ऑक्सीजन का आकाल: सुप्रीम कोर्ट ने कहा हालात डरावने हैं, केंद्र सरकार 4 मुद्दों पर नेशनल प्लान दे

देश में ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब माँगा. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाई लेवल रिव्यू मीटिंग की. मीटिंग के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सख्‍त रुख अपनाया है.

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राज्यों को ऑक्सीजन सप्लाई करने का आदेश

गृह मंत्रालय ने राज्यों को ऑक्सीजन सप्लाई करने का आदेश दिया है और कहा है कि राज्यों के बीच चिकित्सकीय ऑक्सीजन की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जानी चाहिए. राज्यों से कहा कि वे परिवहन निगमों को ऑक्सीजन परिवहन में शामिल वाहनों की मुक्त अंतरराज्यीय आवाजाही की इजाजत का आदेश दें. ऑक्सीजन उत्पादकों पर कोई पाबंदी नहीं है, आपूर्तिकर्ता जिस राज्य में स्थित हैं सिर्फ वहीं के अस्पतालों को जीवन रक्षक गैस की आपूर्ति करेंगे. अगर ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा पहुंचती है तो संबंधित जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार होंगे.

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आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत आदेश

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केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कठोर आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत उक्‍त आदेश जारी किए हैं. भल्ला ने कहा कि कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त और निर्बाध उपलब्धता बेहद जरूरी है. ऐसे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखना जरूरी है. ऐसे में आपदा प्रबंधन कानून के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्‍तेमाल करते हुए केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को अपने अधिकार क्षेत्र में निम्न निर्देशों का पालन सुनिश्चत करने का निर्देश जारी करती है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से माँगा नेशनल प्लान

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के अस्पतालों में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, बेड और जरूरी दवाओं की किल्लत को देखते हुए नोटिस दिया है. चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि हालात डरावने हैं. केंद्र सरकार 4 मुद्दों पर नेशनल प्लान दे. CJI एसए बोबडे की अगुआई वाली तीन जजों की बेंच ने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि इस वक्त कोरोना और ऑक्सीजन जैसे मुद्दों पर छह अलग-अलग हाईकोर्ट यानी दिल्ली, बॉम्बे, सिक्किम, मध्यप्रदेश, कलकत्ता और इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है. इससे कन्फ्यूजन पैदा हो सकता है. बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे इस मुद्दे पर नेशनल प्लान बताएं. हाईकोर्ट्स को भी इस बारे में बताएं.

चीफ जस्टिस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट 4 मुद्दों पर गौर कर रही है- ऑक्सीजन की सप्लाई, जरूरी दवाओं की सप्लाई, वैक्सीनेशन का तरीका, लॉकडाउन लगाने का राज्यों का अधिकार. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि कोरोना से निपटने के लिए आपके पास क्या व्यवस्था है.