मेरा मर्डर नहीं हुआ है..अफवाह पर प्रज्ञा मिश्रा जी ने जारी किया अपना बयान…

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम प्रज्ञा मिश्रा है..मैं लखनऊ से प्यार करने वाली..उत्तर प्रदेश की पत्रकार हूं..जब सबकी आत्माएं मर चुकी हैं..मैं तब भी जीवित हूं..सोशल मीडिया पर मेरे मर्डर के लाखों करोड़ों फॉर्वर्डेड मैसेजेज चल रहे हैं..फेसबुक ट्विटर इंस्टाग्राम व्ह्टसअप हर जगह मुझसे प्यार करने वाले..सच्ची बातों के लिए मुझे फॉलो करने वाले मेरे साथी..मेरी कुशल क्षेम पूछ रह हैं..सोशल मीडिया के मेरे साथियों को मेरी चिंता है..उनके हजारों मैसेजेज पड़े हैं सबके जवाब मैं नहीं दे पाई कि मैं जिंदा हूं. इसलिए मैं अपनी सलामती के बारे में बता रही हूं..दोस्तों मैं कोविड प्रोटोकॉल्स की वजह से घर पर हूं और बिल्कुल सुरक्षित हूं..मेरा मर्डर नहीं हुआ है..

                                 मेरे जैसी शारीरिक संरचना वाली जिस लड़की की मृत फोटो वायरल की जा रही है वो मेरी नहीं है. ये संयोग ही है कि वायरल मृत लड़की की कलाई पर मेरे जैसी सेम घड़ी..हाथ में कलावा भी मेरे जैसा ही है..कपड़े और चेहरे पर मास्क भी मुझसे मिलता जुलता है लेकिन मैं जिंदा हूं..कई साथियों ने ये चिंता जताई कि मैं सच बोलती हूं..इसलिए मेरे साथ ये घटना हो सकती है..आप समझ सकते हैं कि क्या वक्त आ चुका है...जहां सच बोलने वाला आसानी से मौत के करीब मान लिया जाता है..

                    देखिए मैं जिस परिवार में पली बढ़ी और जहां शादी करके गई हूं..वहां एक के बढ़कर एक चट्टान सिंह हैं..जो किसी को भी चकनाचूर करने की क्षमता चौबीसों घंटे रखते हैं..परिवार की बात ना भी करूं तो लखनऊ की हर गली..हर मोहल्ले में..हर दुकान..हर ठेले.. हर पान की दुकान...हर चाय की दुकान..सरकारी दफ्तरों..पार्कों..पुलिस चौकियों में मेरे समर्थक हैं..लगभग सभी जगहों पर मैं सबको जानती हूं..और सब मुझको जानते हैं..मैं अपने शहर के रिक्शेवाले भइया के बेटे के मुंडन में भी जाती हूं..ऑटो वाले भइया की बेटी के बर्थडे में भी जाती हूं. मैं आम लोगों की आम पत्रकार हूं..मैं इलीट क्लास एसी पत्रकार नहीं हूं..एसी घर बंग्ला घोड़ा गाड़ी..खेत खलिहान बागान सब कुछ है लेकिन मुझे उसका कोई मोह नहीं है..मुझे लोगों से बात करना पसंद है..इसलिए सड़कों पर रहती हूं.. 

दूसरी सबसे खास बात ये है कि मेरा लखनऊ नपुंसक नहीं है..कि एक लड़की को टुच्ची सी चाकू लेकर कोई चूहा मारता रहता रहे..और कोई बोले ना..लखनऊ के लोग मदद के मामले में बहुत आगे रहते हैं..वीडियो में दिखाई गई घटना अगर लखनऊ की होती ..तो मैं अपने लखनऊ की गारंटी लेती हूं..इस महिला का मर्डर नहीं हुआ होता..दुकानों से झांक रहे नामर्द मेरे लखनऊ के हो ही नहीं सकते..वीडियो कहां का है इसका फैक्ट चेक आप करिए लेकिन मुझे गुस्सा इस बात का नहीं है..कि मेरे मर्डर की फेक खबरें चल रही हैं मुझे असल में गुस्सा इस बात का है..नपुंसकों के शहर में एक चूहे जैसे दो कौड़ी के आदमी ने भीड़ के सामने एक महिला को मार दिया..दोस्तों मेरे लिए आप लोगों के प्यार और कंसर्न के लिए शुक्रिया…

PRAGYA MISHRA

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