ISI एजेंट राशिद से पूछताछ में बड़ा खुलासा, पाक के व्हाट्सएप ग्रुप में थे 49 भारतीय, होता था ये काम

उत्तर प्रदेश के चंदौली से पकड़े गए आईएसआई एजेंट राशिद से पूछताछ और जाँच के बाद पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है. राशिद की रिमांड बृहस्पतिवार की शाम को पूरी हो गई. जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है.

rashid was interrogate 49 indians added in pakistan whatsapp group
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राशिद से पूछताछ में 49 ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिली है जो व्हाट्स एप ग्रुप के माध्यम से आईएसआई के संपर्क में थे. राशिद दो बार 2017 और 2018 में पाकिस्तान जा चुका है. इस बात की पुष्टि उसके घर वालों ने भी की है. आईएसआई ने उसके ब्रेन को वॉश कर भारत के खिलाफ जहर भर दिया था. इसका सुबूत उसके सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट से मिला, जिसमें वो पाकिस्तान को अपना देश बता रहा था.

आईएसआई ने राशिद से दो भारतीय सिम मंगवाए थे, उस पर वॉट्सऐप एक्टिवेट कर उसी पर सेना से जुड़े फोटो-वीडियो राशिद भेजता था. जिन दो नंबरों पर आए व्हाट्स एप ओटीपी को पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के अधिकारियों को बताया था उसमें से एक मोबाइल नंबर को एटीएस ने रिकवर कर लिया है. इस नंबर पर ‘जिंदगी न मिलेगी’ नाम का एक व्हाट्स एप ग्रुप चलाया जा रहा था.

सबसे बड़ी बात ये है कि इस ग्रुप में 75 से ज्यादा सदस्य थे जिसमें भारत के करीब 49 नंबर जुड़े हुए थे. इस ग्रुप में राशिद का मौसेरा भाई शाहबेज भी जुड़ा हुआ है. एटीएस ने ग्रुप तो रिकवर कर लिए हैं लेकिन चैट रिकवर नहीं हो पाई है. राशिद अहमद चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली के चौरहट गांव अपने नाना जब्बार (70) के यहां अपनी मां शहजादी के साथ रहता था.

राशिद ग्लोसाईन बोर्ड बनाने का काम वाराणसी के नौरंगाबाद किसी दानिश के लिए काम करता था. राशिद के फोन से काशी विश्वनाथ मंदिर, बीएचयू, डीरेका, संकटमोचन मंदिर, सारनाथ, एयरपोर्ट, कैंट रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट, कचहरी, अस्सी, दशाश्वमेध समेत अन्य घाट और 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर, 95 बटालियन सीआरपीएफ, राजघाट पुल के अलावा अयोध्या, आगरा फोर्ट, गोरखपुर रेलवे स्टेशन, मीरजापुर, चंदौली और सोनभद्र के नक्सल प्रभावित इलाकों में मौजूद सीआरपीएफ कैंप, नागपुर रेलवे स्टेशन, अजमेर शरीफ, रेणुकूट थर्मल पावर प्लांट, नैनी पुल प्रयागराज, अर्धकुंभ से जुड़ी तस्वीरों के साथ उसके मोबाइल से अन्य जानकारियां ATS को मिली हैं.

वहीं दूसरे नंबर पर चल रहे व्हाट्स एप ग्रुप को रिकवर करने में एटीएस को कामयाबी नहीं मिल सकी है. इस नंबर के बारे में भी व्हाट्स एप सर्वर से डाटा मांगा गया है.

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