मशहूर सारंगी वादक पं. विनोद मिश्रा की मौत से कलाकारों का फूटा गुस्सा, भातखंडे प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप

सांस्कृतिक मंचों पर सारंगी वादन का जादू बिखेरने वाले लखनऊ के मशहूर सारंगी वादक पंडित विनोद मिश्रा को ब्रेन हैमरेज होने के कारण उनकी मौत हो गई. उनका अंतिम संस्कार बैकुंठधाम पर किया गया.

sarangi ustad pandit vinod mishra dies bhatkhande university lucknow
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अंतिम संस्कार के मौके पर पं विनोद के भाई तबलावादक पं प्रमोद मिश्र, तबला वादक पं. रविनाथ मिश्र, उस्ताद युगांतर सिंदूर, पं धर्मनाथ मिश्र समेत कई साथी संगीत शिक्षक मौजूद रहे. वहीं अंतिम विदाई देने पहुंचे कई कलाकारों ने उनके असामयिक निधन के लिए भातखंडे की कुलपति प्रो. श्रुति सडोलीकर और विवि प्रशासन को जिम्मेदार को ठहराया है.

पं. विनोद कि बेटी प्रीति मिश्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि भातखंडे की कुलपति ने उनके पिता को जबरन अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी. उनकी पेंशन, गैच्युटी और अन्य रिटायरमेंट बेनिफिट भी रोक लिए थे. पिता जब भी भुगतान के लिए भातखंडे जाते तो उनसे रिश्वत मांगी जाती थी. कुलपति की शह पर हो रही प्रताड़ना के कारण मेरे पिता अवसाद में रहने लगे, इस दौरान उन्हें हार्ट अटैक भी पड़ा था. परिवार की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ने लगी थी. इसी चिंता में उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ और उनकी मौत हो गई.

वहीं भातखंडे की कुलपति प्रो. श्रुति सडोलीकर से जब सवाल पूछे गए तो उन्होंने कहा कि वो क्या थे, मैंने क्या किया, इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहूंगी. 27 जनवरी को संस्थान में प्रेसवार्ता कर अवगत करवाउंगी.

बतादें कि पंडित विनोद मिश्रा के परिवार में पत्नी के अलावा पुत्र महेंद्र, पुत्री नम्रता और पुत्री प्रीति मिश्रा हैं. पत्नी भी छह महीने से गंभीर रूप से बीमार हैं. परिवार वाले बड़ी मुश्किल से उनका इलाज करवा रहे हैं. वहीं बेटा भी जन्म से ही मानसिक रोग से पीड़ित है. पंडित विनोद मिश्र बीते कुछ दिनों से वे पीजीअीई मे भर्ती थे. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण राजधानी के कई कलाकार उनका इलाज करा रहे थे. पं. अर्जुन मिश्रा कथक अकादमी के निदेशक अनुज मिश्रा ने कलाकारों से अपील करते हुए कहा था कि वरिष्ठ कलाकार पंडित विनोद मिश्र के इलाज में मदद करने के लिए आगे आएं.

सवाल यहाँ ये उठता है कि इतने बड़े दिग्गज और मशहूर सारंगी वादक पंडित विनोद मिश्रा की ऐसी हालत हुई कैसे ? अनिवार्य सेवानिवृत्ति के बाद भी उनको पेंशन, गैच्युटी और अन्य रिटायरमेंट बेनिफिट क्यों नहीं मिले ? इसमें किसकी लापरवाही है ? ये जाँच का विषय है. जो भी इस मामले में दोषी हैं उन पर कार्यवाही होनी चाहिए.

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