पोस्टर विवाद: सुप्रीम कोर्ट पहुंची योगी सरकार, तीन जजों की बेंच करेगी सुनवाई

योगी सरकार ने 19 दिसंबर को लखनऊ में हुए हिंसक प्रदर्शन में 57 दंगाइयों के नाम सार्वजनिक किये थे. और लखनऊ भर में करीब 100 पोस्टर और होर्डिंग लगवाए थे. लेकिन 9 मार्च को हाईकोर्ट ने सभी पोस्टर हटाने का आदेश दिया था. जिसके बाद योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

Supreme Court hear plea of up govt Poster dispute
Supreme Court hear plea of up govt Poster dispute

आज 12 मार्च को उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका पर सुनवाई की. इस याचिका में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है. बहस के बाद अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक न लगाते हुए मामले को विस्तृत सुनवाई के लिए तीन जजों की पीठ के पास भेज दिया है. वहीं योगी सरकार ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कोर्ट में कहा कि जो लोग खुलेआम बंदूक लहरा रहे हैं उनकी कैसे निजता हो सकती है.

बतादें कि दंगाइयों को काबू में करने के लिए सभी राज्यों की सरकारों ने भरपूर प्रयास किया लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो फार्मूला अपनाया की जिससे खुद दंगाई ही कांप उठे. सभी को याद होगा की नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू होने के बाद 19 दिसंबर को लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन हुआ था. जिसमें सार्वजनिक संपत्ति का काफी नुकसान हुआ था.

उस समय दंगाइयों को जो भी दिख रहा था उसपर लाठी पत्थर चला रहे थे. कई पुलिस चौकियां फूंक दी. और कई कार, बस, मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया था. 4 से 5 दिन पूरे शहर में इंटरनेट बंद कर दिया गया था. ताकि कोई भड़काऊ मैसेज या वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करे.

उस दौरान लखनऊ के चार थाना क्षेत्रों में भयंकर हिंसा फैली थी. इनमें ठाकुरगंज, हजरतगंज, केसरबाग और हसनगंज का नाम शामिल है. उस समय सीएम योगी ने सख्त कदम उठाते हुए हिंसा में हुए नुक्सान की सारी भरपाई उपद्रवियों से करवाए जाने की बात कही थी. इसके बाद पुलिस ने फोटो-वीडियो के आधार पर 150 से अधिक लोगों को नोटिस भेजे थे.

कुछ दिन चली जांच के बाद मिले सबूतों के आधार पर प्रशासन ने 57 लोगों को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया था. लेकिन कोई भी नुक्सान की भरपाई के लिए सामने नहीं आया जिसके बाद गुरुवार 5 मार्च देर रात योगी सरकार ने सभी 57 उपद्रवियों की फोटो के साथ होर्डिंग लगवा दी. ये होर्डिंग उन इलाकों में लगवाए गए, जहां इन उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की थी. जिसमें चार जगह हसनगंज, हजरतगंज, केसरबाग और ठाकुरगंज इलाके शामिल हैं.

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