स्विस बैंक ने भारत को सौंपी कालाधन रखने वाले भारतीय खाताधारकों की पहली लिस्ट, देखें-

देश में नोटबंदी के बाद से ही मोदी सरकार ने ऐलान किया था की जो विदेशों में काला धन छुपा रखा है वो भी वापस आएगा. जिसके बाद भारत सरकार ने स्विस बैंक से संपर्क किया था. और सरकार इसमें कामयाब भी हो गई है.

swiss bank provided first data-list indian accounts
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स्विस बैंकों में पैसे रखने वाले भारतीयों के खातों से जुड़ी जानकारियां भारत को मिलनी शुरू हो गई हैं. भारतीय खाताधारकों की पहली सूची स्विस बैंकों ने भारत को सौंप दी है. बतादें कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच बैंकिंग सूचनाओं के स्वतः आदान-प्रदान के समझौते के बाद 1 सितंबर से भारतीयों के स्विस बैंक खातों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है.

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बैंकर्स और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अधिकारियों का कहना है कि सूचनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है. इस लिस्ट में ज्यादातर खाते ऐसे हैं, जो कार्रवाई के डर से बंद कर दिए गए थे. राजनीति से संबंधित लोगों के खातों की गहनता से पड़ताल की जा रही है.

बैंक के अधिकारियों ने बताया कि स्विट्जरलैंड की सरकार के निर्देश पर वहां के बैंकों ने सभी भारतीयों का डेटा इकट्ठा किया और फिर भारत को सौंप दिया है. इसमें हर उस खाते में लेन-देन का पूरा विवरण दिया गया है, जो 2018 में एक भी दिन सक्रिय रहे हों. ये डेटा इन खातों में अघोषित संपत्ति रखने वालों के खिलाफ ठोस मुकदमा तैयार करने में बेहद सहायक साबित हो सकता है. इसमें जमा, हस्तांतरण और प्रतिभूतियों और अन्य संपत्ति श्रेणियों में निवेश से प्राप्त आय की पूरी जानकारी दी गई है.

पिछले कुछ सालों में इन खातों से भारी स्तर पर पैसे निकाले गए और कई खाते बंद हो गए हैं. भारतीय लोगों के कम से कम 100 ऐसे पुराने खाते भी हैं, जिन्हें 2018 से पहले ही बंद करा दिया गया है. ये खाते वाहन कल-पुर्जा, रसायन, वस्त्र, रीयल एस्टेट, हीरा और आभूषण, इस्पात जैसे अन्य कारोबार से जुड़े लोगों से संबंधित हैं.

इससे पहले इसी साल जून में स्विस सरकार ने विदेशी बैंकों में कालाधन रखने वाले 50 भारतीय कारोबारियों के नाम उजागर किए थे. स्विस बैंकों में पैसा रखने के मामले में ब्रिटेन सबसे आगे है. भारत इस समय 74वें नंबर पर है.