ट्रंप ने PM मोदी से मांगी मदद, कहा- दो हफ्ते जानलेवा होंगे, अबतक 8162 लोगों की मौत

इटली स्पेन के बाद अब कोरोना वायरस ने अमेरिका में इन दिनों हाहाकार मचा रखा है. अमेरिका में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़कर 3,00,000 से ज्यादा हो गई है और 8,100 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

us donald trump requests pm modi to release hydroxychloroquine
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ऐसे में अमेरिका ने भारत से मदद मांगी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट्स की मांग की है. मैंने सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है. पीएम मोदी ने काफी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट्स बनवाई हैं. भारत इसपर गंभीरता से काम कर रहा है.

ट्रम्प ने कहा कि वो भी इन टैबलेट्स का सेवन करेंगे. हालांकि, इसके लिए मुझे पहले डॉक्टर्स से बात करनी होगी. मैं सराहना करूंगा कि अगर भारत हमारे द्वारा ऑर्डर की गईं टैबलेट्स की खेप को जारी करेगा.

वहीं बढ़ते मरीजों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले दो हफ्ते में और मुश्किल हालात का सामना करना पड़ सकता है. दो हफ्ते बहुत जानलेवा होने जा रहे हैं. हम दुर्भाग्यपूर्ण रूप से इसका सामना करने जा रहे हैं ताकि कम से कम जिंदगियां खोएं और मुझे लगता है कि हम सफल होंगे. ट्रंप ने कहा कि हम एक ऐसे दौर से गुजरने जा रहे हैं जो संभवत: इस देश में पहले न देखा गया हो. मेरा मतलब है कि मुझे नहीं लगता कि देश में हमने ऐसा वक्त कभी देखा है.

वहीं अमेरिकी वैज्ञानिकों की तरफ से एक अच्छी खबर सामने आई है उन्होंने चूहों पर संभावित वायरस परीक्षण में सफलता पाई है. अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ पीट्सबर्ग के स्कूल ऑफ मेडिसिन के सह-वरिष्ठ लेखक आंद्रिया गैम्बोटो ने दावा किया है कि हमारे पास 2003 में सार्स-2 और 2014 में एमईआरएस का अनुभव है. इसी का लाभ उठाते हुए हमने जो खोज की है उस वैक्सीन से कोरोनावायरस के संक्रमण को मजबूती से रोका जा सकता हैै.

शोधकर्ताओं का कहना है कि उनकी खोजी गई वैक्सीन कोविड-19 से लड़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडीज बनाने में सक्षम है. ये वैक्सीन इंजेक्ट करने के दो सप्ताह में ही वायरस को बेअसर करने में सक्षम होगी. चूहों पर परीक्षण के अच्छे नतीजे मिलने के बाद शोधकर्ताओं ने अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से इसके मानव परीक्षण की अनुमति मांगी है.

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