दिवाली से पहले हटा दें ये चीज़ें, वर्ना आपके घर नहीं आएंगी ‘माँ लक्ष्मी’, देखें क्या है अशुभ-

दीपावली प्रकाश का उत्सव है, जो सत्य की जीत और आध्यात्मिक अज्ञान को दूर करने का प्रतीक भी है. दीपावली का अर्थ है दीपों (मिट्टी के दीप) की पंक्तियां. ये एक बहुत लोकप्रिय त्यौहार है. जो कार्तिक के 15वें दिन (अक्टूबर/नवम्बर) में मनाया जाता है. इस बार दिवाली 27 अक्टूबर को पड़ रही है.

Remove these things before Diwali, Maa Lakshmi will not come to your home
Remove these things before Diwali, Maa Lakshmi will not come to your home

इस दिन भगवान राम 14 वर्ष का बनवास काट कर अपने राज्य वापस लौटे थे. उनके आने की खुशी में पूरे राज्य को दीपों से जगमग किया गया. तभी से ये त्योहार मनाया जाने लगा. भारत के सभी त्यौहारों में सबसे सुन्दर दीवाली यानी प्रकाशोत्सव है. जिसमें गलियां मोहल्ले, घर, दुकान, ऑफिस अन्य जगहों को मिट्टी के दीपों से प्रकाशित किया जाता है.

ये त्यौहार नए वस्त्रों, आतिशबाजी और परिवार व मित्रों के साथ अनेको प्रकार की मिठाइयों के साथ मनाया जाता है. दीपावली बुराई पर विजय का सूचक है. इस दिन धन और समृद्धि की प्रतीक मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. कहा जाता है कि धन की देवी मां लक्ष्मी इस दिन घर में प्रवेश करती हैं. धार्मिक कथाओं के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को ही समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी का आगमन हुआ था. वहीं ये भी मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी का जन्म दिवस होता है.

सुख,समृद्धि की कामना करते हुए प्रत्येक व्यक्ति हर साल दीपावली पर अपने घर, दुकान, ऑफिस, मन्दिर की साफ सफाई जरूर करता है, ताकि धन की देवी लक्ष्मी उनके घर में वास करें और उनकी आर्थिक परेशानियों को दूर करें. ऐसा माना जाता है कि मां लक्ष्मी का वास उन घरों में नहीं होता है, जहां पर गंदगी और अशुभ चीजें होती है. मां लक्ष्मी को साफ सफाई पसंद है. ज्योतिष और वास्तुशास्त्र के अनुसार दीपावली पर घर में टूटी-फूटी चीजें भी नहीं होनी चाहिए.

टूटे हुए शीशे की चीजें-

अगर आपके घर के किसी भी कोने में टूटा हुआ शीशा रखा है या फिर आपकी खिड़की में टूटे हुए शीशे लगे हैं, तो उसे तुरंत घर से बाहर करें और उसकी जगह नया शीशा लगवाएं. घर पर टूटा शीशा रखना अशुभ होता है.

खराब इलेक्ट्रिक समान-

अगर आपके घर में कोई इलेक्ट्रिक समान खराब पड़े हैं, तो उसे बनवाकर दोबारा इस्तेमाल में ले या फिर दिवाली से पहले उसे घर से बाहर करना न भूलें. खराब पड़े ये बिजली के समान आपके सेहत और सौभाग्य दोनों के लिए अशुभ साबित होते हैं.

खंडित मूर्तियां-

याद रखें कि कभी भूलकर भी किसी देवी-देवता की खंडित मूर्ति या तस्वीर की पूजा नहीं करनी चाहिए. दुर्भाग्य को दूर करने के लिए दिवाली से पहले ऐसी फोटो और मूर्तियों को जरूर किसी पवित्र स्थान में ले जाकर दबा दें. या विसर्जित कर दें.

छत के हिस्से को रखें साफ-सुथरा-

दिवाली से पहले घर की छत साफ करें और पहले से पड़े हुए कूड़ा-कबाड़ या प्रयोग में न लाया जाने वाले सामान को घर से बाहर कर दें.

बंद पड़ी घड़ी को हटा दें-

वास्तु के अनुसार घड़ी आपके प्रगति का प्रतीक होती है. ऐसे में बंद घड़ी निश्चित रूप से आपकी उन्नति में बाधक है. इसलिए अगर घर में कहीं भी खराब घड़ी है तो उसे दिवाली से पहले जरूर घर से निकाल बाहर करें. या फिर उसे सही करा लें.

पुराने पड़े जूते-चप्पल-

दिवाली के त्योहार से पहले घर की सफाई करते समय अपने पुराने जूते- चप्पलों, जिनका आप उपयोग नहीं करते हैं, उन्हें घर से बाहर करना न भूलें. फटे-पुराने जूते-चप्पल घर में नकारात्मकता और दुर्भाग्य लाते हैं. इसे तुरंत बाहर करें.

टूटे हुए बर्तन-

कभी भी टूटे हुए बर्तनों का उपयोग नहीं करना चाहिए. इस दिवाली आप ऐसे सभी बर्तन जिनका आप लंबे समय से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या फिर टूटे हुए हैं, उन्हें घर से जरूर बाहर कर दें. या बदला कर नया ले लें. ये घर में लड़ाई का कारण बनते हैं.

घर का फर्नीचर-

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में टुटा फूटा फर्नीचर रखना अशुभ माना जाता है. घर का फर्नीचर एकदम सही हालत में होना चाहिए. वास्तु के अनुसार फर्नीचर में टूट-फूट बुरा असर डालती है.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *