आज निकलेगी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, शर्तों के साथ मिली इजाजत, पढ़ें- क्या है परंपरा

जगन्नाथ पुरी में विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा आज निकलेगी. सुप्रीम कोर्ट ने रथयात्रा आयोजित करने की अनुमति दे दी है. लेकिन इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश भी दिया है.

rath yatra allowed to be conducted in puri odisha
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सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कहा है कि रथयात्रा में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए राज्य सरकार को सख्त क़दम उठाना होगा. कड़ी सुरक्षा के साथ भक्तों के योगदान बिना रथयात्रा की रस्म पूरी की जाएगी. रथयात्रा से जुड़े सारे सेवायतों का कोविड टेस्ट किया जाएगा. मंदिर कमेटी, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के को-ऑर्डिनेशन में यात्रा निकालें, लेकिन लोगों की सेहत से समझौता नहीं होना चाहिए. अगर हालात बेकाबू होते दिखें तो ओडिशा सरकार यात्रा को रोक सकती है. वहीँ पुरी के अलावा ओडिशा में कहीं और यात्रा नहीं निकाली जाएगी.

कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रथयात्रा की तैयारी को लेकर बैठक बुलाई है. शाम होते ही नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन रथ को मंदिर के सिंह द्वार तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है. नंदीघोष भगवान जगन्नाथ का रथ है. तालध्वज पर बलराम विराजेंगे और दर्पदलन पर सुभद्रा. भीड़ जमा न हो इसलिए शहर में शाम 4 बजे से धारा 144 लागू कर दी गई है.

ओडिशा सरकार ने पुरी में सोमवार रात 9 बजे से बुधवार दोपहर दो बजे तक कम्पलीट लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है. सीएम पटनायक ने कहा दुनिया हमारी तरफ देख रही है. हमें अनुशासन बनाए रखना है. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर हमें दुनिया के सामने नजीर पेश करनी चाहिए.

यात्रा की सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं. रथयात्रा की शुरुआत सुबह 9 बजे से होगी. भगवान जगन्नाथ खिचड़ी खाकर निकलेंगे. तीनों रथों को खींचने के लिए शंखचूड़ा नागिन, वासुकी नाग और स्वर्णचूड़ा नागिन लाई गईं हैं. ये नारियल से बनी रस्सियों के नाम हैं. रथ खींचने वाले सेवादारों का कोरोना टेस्ट हो चुका है. सभी निगेटिव हैं.

जगन्नाथ रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होती है. जो मुख्य मंदिर से शुरू होकर 2.5 किलोमीटर दूर स्थित गुंडिचा मंदिर में जाती है. ये भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर माना जाता है. जहां भगवान 7 दिन तक आराम करते हैं और आषाढ़ शुक्ल दशमी को रथयात्रा फिर जगन्नाथ के मुख्य मंदिर पहुंचती है. ये बहुड़ा यात्रा कहलाती है.

गृह मंत्री अमित शाह ने बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए एक खास है, खासकर हमारे ओडिया बहनों और भाइयों के साथ-साथ महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के भक्तों के लिए, रथयात्रा चलती रहे, ये सुनिश्चित करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पूरा देश प्रसन्न है. ये मेरे साथ-साथ देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हर्ष की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को समझा, बल्कि इस मामले का सकारात्मक हल निकले, इसके लिए तुरंत प्रयास शुरू किए, जिससे हमारी यह महान परंपरा कायम रही.

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