इमरान खान इतने ही उदार हैं तो वे मसूद अजहर को हमें सौंप दें, फिर होगी कोई बातचीत-

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना और आतंकवादी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के राह में चीन ने एक बार फिर अड़ंगा लगा दिया है. चीन की इस हरक़त से अमेरिका सहित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के कई सदस्य नाराज हैं.

sushma swaraj says on china using veto power to protect azhar
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इसी के चलते भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई है. उन्होंने कहा, जब तक पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर मौजूद आतंकी गुटों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है तब तक उससे कोई बातचीत नहीं हो सकती है. पाकिस्तान न केवल जैश को अपनी सरजमीं पर पाले हुए है बल्कि फंड भी मुहैया करा रहा है. इमरान खान इतने ही उदार और स्टेट्समैन हैं तो वे मसूद अजहर को हमें सौंप दें.

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सुषमा ने OIC बैठक पर बोलते हुए कहा की इस बैठक में गेस्ट ऑफ ऑनर बनकर भारत ने 50 साल पहले हुए अपमान का बदला लिया है. 1969 में भारत जब OIC बैठक में पहुंचा था तो उस समय पाकिस्तान के विरोध के चलते भारत को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी. और भारत को अपमानित होकर वापस लौटना पड़ा था. मगर इस बार भारत को गेस्ट ऑफ ऑनर की सीट पर देख कर पाकिस्तान खुद ही अपनी सीट छोड़कर भाग गया.

भारत समेत फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन मसूद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाये पर चीन ने इस प्रस्ताव पर बुधवार को वीटो लगा दिया. जिससे ये प्रस्ताव रद्द हो गया. जिससे अमेरिका सहित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के कई सदस्य नाराज हो गए हैं.

चीन के इस नापाक इरादे का पता समिति की बैठक से पहले ही लग गया था, जब उसने पुलवामा आतंकी हमले के गुनहगार मसूद के खिलाफ भारत से और सुबूत की मांग की थी.