182 मीटर की मूर्ति 70 हजार टन सीमेंट से बनी.. सरदार पटेल की मूर्ति की अनसुनी बातें

Ulta chasma uc : स्टेच्यु ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) यानी सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति. सरदार पटेल की सबसे ऊंची मूर्ति बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर से लोहा मांगा था. ये प्रोजेक्ट नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट था.

the story of sardar patel statue of unity
सबसे ऊंची मूर्ति की खासियत

सबसे ऊंची मूर्ति की खासियत (world’s tallest Statue Of Unity)

ऊंचाई 182 मीटर है
स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से करीब दोगुनी
लागत 2979 करोड़
मूर्ति में ऊपर जाने के लिए दो लिफ्ट
4076 मजदूरों ने दो शिफ्टों में काम किया
चीन से आए 200 कारीगरों ने भी काम किया
सिर्फ जैकेट के बटन की गोलाई 8 फीट है
बेसमेंट में संजोई गईं पटेल की यादें

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कैसे बनी सरदार पटेल की मूर्ति (how to make Statue Of Unity)

70000 टन सीमेंट
22500 टन स्टील
1700 मीट्रिक टन तांबा
2000 मीट्रिक टन ब्रॉन्ज प्लेट का इस्तेमाल हुआ है
मूर्ति 6,5 तीव्रता के भूकंप को सहन कर सकती है
मूर्ति 220 किमी प्रति घंटा हवाओं को सह सकती है
देशभर के कारीगर और इंजीनियर इस प्रोजेक्ट में शामिल हुए
4500 कारीगर और इंजीनियरों ने काम किया
चीन, अमेरिका, यूके और जर्मन तकनीक की मदद ली गई
93 साल के मूर्तिकार राम वी सुतार ने सबसे ऊंची प्रतिमा का डिज़ाइन बनाया

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सरदार पटेल (sardar patel) की मूर्ति यानी स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए रोज करीब 15 हज़ार देसी विदेशी पर्यटकों के आने की उम्मीद है. अभी इस प्रोजेक्ट से जुड़े हुए दूसरे काम पूरा होने में करीब 5 साल और लगेंगे.

स्टेच्यू ऑफ यनिटी में लाइट की कैसी व्यवस्था (lighting Statue Of Unity)

दुबई की लाइट यूनिलेड कंपनी को 1 करोड़ 23 लाख का लाइट लगाने का ठेका
182 मीटर ऊंची प्रतिमा में लेजर लाइट का इस्तेमाल हुआ
मूर्ति के चारों तरफ 3 लाइट टावर लगाए गए
टावर को मूर्ति से 700 मीटर की दूरी पर लगाया गया
1 टावर में 24 व्हाइट फ़्रेज़र लाइट लगाई गई हैं
दूसरे टावर में 50 से ज़्यादा लाइटें लगी हैं
1 लाइट 1000 वॉट की है
182 मीटर तक लेज़र लाइट लगाई गई है

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नरेन्द्र मोदी (narendara modi) जब गुजरात (gujrat) के मुख्यमंत्री थे, तब 31 अक्टूबर 2013 को उन्होंने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लिए भूमि पूजन किया था. लेकिन इस प्रतिमा का काम 2014 में शुरु हुआ था. 4 साल में मूर्ति बनकर तैयार हुई. सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर की मूर्ति दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है.

ये प्रतिमा गुजरात के नर्मदा ज़िले में मौजूद सरदार सरोवर डैम से 3.2 किलोमीटर दूर जहां पर बनी है उसे साधु टेकरी (sadhu ki tekri) कहा जाता है. पूरे प्रोजेक्ट की लागत 2 हज़ार 989 करोड़ रुपये है. जिसमें सिर्फ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का ही खर्च 1653 करोड़ रुपये है. जबकि बाकी पैसों से विज़िटिंग सेंटर, सड़क, मुख्य पुल और एक 3 स्टार होटल तैयार हुआ है.

सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा के सामने 182 मीटर की मूर्ति को कैसे खड़ा किया जाए. इस मूर्ति का बड़े से बड़े भूकंप में भी कुछ नहीं बिगड़ सकता.