दीदी की दबंगई को देख डरा प्रशासन, केंद्रीय बलों की 800 कंपनियां हुईं तैनात

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के पिछले चरणों में हुई हिंसा की घटनाओं और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने अंतिम चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की है.

strong settlement of 800 security forses company in west bengal
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चुनाव आयोग ने सातवें और अंतिम चरण के चुनाव के लिए 800 कंपनी केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की है. आखिरी चरण में बंगाल की नौ लोकसभा सीटों पर मतदान होना है. बतादें कि बंगाल में लगातार हो रही हिंसक घटनाओं को देखते हुए भाजपा ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की थी. भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयोग से इस मसले पर कई मुलाकातें भी की थीं.

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चुनाव आयोग ने इसके अलावा पश्चिम बंगाल के दो पोलिंग अधिकारियों कौशिक दास, कार्यालय प्रभारी एमहर्स्ट स्ट्रीट और मिथुन कुमार डे, एसडीपीओ डायमंड हार्बर को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. अब दोनों को चुनाव से संबंधित कोई पद नहीं दिया जाएगा. वहीं कोलकाता पुलिस ने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने के मामले में जांच को लेकर एसआइटी गठित की है. मंगलवार को अमित शाह की रैली में ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी गई थी.

गुरुवार को ही बंगाल के महानगर से सटे दमदम लोकसभा क्षेत्र के नागर बाजार में बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुकुल राय की गाड़ी में रात करीब 11:15 बजे तोड़फोड़ की गई थी. सिर्फ गाड़ी ही नहीं मुकुल राय समेत भाजपा के अन्य नेताओं को एक मकान में करीब एक घंटे से अधिक समय तक घेर कर रखा गया था. इसका आरोप सीधा तृणमूल कांग्रेस समर्थकों पर लगा है. इन्ही सब को देखते हुए प्रशासन सख्त हो गया है.

इधर ममता दीदी को सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा झटका और दे दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने आज अपने पांच फरवरी के आदेश में संशोधन करते हुए शारदा चिटफंड मामले में कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक हटा दी है. कोर्ट ने कहा कि आज का आदेश 7 दिन बाद से लागू होगा. तब तक राजीव कुमार की गिरफ्तारी नहीं होगी. 7 दिन बाद सीबीआई राजीव कुमार को गिरफ्तार कर सकती है.