सपा में वापस आएंगे पुराने नेता, अखिलेश मानेंगे मुलायम की हर बात ?

जब से अखिलेश ने बसपा प्रमुख मायावती से गठबंधन किया है. तब से लेकर हर मौकों पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव अपनी नाराजगी जता चुके हैं. गठबंधन के बाद भी लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद मुलायम सख्त तेवर में दिख रहे हैं.

samajwadi party mulayam singh yadav and akhilesh yadav
samajwadi party mulayam singh yadav and akhilesh yadav

सपा मुख्यालय पहुंचे मुलायम सिंह यादव खासे नाराज नजर आए और करारी हार पर पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर फटकार लगाई. मुलायम ने दो टूक पूछा कि बताओ, पार्टी कैसे हार गई, लेकिन पार्टी के नेता कोई जवाब न दे सके और बगलें झांकते रहे. एक-दो लोगों ने हार के कुछ तर्क गिनाए भी मगर उन्हें मुलायम की खरी-खरी सुननी पड़ी.

मुलायम सबसे ज्यादा कन्नौज में डिंपल यादव, फीरोजाबाद में अक्षय यादव और बदायूं में धर्मेंद्र यादव की हार से आहत हैं. उन्होंने पार्टी नेताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि तुम लोग तो घर की सीटें भी नहीं बचा सके. इस बैठक में गठबंधन भी चर्चा का विषय रहा. कुछ सपा नेताओं का ये भी कहना था कि चुनाव में जिन सीटों पर जीतने की उम्मीद थी, उनमें से कई सीटें बंटवारे में बसपा के पास चली गईं, सपा के खाते में ऐसी सीटें आईं, जहां पार्टी ने कभी जीत हासिल नहीं की थी.

इतना ही नहीं बैठक के बाद दबी जुबान से पार्टी पदाधिकारी ये भी चर्चा करते सुने गए कि बसपा ने हमारा इस्तेमाल कर सीटें बढ़ा लीं लेकिन हम इसे समय रहते समझ नहीं पाए. उधर हार के बाद अखिलेश पार्टी को फिर उसी तरह मजबूत करना चाहते हैैं, जैसा कभी मुलायम के समय पार्टी हुआ करती थी. पार्टी के पास तब हर वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले चेहरे थे और इन चेहरों की समाज में भी स्वीकार्यता थी.

खबर ये भी है कि समाजवादी युवजन सभा, समाजवादी छात्रसभा, समाजवादी लोहिया वाहिनी और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के साथ ही संगठन की कई इकाइयों का नये सिरे से गठन करने पर विचार शुरू हो रहा है. अब देखने वाली बात ये है कि क्या अखिलेश अपने पिता मुलायम के कहने पर चलेंगे और पार्टी से अलग हुए पुराने नेता वापस आएंगे की नहीं, इस पर सभी की नज़रें टिकी हैं.

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