उत्तर प्रदेश ने पीछे छोड़ा पिछड़े राज्य होने का कलंक, इस मामले में देश में दूसरा स्थान

सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ‘उत्तम प्रदेश’ बनने की ओर है. यूपी अब पिछड़ेपन के तमगे को पीछे छोड़ते हुए हर क्षेत्र में रिकॉर्ड बना रहा है. पिछड़े राज्य होने का कलंक भी पीछे छोड़ दिया है.

up ranks second in india e sanjeevani
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कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग के ई-संजीवनी के माध्यम से डॉक्टरों से परामर्श लेने में उत्तर प्रदेश का देश के दूसरे पायदान पर आना इस बात का सबूत है कि यूपी के लोगों में डिजिटल सेवाओं का क्रेज बढ़ा है. इससे देश विदेश में यूपी की छबि भी बदल रही है. कोरोना संक्रमण के प्रसार के बीच में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाला और वैश्विक महामारी से प्रदेश के लोगों को बचाने के साथ ही विकास के हर कार्य को भी गति प्रदान की है.

स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी से लेकर लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं घर बैठे ही मिलें, इसके लिए भी विशेष प्रयास शुरू किए गए. ई संजीवनी के माध्यम से प्रदेश में रोजाना 4000 से ज्यादा लोग टेली कंसल्टेशन की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं. प्रदेश में ई संजीवनी सेवा की शुरूआत से 16 दिसंबर तक 2,80,552 लोग परामर्श ले चुके हैं. 16 दिसंबर को ई संजीवनी ओपीडी के माध्यम से 4184 लाभार्थियों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया है.

ई संजीवनी सेवा रोजाना सुबह नौ से शाम पांच बजे तक (रविवार को छोड़कर) उपलब्ध रहती है. इसमें सामान्य और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया जा सकता है. ई संजीवनी ओपीडी के तहत 500 से अधिक एमबीबीएस और 40 विशेषज्ञ डॉक्टर सेवा देने के लिए उपलब्ध हैं. अपने स्मार्टफोन में ई संजीवनी एप्लीकेशन डाउनलोड करके या esanjeevaniopd.in पर लॉग इन करके या जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, वो अपने नजदीकी क्रियाशील हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर उपलब्ध कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श ले सकते हैं.

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