किसानों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए मोदी कैबिनेट ने किये बड़े फैसले, देखें-

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरे होने पर पहली बार पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले हुए.

union cabinet meeting decisions msme and agriculture sector
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सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए कई तरह फैसले लिए गए. एमएसएमई की परिभाषा को और संशोधित किया गया है. खरीफ की 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने की मंजूरी दी गई है.

एमएमएमई को प्रोत्साहित करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं. इससे 2 लाख एमएसएमई को लाभ पहुंचेगा. अब एमएसएमई को स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्टेड होने के लिए सहूलियत मिलेगी.
सूक्ष्म उद्योगों के लिए सीमा एक करोड़ रुपये का निवेश और पांच करोड़ रुपये का टर्नओवर होगी.
10 करोड़ का निवेश और 50 करोड़ रुपये का टर्नओवर वाले उद्योग छोटे उद्योगों के अंतर्गत आएंगे.
20 करोड़ रुपये निवेश और 250 करोड़ रुपये टर्नओवर वाले उद्योग मध्यम उद्योगों की श्रेणी में आएंगे

स्ट्रीट वेंडर के लिए क्रेडिट स्कीम को अपनी मंजूरी दे दी है. रेहड़ी-पटरी वालों को कर्ज देने वाली स्कीम को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का नाम दिया गया है. इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले आसान शर्तों पर 10,000 रुपये तक लोन ले सकते हैं.

360 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है. धान की 95 लाख मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है. साथ ही 16.07 लाख मीट्रिक टन दालों ओर तिलहन की खरीद हो चुकी है. वहीं धान की एमएसपी 1,868 रुपये, ज्वार की 2,620 रुपये, बाजरा की 2,150 रुपये प्रति क्विंटल तय की है. साथ ही मक्का की एमएसपी में 53 फीसद, मूंगफली में 50 फीसद, सूरजमुखी में 50 फीसद, सोयाबीन में 50 फीसद और कपास में 50 फीसद की वृद्धि हुई है. नया एमएसपी किसानों की फसल के लागत मूल्य से 50-83% ज्यादा है.

बतादें कि सरकार एमएसपी तय करने के बाद सरकारी एजेंसियों के जरिए अनाज और दालें खरीदती है. इसका इस्तेमाल गरीबों को राशन बांटने में किया जाता है. वहीं सरकार ने 4000 करोड़ रुपये के डिस्ट्रेस फंड को मंजूरी दी है. किसानों के अलावा खेती से जुड़ी अन्य गतविधियों को भी वित्तीय मदद दी है.

खेती से जुड़े काम के लिए 3 लाख तक के अल्पकालिक कर्ज के भुगतान की तिथि 31 अगस्त 2020 तक बढ़ाई गई है. किसानों को ब्याज में छूट देने का भी प्रावधान किया जा रहा है. समय से कर्ज चुकाने पर किसानों को 4 फीसदी दर पर ऋृण मिलेगा. पिछली बार किसानों को 28 हजार करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी गई थी. जल्द ही बचे हुए करीब ढाई करोड़ किसानों को केसीसी योजना के तहत लाया जाएगा.

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