राम मंदिर ट्रस्ट में भ्रष्टाचारी हैं..मंदिर जमीन मामले पर गरजे शंकराचार्य

shankracharya on ram mandir land

दोस्तों अयोध्या में राम मंदिर बनावा रहे ट्रस्ट पर..जमीन खरीद में घोटाले के आरोप लगे..बात आई की जो जमीन राम मंदिर के लिए खरीदी गई उसके दाम 10 मिनट पहले 2 करोड़ थे..और जब राम लला के लिए उसी जमीन की खरीद हुई तो 10 मिनट बाद वही जमीन..राम मंदिर के लिए जमीन 18 करोड़ में खरीदी गई..16 करोड़ की दलाली बीच में खा ली गई…बहुत हंगामा हुआ खूब आरोप लगे..सरकार से लेकर मंदिर के ट्रस्ट तक सबने जमीन के सौदे को गंगा की तरह पवित्र बताया..

जितने लोगों ने मंदिर के ट्रस्ट पर जमीन खरीद में…चंदे का पैसा डकार जाने का आरोप लगाया..उन सब को राक्षस बताया गया..राम मंदिर की राह में रोड़ा अटकाने वाला असुर बताया गया..ऐसे ऐसे श्राप दिए गए कि आरोप लगाने वालों को लगने लगा था कि कहीं सच में उनका जन्म कलयुगी रावण के तौर पर तो नहीं हुआ..मामला शांत हो रहा था कि..शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने खुद प्रधानमंत्री से राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को हटाने की मांग कर दी है..शंकराचार्य के बीच में आने के बाद आरोप लगाने वालों को फिर से लगने लगा है कि वो रावण के नहीं राजा हरिश्चंद्र के समर्थक हैं..

दोस्तों अब तक विपक्ष ही चंपत राय की ईमानदारी पर सवाल उठा रहा था..जमीन खरीद में 16 करोड़ का घपला करने का आरोप लगा रहा था लेकिन अब शंकराचार्य ने कहा है कि सरकार ने राम मंदिर के लिए जो ट्रस्ट बनाया है..उसमें भ्रष्टाचारियों को शामिल कर लिया..चंपत राय कौन थे..ये पहले कोई नहीं जानता था, लेकिन उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में सर्वे सर्वा बना दिया गया..

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शंकराचार्य ने दो कदम और आगे बढ़ते हुए मंदिर के शिलान्यास पर भी सवाल उठा दिए..कहा मंदिर निर्माण के शिलान्यास में शुभ मुहूर्त का ध्यान नहीं दिया गया..मंदिर का शिलान्यास बेहद अशुभ मुहूर्त में किया गया है…जिसका हमने विरोध भी किया..लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया…इसी के कारण न्यासियों की बुद्धि खराब हो रही है..जिसका उदाहरण देखा जा सकता है..राम लला का मंदिर बनाने में दलाली खा जाने का आरोप आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह भी लगा चुके हैं..कांग्रेस भी मंदिर का पैसा खा जाने का आरोप राम मंदिर ट्रस्ट पर लगा चुकी है..और अब शंकराचार्य ने चंपत राय की ईमानदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं..

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