जमातियों की बदसलूकी के बाद डॉक्टरों ने कपड़ों पर लगाए कैमरे, पहुंची सेना की टीम

निजामुद्दीन मरकज के जमातियों की बदसलूकी देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है. क्वारंटाइन किए गए जमातियों के डॉक्टरों और नर्सों से बदसलूकी करने की खबरें लगातार आ रही है.

tablighi jamaat misbehave cameras installed on doctors indian army
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इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और रेलवे ने जमातियों से परेशान डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को कपड़ों पर लगाने वाले कैमरे दिए हैं. ये कैमरे उनके शरीर पर लगाए गए हैं, ताकि तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी में बनाए गए क्वारंटाइन केंद्र में रह रहे जमातियों की बदसलूकी सामने आ सके. इनकी हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड होगी.

तुगलकाबाद क्वारंटाइन सेंटर में रेलवे के 10 मेडिकल स्टाफ के अलावा करीब दो दर्जन कर्मचारी व हेल्पिंग स्टाफ तैनात हैं. यहां करीब 167 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है. यहाँ के मेडिकल स्टाफ ने शिकायत की थी कि जमाती मेडिकल स्टाफ पर थूकने और अपने कपड़े उतारने जैसी हरकत कर रहे हैं. वे बिरयानी और गुटखे की मांग कर रहे हैं.

इसके साथ ही ये घरों की खिड़कियों, दीवारों व सड़कों पर जानबूझकर थूक रहे थे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को संक्रमित कर सकें. ये लोग डॉक्टरों पर भी थूक रहे थे. विदेशी सबसे ज्यादा परेशान कर रहे हैं. रेलवे सूत्रों ने बताया कि इनमें से चार में कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए जाने पर शुक्रवार को इन्हें डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया है.

वहीं दिल्ली नरेला में भी तबलीगी जमात के लोगों के लिए बने आइसोलेशन कैंप में ऐसी घटना सामने आईं जिसके बाद वहां इंडियन आर्मी की एक मेडिकल टीम भी पहुंच गई है. इतना ही नहीं इंडियन आर्मी ने अपनी मेडिकल टीम के साथ हथियारबंद प्रोटेक्शन टीम को भी भेजा है.

बतादें कि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित मरकज आने वाले तबलीगी जमात के करीब 700 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है और सभी को क्वारंटाइन सेंटर या अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

आखिर क्यों नहीं समझ पा रहे हैं ये जमाती ? सिर्फ 14 दिन ही आइसोलेशन सेंटर में रहना है उसके बाद सब ठीक होने के बाद सभी को छुट्टी दे दी जाएगी. कुछ लोगों का कहना है की हम बिलकुल ठीक हैं फिर हमें यहाँ क्यों रखा गया है. तो आपको बतादें कि कोरोना एक ऐसा वायरस है जिसके लक्षण आपको अपने शरीर में करीब 10 दिन बाद ही पता चलता है. और अगर इन 10 दिनों में आप किसी से भी मिलते हैं तो उसको भी खतरा हो सकता है. इसलिए 14 दिन के लिए आइसोलेशन सेंटर में रखा जा रहा है. इतनी सी बात कुछ लोग क्यों समझने को तैयार नहीं हैं.

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