधी टक्कर देखने को मिलेगी..यूपी का वोटर पिछले तीन विधानसभा चुनावों से 2007. 2012 और 2017 से एकतरफा वोट करता है..बीजेपी का 16 सालों का वनवास बहुत के साथ खत्म किया था..2007 में मायावती को फुल बहुमत मिला था..फिर 2012 में अखिलेश को बहुतमत मिला…उस हिसाब से 2022 के लिए गठबंधन चाहे जितने हो जाएं..जोड़ तोड़ चाहे जितने हो जाएं..जनता जिसको चाहेगी एकतरफा जिताएगी..दोस्तों चलते हैं राम राम दुआ सलाम जय हिंद..

डिस्क्लेमर- लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. भाषा में व्यंग्य है. लेखक का मक्सद किसी पार्टी किसी व्यक्ति किसी सरकार किसी धर्म जाति किसी मानव किसी जीव या फिर किसी संवैधानिक पद का अपमान करना या उनके सम्मान को छति पहुंचाने का नहीं है.. इसलिए व्य्ग्य को व्यंग्य की तरह लें..लेख में सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. भाषा में स्थानीय या यूपी की रीजनल भाषा को सरल करके प्रस्तुत किया गया है. समझाने के लिए बात घुमाकर कही गई है.

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2 thoughts on “2022 में जो आएगा बहुमत पाएगा : संपादकीय : Uttar Pradesh 2022 Election

  • June 28, 2021 at 4:25 pm
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    Medam hamare yha Nala no. 5 kala kankar colony me ek sarwajanik rasta hai jise bade punjipatiyo ke dwara use hm log ke liye band kiya ja raha hai.aur hm logo ko dushra rasta diye Jane ko kha ja raha hai.purane taste me gate lag raha hai.wo bina kisi ke permission ki.koi likhit adesh nhi hai in logo ke paas. Hm logo ko purana hi rasta chahiye yahi ab hamari maang hai.

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  • July 8, 2021 at 12:31 am
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    Pragya ji main dr.mithilesh tiwari.
    Koi shauk nai tha zarurat ki wajah se naya bharat sanstha banayi N B FOUNDATION. Uske zariye logo tak wo chize le jana hai jo ek sarkar ko karna chahiye .
    Apki madat lagegi ki ap activities ko aur zaruratmando tak naya bharat ko le jane me help karen. Ap awaz banen

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