अग्निवीर बीजेपी दफ्तर के बाहर गार्ड बनेगा,4 साल बाद की पूरी प्लानिंग देखिए..व्यंग्य

PRAGYA KA PANNA
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अग्निवीर (Agnipath) रिटायर होकर क्या करेंगे..हवन करेंगे..हवलदार बनेंगे या चौकादार बनेंगे नहीं मालूम लेकिन बीजेपी के नेता और बीजेपी उनके साथ क्या करेगी..उसका फुल प्रूफ प्लान तैयार (See full Planning After 4 Years) कर लिया है..कैलाश विजय वर्गीय अग्निवीरों को बीजेपी के दफ्तर में गार्ड बनाकर रखेंगे..उन्होंने तय कर लिया है..अग्निवीर जब 4 साल बाद सेना से रिटारयर होंगे..तो बीजेपी दफ्तरों के बाहर मैं भी चौकीदार स्कीम का हिस्सा बनेंगे..

चाल साल देश सेवा में तिरंगे को सैल्यूट करते करते आदी हो चुका हाथ 4 साल बाद नेताओं को सैल्यूट मारेगा..वैसे भी पूरे देश में इतने बीजेपी कार्यालय तो खुल ही गए हैं..कि उनमें सिक्योरिटी गार्डों की नौकरी पर अग्निवीरों पर एडजस्ट किया जा सकता है..अब ये समझ में नहीं आ रहा है..कि 4 साल (See full Planning After 4 Years) की फौज की ट्रेनिंग देश सेवा के लिए दी जा रही है या फिर अघोषित तौर पर सिक्योरिटी गार्ड भर्ती योजना के लिए..

आप बताईये..ये नेता कैसे कह सकते हैं..कि ये अपने राजनीतिक दल के दफ्तर में अग्निवीरों को भर्ती करेंगे..कैलाश विजयवर्गीय जी जिस देश में ट्रेंड सैन्य शक्ति अपने अधिकारों और अपने देश की भलाई के लिए जाग जाती है तो वो नेताओं की गुलाम करती नहीं है नेताओं से गुलामी कराती हैं..खैर पहले अग्निवीरों से पूछिए कि क्या वो 4 साल (See full Planning After 4 Years) बाद अग्निवीर आपके दफ्तर के बाहर गार्ड की ड्रेस पहनकर खड़े होने के लिए तैयार हैं या नहीं..अब भारत की सवा सौ करोड़ जनाता के नए मालिक से मिलिए..

ये भारत इनका है..ये भारत के स्वामी हैं..ये भारत के मालिक हैं..ये भारत के राजा हैं..ये भारत पर राज कर रहे हैं..ना जवानों का देश में कुछ है ना किसानों का कुछ है..ये कहते हैं इनके मापदंडों पर पहले खरा उतरो..इनके मतलब बीजेपी के मंत्री के माप दंडों पर पहले खरा उतरो..ये कहते हैं नहीं लगता है मत आओ..कौन बोल रहा है आने के लिए इस देश की जनता चुनावों के समय धार्मिक तौर पर इमोशनल होजाती है..वर्ना ऐसे नेताओं से पूछा जाना चाहिए..पहले हमारे मापदंडों (See full Planning After 4 Years) पर खरा उतरो फिर सोचेंगे..लेकिन सबको हिंदू मुसलमान बनना होता है..कोई बोले ना बोले लेकिन मैं बोल रही हूं..मिस्टर वीके सिंह जी..कोरोना में आप ऐसे केंद्रीय मंत्री थे जो मंत्री होते हुए भी बेड ट्विटर पर मांग रहे थे..

आप तो आर्मी में रहे हैं..लेकिन बीजेपी नेता बनने के बाद चापलूसी में किसी भी हद से मत गुजर जाईए..जवान भले मर जाए..जवान के भीतर का इंसान भले मर जाए लेकिन उसका स्वाभिमान हमेशा जिंदा रहता है..मिस्टर वीके सिंह अगर आप सेना में 4 साल के लिए अग्नीवीर बने होते तो जनरल (See full Planning After 4 Years) ना होते देश ने जो सम्मान आप पर दोनों हाथों से लुटाया है वो कभी नहीं मिलता..कैलाश विजय वर्गीय के किसी बीजेपी दफ्तर के बाहर..अग्निवीर वाली वरियता पाकर..बीजेपी नेताओं को सलामी ठोक रहे होते..वैसे कर तो आप आज भी आप वही रहे हैं..खैर नेता बनते ही आदमी..आदमी नहीं रह जाता है..आपका कुसूर नहीं है..शांति से रात में सोते समय सोचिएगा..नेतागीरी में आप क्या से क्या हो गए हैं..

