जेएनयू कैंपस में हुई जमकर पत्थरबाजी-चली लाठियां, दो का फूटा सिर, 26 छात्र घायल

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस में रविवार शाम को जमकर बवाल हुआ. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों ने एक दूसरे पर जमकर लाठी चलाईं और एक दूसरे पर पत्थर फेंके. इसमें कई लोगों के सिर फूटे और कई घायल हो गए हैं.

two groups students violence in jnu campus
two groups students violence in jnu campus

रविवार देर शाम नकाब पहने हुए करीब 40 से 50 युवकों की भीड़ कैंपस में पहुंची और छात्रों, हॉस्टल, वाहनों पर जमकर लाठियां और पत्थर बरसा दिए. इस हमले में जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आईषी घोष और महिला शिक्षक सुचित्रा सेन को सिर में गंभीर चोट आई है. उसके साथ करीब 30 से ज्यादा छात्र और शिक्षक भी घायल हुए हैं.

हमलावरों की भीड़ ने गर्ल्स हॉस्टल में भी जाकर शीशे तोड़े और छात्राओं से भी मारपीट की. कुछ घायल छात्रों को एम्स और सफदरजंग अस्पताल भी ले जाया गया है. इस हमले को लेकर जेएनयू छात्रसंघ और शिक्षक संघ ने इस पूरी घटना पर विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार से जवाब मांगा है. और कुलपति प्रो. कुमार से इस्तीफे की भी मांग रखी है.

जेएनयू कैंपस में चार घंटों तक मारपीट चलती रही लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन सामने तक नहीं आया. यहाँ तक की प्रशासन ने जख्मी छात्रों को अस्तपाल तक नहीं पहुंचाया. कैंपस का माहौल शांत करने के लिए पुलिस को भी कैंपस के अंदर तक नहीं आने दिया गया. पौने नौ बजे के करीब पुलिस को कैंपस के अंदर आने की इजाज़त मिली.

विवाद के बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्रित हुए छात्रों ने देर रात आईटीओ जाम कर दिया. छात्रों ने मांग रखी है कि जल्द से जल्द इस मामले में मुकदमा दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाये. वहीं वामपंथी छात्र संगठनों ने मारपीट और तोडफ़ोड़ का आरोप एबीवीपी पर लगाया है. जबकि एबीवीपी का कहना है कि ये सब लेफ्ट ने किया है.

जेएनयू के बवाल के बाद राजनीति भी गरमा गई. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि नकाबपोश ठगों द्वारा जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों पर क्रूर हमला किया गया है, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, ये चौंकाने वाला है. हमारे राष्ट्र के नियंत्रण में फासीवादी, हमारे बहादुर छात्रों की आवाज से डरते हैं. जेएनयू में आज की हिंसा उसी डर का प्रतिबिंब है.

उधर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा घायलों से मिलने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंच गईं. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के 18 लोगों को विश्वविद्यालय में हिंसा के बाद भर्ती कराया गया है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा की मैं जेएनयू में हिंसा से काफी हैरान हूं. छात्रों पर बुरी तरह से हमला किया गया है. पुलिस को तुरंत हिंसा रोककर शांति कायम रखनी चाहिए. अगर कैंपस के भीतर भी छात्र सुरक्षित नहीं हैं, तो देश कैसे तरक्की करेगा.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

जेएनयू प्रशासन की अनुमति के बाद दिल्ली पुलिस ने कैंपस में प्रवेश किया और देर रात जेएनयू को अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस ने जेएनयू के अंदर फ्लैग मार्च किया. और हॉस्टल के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए. साथ ही जेएनयू के दोनों गेटों पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिए गए हैं.

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात करके उन्हें आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. अमित शाह मामले को गंभीरता से लेते हुए एक संयुक्त सीपी स्तर के अधिकारी से जांच कराने का आदेश दिया है और जल्द से जल्द एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है.

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