RBI का ऐलान, EMI पर मिली 3 महीने की छूट, रेपो रेट, 0.75% घटाया, जानें आप पर कितना असर पड़ेगा

लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान किया है.

rbi three months emi moratorium reduce repo rate
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आरबीआई ने टर्म लोन की किश्त चुकाने में तीन महीने की छूट दी है. सभी कमर्शियल, रीजनल, रूरल, एनबीएफसी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों को सभी तरह के टर्म लोन की ईएमआई वसूलने से रोक दिया गया है. ग्राहक खुद चाहें तो भुगतान कर सकते हैं, बैंक दबाव नहीं डालेंगे. ये कदम इसलिए से उठाया गया है कि लॉकडाउन की वजह से जिनके पास वाकई नकदी की कमी होती है तो उन्हें कर्ज के भुगतान में कुछ समय मिल जाए.

वहीं आरबीआई ने रेपो रेट भी घटा दिया है. रेपो रेट पहले 5.15% था, अब 0.75% घटाकर 4.40% कर दिया गया है. ये 15 साल में सबसे कम है. रेपो रेट वो दर है, जिस पर बैंकों को आरबीआई से कर्ज मिलता है. अब बैंकों को सस्ता कर्ज मिलेगा तो वे ग्राहकों के लिए भी रेट घटाएंगे. हालाँकि लॉकडाउन की वजह से नए कर्ज लेने वालों की संख्या बढ़ने के आसार तो नहीं हैं. लेकिन, रेपो रेट से जुड़े कर्ज वाले मौजूदा ग्राहकों की ईएमआई कम हो जाएगी.

इसमें सभी वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, छोटे वित्त बैंकों और स्थानीय क्षेत्र के बैंकों सहित), सहकारी बैंक, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान और एनबीएफसी (हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां और माइक्रो-फाइनेंस संस्थान सहित) मोहलत दे सकते हैं. जिसमें कृषि ऋण और खुदरा ऋण के अलावा फसली ऋण भी शामिल हैं. खुदरा ऋण आमतौर पर होम लोन, पर्सनल लोन, एजुकेशन लोन, ऑटो और ऐसे कोई भी लोन होते हैं जिनका निश्चित कार्यकाल होता है. इनमें कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन भी शामिल हैं, जैसे मोबाइल, फ्रिज, टीवी आदि पर ईएमआई.

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 1.70 लाख करोड़ रुपए के पैकेज और 10 राहतों का ऐलान किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि दूसरे राज्यों से आने वाले कामगारों और गरीबों के लिए एक पैकेज तैयार है. ये पैकेज 1.70 लाख करोड़ रुपए का है. हमारी कोशिश रहेगी कि गांवों और शहरों में रहने वाला कोई भी गरीब भूखा न सोए. इसके तहत गरीबों को हर महीने 10 किलो का मुफ्त अनाज दिया जाएगा.

शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस वायरस से देश में 17 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 724 लोग संक्रमित हैं और 66 लोग ठीक हो चुके हैं. उच्चतम न्यायालय के रजिस्ट्री ऑफिस को 15 अप्रैल 2020 तक के लिए बंद कर दिया गया है.

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