साथ आए शिवपाल अखिलेश, 7 उम्मीदवारों की साझा लिस्ट जारी

इटावा में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी एक हो गये हैं. जी हां सौ फीसदी सच सुन रहे हैं आप..

सपा और प्रसपा एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने जा रहे हैं..और ऐसा करने की वजह है इटावा की बरसों की रवायत को बरकरार रखना है…दरअसल इटावा ज़िला पंचायत अध्यक्ष पद की सीट पर भतीजे अंशुल को बनाये रखने के लिए चाचा शिवपाल यादव और सपा ने हाथ मिलाया है..सपा और प्रसपा ने जो लिस्ट जारी की है उसके सात उम्मीदवार एक ही हैं. चाचा शिवपाल सपा प्रत्याशी अंशुल यादव को अध्यक्ष पद के लिए पहले ही आशीर्वाद दे चुके हैं.

मुलायम परिवार में भले ही शिवपाल और समाजवादी पार्टी अलग चल रहे हों..लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष पद की विरासत की सीट को बचाने के लिए फिलहाल सपा और प्रसपा एक होकर इटावा में जिला पंचायत के चुनाव लड़ रही है. जिसके चलते सपा और प्रसपा ने निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक उर्फ अंशुल यादव को दोबारा से जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दी है. इसी को लेकर जसवंत नगर विधानसभा सीट में चाचा शिवपाल यादव ने बसपा समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में जनसभा करते हुए सपा के प्रत्याशी भतीजे अंशुल यादव को खुले मंच से आशीर्वाद दे दिया था

वहीं, जसवंत नगर विधानसभा से 9 जिला पंचायत सदस्यों की सीटें आती हैं और ये सीटें जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. ऐसे में निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव को दोबारा से जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए चाचा शिवपाल सिंह का आशीर्वाद लेना बहुत जरूरी था. अगर यहां भी सपा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में तालमेल नहीं बैठता तो जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सीट समाजवादी पार्टी के लिए बहुत मुश्किल हो जाती.

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