निर्भया के दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन ख़ारिज, मुकेश ने राष्ट्रपति से की दया की मांग

निर्भया के दो दोषियों विनय शर्मा और मुकेश द्वारा दायर की गई क्यूरेटिव पिटीशन पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए खारिज कर दी है. अब दोनों दोषियों के पास बचने के लिए कोई क़ानूनी तरीका नहीं बचा है.

supreme court rejects curative petition in nirbhaya case
supreme court rejects curative petition in nirbhaya case

कोर्ट ने कहा कि दोषियों की पहले की दायर पुनर्विचार याचिका और क्यूरेटिव याचिका में खास अंतर नहीं है. इस याचिका में कोई ऐसी नई बात नहीं है जिसका संज्ञान लिया जा सके. क्यूरेटिव पिटीशन ख़ारिज होने के बाद दोषियों के पास अब राष्ट्रपति के पास दया याचिका का विकल्प बचा है, जिसमें फांसी की सजा को उम्रकैद की सजा में बदलने की अपील की जा सकती है.

वहीं दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति से दया की मांग भी कर दी है. इसके लिए उसने अपनी दया याचिका जेल प्रशासन को सौंप दी है. मुकेश के पास अपनी सजा कम करने के लिए यही अंतिम विकल्प बचा है.

फांसी की तारीख और समय सुनकर निर्भया के दोषियों की हालत खराब हो गई है. चारों के बर्ताव में बदलाव आया है. चारों में से तीन हिंसक होते जा रहे हैं. मगर चौथा बिल्कुल शांत बैठा रहता है. वहीं इससे पहले दोषी मुकेश सिंह को शनिवार को जेल में अपनी मां की याद आई, जिससे भावुक होकर उसने मां से मिलने की इच्छा जताई थी. इच्छा व्यक्त करने पर मुकेश को जेल में मां से मिलने की इजाजत दी गई थी.

मां से मिलते ही मुकेश भावूक हो गया और फूट-फूटकर रोने लगा. परिवारवालों ने उसे ये समझाया कि सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पेटिशन डाला गया है और ऐसे में जल्द सब ठीक हो जाएगा. साथ ही उन्होंने दया याचिका के बारे में भी बताया.

बतादें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 7 जनवरी को निर्भया के चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी कर दिया था. 22 जनवरी की तारीख फांसी के लिए तय कर दी गई है. और फांसी का समय भी सुबह सात बजे का रखा गया है. चारो दोषियों को फांसी दिल्‍ली के तिहाड़ जेल में दी जाएगी.

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में निर्भया के साथ दुष्कर्म हुआ था. 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में गैंगरेप हुआ था और आरोपियों ने उसके साथ बहुत ही दर्दनाक और शर्मनाक सुलूक किया था. छात्रा ने 29 दिसंबर 2012 को दम तोड़ दिया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को फांसी की सजा सुनाई थी.

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