किसानों को रोज़ ‘6 हज़ार रुपये’ देगी योगी सरकार, पर रखी अपनी एक शर्त

योगी सरकार ने गायों के लिए एक नया फॉर्मूला निकला है. खेतों में आवारा घूम रहे पशुओं से किसानों को आये दिन परेशानी हो रही है. इसी परेशानी को दूर करने के लिए किसानों के पास प्रदेश के पशुपालन मंत्री एसपी सिंह बघेल एक बड़ा ऑफर लेकर पहुंचे. लोकसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में किसानों को भी खुश करना जरूरी है.

sp singh baghel says government will give 6 thousand rupees per day
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किसानों के दर्द को महसूस कर रहा हूं

कैबिनेट मंत्री बघेल आगरा रोड स्थित उदय गार्डन में आयोजित बीजेपी किसान मोर्चा ब्रज क्षेत्र की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मैं किसानों के दर्द को महसूस कर रहा हूं कि फसल के लिए रात-रात भर जागना पड़ता है. इसी तरह पहले के जमाने में डकैतों से बचने के लिए लोग गांवों में गश्त लगाते थे. ताकि कहीं डकैती न हो. मैं जब भी किसी गांव में जाता हूँ. तो लोग सड़क, पानी एवं बिजली के बजाये गोवंश की समस्या बताते हैं.

6 हजार रुपये का ऑफर

बघेल ने कहा कि इस समस्या का स्थायी समाधान है और उस पर काम शुरू हो चुका है. उन्होंने किसानों को ऑफर देते हुए कहा कि आप पांच बीघा में 200 गायों को रखें, और योगी सरकार हर एक गाय का 30 रुपये के हिसाब से प्रतिदिन 6 हजार रुपये आपको देगी. यानि आपको महीने में 1 लाख 80 हज़ार रुपये सरकार देगी. बघेल ने आगे बताया कि 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से सभी जनपद में गो संरक्षण सदन का निर्माण किया जा रहा है. 52 जगह निर्माण प्रगति पर है. हाथरस एवं अलीगढ़ में जगह चिह्नित कर लिया गया है.

आवारा पशुओं ने बर्बाद की फसलें

गांव में तेजी से बढ़ रहे आवारा पशुओं तथा नीलगायों के उत्पात से सभी फसलों पर खतरा मंडराने लगा है. ठंड के मौसम में रबी की फसल लगाई जाती है. किसान उसी की तैयारी में लगे हैं फसलों को लगा कर सिंचाई और खाद का छिड़काव भी कर दिया गया है. मगर आवारा पशुओं के झुंड से सभी किसान परेशान हो चुके हैं. आवारा पशु खेेतों में घ़ुसकर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं. इतनी भीषण ठंड के मौसम में किसान अपने खेतों की रखवाली भी नहीं कर पा रहे हैं.

कहाँ से आये इतने पशु ?

आखिर इतनी बड़ी तादात में ये आवारा पशु गांव में पहुंचे कैसे ? क्या आप जानते हैं. सूत्रों का कहना है की शहरों के सारे आवारा घूम रहे पशुओं को पकड़ कर गांव में छोड़ दिया गया है. वर्ना कभी ऐसा नहीं होता था. और शहर में आवारा पशुओं की संख्या कम भी हो गई है.

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