चलिए इनको छोड़िए..मोदी जी की अपनी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं..जी किशन रेड्डी ये कहते हैं..चार साल के बाद अग्निवीर..ड्राइवर बन सकते हैं..इलेक्ट्रीशियन बन सकते हैं..धोबी बन सकते हैं (See full Planning After 4 Years) ..नाई बन सकते हैं..क्या जी किशन रेड्डी अपने बच्चे के भीतर ये स्किल्स डेवलप करना चाहेंगे..और छोड़िए किशन रेड्डी जी आप पेड़ के नीचे बाल क्यों नहीं काटते हैं..नेता क्यों बने उधर मजा नहीं आता था क्या..इन नेताओं की सोच देश के दूसरे मां बाप के बच्चों के लिए दोयम दर्ज की थी..और हमेशा दोयम दर्जे की रहेगी..

सरकार तो जैसे धतूरा खाकर ही योजनाएं बनाती है..उल्टी सीधे नियम कानून बनाकर जनता पर थोप देती है..फिर जब उस पर गदर होता है..हंगामा कटता है तब जागती है..अग्निवीरों के विरोध के बाद भर्ती होने के लिए पहले बैच की उम्र 21 साल से 23 साल की गई है..केंद्रीय सशस्त्र बलों में 10% अग्निवीरों को आरक्षण मिलेगा..रवि किशन जी पूछते हैं कितने लोगों के पास 21 से 24 साल की उम्र में 12 लाख की पूंजी होती है..

रवि किशन जी मैं आपके ही आदरणीय परम आदरणीय परम श्रद्धेय जैसे कई लोगों को जानती हूं..कई लोग तो सरकार में नंबर दो पर हैं..जिनके लड़के इस उम्र में पूरा क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड चला (See full Planning After 4 Years) रहे हैं..तो ऐसे सवालों में देश को उलझाईये मत..इन 12 लाख रूपयो के लिए कच्चा अग्निवीर जान की बाजी लगाएगा..तब 12 लाख पाएगा..12 लाख आप फ्री फंड में नहीं देंगे..

खैर हां तो मैं बात इस पर कर रही थी कि सरकार बिना होमवर्क किए..सारी योजनाएं उतारती है..जब बवाल होता है तब सुधार करती है..या तो वापस ले लेती है..सरकार चर्चा करने से पता नहीं क्यों इतना डरती है..भईया संसद इसीलिए बनी है कि कानून लाओ तो चर्चा कर लो..वहीं दिल्ली में संसद (See full Planning After 4 Years) के भीतर ही पता चल जाएगा..कि कानून में क्या गलत है क्या सही लेकिन सरकार बहुमत में है तो सरकार को हर चीज धोपने की आदत हो चुकी है…सरकार का बनाया देश को समझ में ही नहीं आता..

नोटबंदी देश की समझ में नहीं आई..2-जीएसटी समझ में नहीं आई हर चौथे महीने परसंटेज इधर उधर किया करते हैं..CAA मुसलमानों की समझ में नहीं आया.. कृषि सुधार कानून किसानों (See full Planning After 4 Years) की समझ में नहीं आए..बोले तपस्या में कमी रह गई..NRC अबतक खुद कानून बनाने वालों को समझ में नहीं आई..बैंकों का निजीकरण बैंक कर्मचारियों की समझ में नहीं आया..रेलवे का निजीकरण, रेलकर्मचारियों की समझ में नहीं आया..और अब अग्निपथ अग्निवीरों को समझ में नहीं आ रहा है..

दिक्कत कहां है, योजना में या न समझा पाने वाले में या योजना बनाने वाले में..दोस्तों सरकार ने कहा है कि वो अग्निपथ स्कीम (See full Planning After 4 Years) वापस नहीं लेंगे..तो बैठे बैठे क्या करिएगा..करना है कुछ काम..बेरोजगारीसे जूझते देश में लीजिए प्रभु का नाम..अग्निपथ स्कीम में कोई बुराई नहीं है..अगर सामान्य भर्तियां निकालने के बाद वैकल्पिक तौर पर अग्निवीर स्कीम रखते..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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